नगर निगम शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। नगर निगम के सदन से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का प्रस्ताव पास होने के बाद अब कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे जल्द ही 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वेस्ट टू एनर्जी प्लांट (कचरे से बिजली बनाने वाला) का रोड मैप तैयार होगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम ने कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर जारी कर दिए गए हैं। एजेंसी दो महीने बाद नगर आयुक्त को सौंपेगी रिपोर्ट इस हाईटेक प्लांट के निर्माण पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना और उससे ऊर्जा पैदा करना है। नियुक्त होने वाला कंसल्टेंट प्लांट की रूपरेखा, तकनीक और संचालन की बारीकियों पर काम करेगा। कंसल्टेंट को जिम्मेदारी मिलने के बाद दो महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपनी होगी। बिजली के नए स्रोत का होगा विकास अपर नगर आयुक्त डॉ अरविंद राव ने बताया कि, इस प्लांट के शुरू होने से शहर में कूड़े के पहाड़ से मुक्ति मिलेगी। बिजली उत्पादन के एक नए स्रोत का विकास होगा। नगर निगम की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में लखनऊ का नाम देश के सबसे स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल शहरों में प्रमुखता से लिया जाएगा। नगर निगम के सदन से भी प्लांट बनाने का प्रस्ताव पास हो गया है। इसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।


