हनुमानगढ़ जिले के कई हिस्सों में सोमवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम में अचानक ठंडक महसूस की गई। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की फुहारें दर्ज की गईं। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है। रबी फसलों की कटाई के बीच मौसम के इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दो-तीन दिनों से लगातार बादल छाए हुए थे और रविवार को तेज हवाएं भी चलीं, जिससे खेतों में चल रहे कटाई कार्य प्रभावित हुए। सोमवार सुबह हुई हल्की बारिश ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। गेहूं की फसल पककर तैयार
इस समय जिले में गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार है। वहीं, चने और सरसों की कटाई व कढ़ाई का काम तेजी से चल रहा है। कई किसानों ने सरसों और चने की फसल काटकर खेतों में ही ढेर लगा रखे हैं। ऐसे में बारिश होने से इन कटी हुई फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कटी हुई फसलों के खराब होने का डर
किसानों का कहना है कि यदि बारिश तेज या लगातार होती है, तो पकी हुई गेहूं की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। इसके अतिरिक्त, तेज हवाओं के कारण खड़ी गेहूं की फसल के गिरने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों को हो सकता है भारी नुकसान
मार्च महीने में मौसम लगातार करवट ले रहा है। इस बदलते मौसम के बीच किसान जल्द से जल्द अपनी फसल समेटने में जुटे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम जल्द साफ हो जाता है, तो नुकसान टाला जा सकता है, लेकिन बारिश और आंधी का दौर जारी रहा तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।


