हॉस्पिटल में दवाओं की आपूर्ति:पीबीएम हॉस्पिटल में 300 दवाओं की कमी सर्जिकल आइटमों के लिए 5 करोड़ का टेंडर

हॉस्पिटल में दवाओं की आपूर्ति:पीबीएम हॉस्पिटल में 300 दवाओं की कमी सर्जिकल आइटमों के लिए 5 करोड़ का टेंडर

संभाग के सबसे बड़े पीबीएम हॉस्पिटल में दवाओं की आपूर्ति अब तक सुचारू नहीं हो पाई है। कैनुला, घाव पर लगाने वाली पेपर चाटी, प्लास्टर करने के लिए पीओपी सहित करीब 300 तरह के सर्जिकल आइटम और दवाएं शॉर्ट चल रही हैं। राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) से सप्लाई व्यवस्था चरमराई हुई है। राहत की खबर यह है कि 500 से अधिक सर्जिकल आइटम खरीदने के लिए पांच करोड़ का टेंडर सोमवार को कर दिया गया। पीबीएम हॉस्पिटल में सर्जिकल आइटम्स की खरीद के लिए आठ-नौ फर्मों से रेट कॉन्ट्रैक्ट किया गया है। दो साल के लिए पांच करोड़ के टेंडर के वर्क ऑर्डर सोमवार को जारी कर दिए गए। इन फर्मों को सर्जिकल आइटम्स के ऑर्डर भेजने का काम अगले सप्ताह से शुरू होगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक जरूरी दवाओं की आपूर्ति सुचारू होने का दावा अस्पताल प्रशासन ने किया है। आरएमएससीएल के रुके हुए टेंडर मार्च में जारी करने की तैयारी है। सप्लाई आने में करीब तीन महीने लग सकते हैं। तब तक जरूरत के अनुसार रेट कॉन्ट्रैक्ट पर दवाएं और सर्जिकल आइटमों की खरीद की जाएगी। मरीजों को दवाएं नहीं मिलने पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्था, साफ-सफाई की खराब स्थिति तथा दवाओं की कमी के कारण मरीजों को हो रही समस्याओं को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने सोमवार को अधीक्षक के समक्ष प्रदर्शन किया। ज्ञापन देकर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। पूर्व शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने पीबीएम अधीक्षक डॉ. बीसी घीया को ज्ञापन देकर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरू की गई निशुल्क दवा एवं जांच योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। मरीजों को निजी लैब और मेडिकल स्टोर्स पर भेजा जा रहा है। हार्ट हॉस्पिटल में ट्रॉपी जैसी जांच नहीं हो रही है। आवश्यक जांचें बाहर करवाई जा रही हैं, जिससे गरीब परेशान हैं। नर्सिंग स्टाफ व अन्य कर्मचारियों की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, साथ ही कुछ जगह मरीजों के साथ असंतोषजनक व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं। गहलोत ने कहा कि क्षेत्र की विधायक सिद्धि कुमारी ने जनता की समस्याओं पर ध्यान देना बंद कर दिया है। पीबीएम अस्पताल की बदहाल स्थिति से उनका कोई लेना-देना नहीं, जबकि यह अस्पताल पूरे संभाग के लिए जीवन रेखा है। कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में पीसीसी महासचिव जिया उर रहमान आरिफ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष जावेद पडियार, उपाध्यक्ष टिंकू भाटी, साजिद सुलेमानी, दिलीप बांठिया, विकास तंवर, विक्की चड्डा, राहुल जादुसंगत, मनोज किराडू, ब्लॉक अध्यक्ष सुमित कोचर, शहजाद भुट्टो, अकबर खादी, महेंद्र देवड़ा, नंदलाल गहलोत, गौरी शंकर गहलोत सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सीएमएचओ से 8 लाख सीरिंज आई
सीएमएचओ के यहां सीरिंज की सप्लाई का टेंडर चल रहा है। पीबीएम में सीरिंज शॉर्ट होने पर सीएमएचओ से 2, 5 और 10 एमएल की करीब आठ लाख सीरिंज पंद्रह दिन पहले मंगवाई गई थीं, जिसमें से 2 और 5 लाख की करीब एक लाख बची हैं। 10 एमएल की खत्म हो गईं। क्योंकि इसका उपयोग सबसे ज्यादा होता है। इसके लिए डेढ़ लाख की डिमांड और भेजी गई है। पिछली खेप सीएमएचओ ने डोनेशन पर दी थी। जब तक आरएमएससीएल से सप्लाई नहीं आती, सीएमएचओ से सीरिंज मंगवाने की कवायद की जा रही है। “अप्रैल में दवाओं की आपूर्ति सुचारू होने की पूरी उम्मीद है। सर्जिकल आइटम्स के लिए वर्क ऑर्डर कर दिए गए हैं। फर्मों को सप्लाई के लिए जल्दी ही ऑर्डर जारी किए जाएंगे।”
-डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम “पीबीएम हॉस्पिटल में दवाओं की भारी किल्लत है। मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। सरकार के चिकित्सा मंत्री जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं, लेकिन पीबीएम की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं।”
-यशपाल गहलोत, कांग्रेसी नेता

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