बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने रविवार को वार्षिक माध्यमिक परीक्षा (मैट्रिक) का परिणाम घोषित कर दिया। मुंगेर से कोई भी विद्यार्थी राज्य के टॉप टेन में शामिल नहीं हो सका, हालांकि जिले के टॉपर्स को राज्य के टॉप टेन से मात्र तीन से पांच अंक ही कम मिले हैं। संग्रामपुर प्रखंड के हाई स्कूल मंझगांय की छात्रा राखी कुमारी ने 478 अंकों के साथ जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर हाई स्कूल लोहची के छात्र रितिक कुमार रहे, जिन्हें 477 अंक प्राप्त हुए। वहीं, गांधी उच्च विद्यालय कुतलुपुर के छात्र लोकेश भारद्वाज ने 476 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। जिला टॉपर राखी कुमारी प्लस टू उच्च विद्यालय मंझगांय की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षक विद्याधर मिश्रा, चंदन कुमार, विभाष कुमार और अपने माता-पिता को दिया। राखी ने बताया कि उन्हें यह सफलता सभी के सहयोग और स्वाध्याय के बल पर मिली है। कठिन सवालों को हल करने के लिए उन्होंने मोबाइल का भी सहारा लिया। राखी आगे चलकर डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं। उनके पिता पप्पू कुमार मैकेनिक का काम करते हैं और रामपुर में ‘पप्पू इलेक्ट्रॉनिक’ नाम से दुकान चलाते हैं। पप्पू कुमार ने बताया कि उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। उनकी बड़ी बेटी ने इस बार इंटर में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया था, लेकिन मंझली बेटी राखी के जिला टॉपर बनने से उन्हें बहुत खुशी है और उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। मिठाई की दुकानदार का बेटा बना जिला टॉपर
वहीं हवेली खड़गपुर प्रखंड के हाई स्कूल लोहची के छात्र रितिक कुमार रोल नंबर 2600129 ने 477 अंक यानी 95.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। रितिक कुमार नाकी पंचायत के लोहची निवासी डिस्को साह का पुत्र है। पिता डिस्को साह की लोहची में मिठाई की दुकान है। रितिक पांच बहन और एक भाई है। परिवार के सदस्य बताते है कि रितिक बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहा है। उसका पूरा फोकस पढ़ाई पर ही रहता है जबकि पिता मिठाई दुकान चलाकर अपनी पांच बेटियों की अच्छी परवरिश और उनकी तालीम में कोई कमी नहीं करते। पिता की गैरमौजूदगी में वह भी दुकान चलाता है और पढ़ाई में कोई कोर कसर नहीं करता। रितिक के दादा देवी प्रसाद साह के साथ पिता डिस्को साह और मां लीलावती देवी और बहन अपने भाई के जिला में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर काफी खुश है। रितिक ने बताया कि माता पिता के साथ अपने ऑफ लाइन टीचर और विद्यालय के गुरुजनों को इस परिणाम का श्रेय देना चाहूंगा। मैट्रिक परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया
उन्होंने कहा कि 6 से 7 घंटा तक पढ़ाई करता हूं। वहीं रितिक ने बताया कि आगे वह नेशनल डिफेंस एकेडमी में जाना चाहता है। पिता डिस्को साह और मां लीलावती देवी बताती है कि बेटे रितिक ने मैट्रिक परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है यह हमारे परिवार के लिए काफी खुशी और उपलब्धि की बात है। इधर रितिक की सफलता पर परिजनों के साथ आसपास के लोग भी उन्हें बधाई देने पहुंचे और मिठाई खिलाकर उसे बधाई दी। इसी कड़ी में नगर क्षेत्र के झील पथ स्थित राजकीय प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र गोलू कुमार रोल नम्बर 2600167 ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 470 अंक यानी 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। गोलू कुमार ने जिले में 8वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि अनुमंडल स्तर पर उन्हें द्वितीय स्थान मिला है। दोनों छात्रों की इस उपलब्धि से उनके विद्यालय, अभिभावकों एवं पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। किसान के बेटे ने प्राप्त किया तीसरा स्थान
जिले का तृतीय टापर लोकेश भारद्वाज सदर प्रखंड के कुतलुपुर दियारा स्थित बहादुरनगर गांव के कचहरी टोला वार्ड संख्या-17 का रहने वाला है। लोकेश के पिता पंकज कुमार सिंह किसान हैं तथा मां बुलबुल देवी गृहणी हैं। पंकज कुमार सिंह वार्ड संख्या-17 के वार्ड सदस्य हैं तथा आरटीआई कार्यकर्ता भी हैं। पंकज कुमार सिंह ने बताया कि लोकेश कुमार बचपन से ही मेधावी छात्र रहा है। परीक्षाफल प्रकाशन से पहले 26 मार्च को बीएसईबी के माध्यम से उसे पटना बुलाया गया था तथा वहां लिखित जांच भी की गई। लोकेश कुमार संसाधन की काफी कमी के बावजूद गांव में ही रहकर पढ़ाई किया तथा अपनी मेहनत के बदौलत इस स्थान को प्राप्त किया है। लोकेश भारद्वाज ने बताया कि उसके माता-पिता, चाचा सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे पढ़ने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। वह आगे पढ़ाई कर सिविल सर्विसेज की तैयारी करना चाहता है। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com बिहार में फिर बनाया रिकॉर्ड
बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहराया है। SMS से भी देख सकते हैं रिजल्ट
जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा। बिहार के टॉपर को मिलेंगे 2 लाख
बिहार बोर्ड के 10वीं में टॉप करने वाली छात्रों को सरकार की तरफ से कैश इनाम मिलते है। बिहार बोर्ड 10वीं के टॉपर को 2 लाख, दूसरे टॉपर को डेढ़ लाख और तीसरे टॉपर को 1 लाख रुपए से प्राइज मनी मिलेगी। चौथे स्थान पर आने वाले छात्रों को 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा टॉप-10 में आने वाले सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप और मेडल दिया जाएगा। बार कोडिंग और OMR सिस्टम
बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कॉपियों की बारकोडिंग की व्यवस्था लागू की थी। इसके साथ ही 50% ऑब्जेक्टिव सवालों के लिए ओएमआर (OMR) शीट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका मूल्यांकन मशीनों से होता है। यही वजह है कि रिजल्ट अब त्रुटिहीन और जल्दी आते हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने रविवार को वार्षिक माध्यमिक परीक्षा (मैट्रिक) का परिणाम घोषित कर दिया। मुंगेर से कोई भी विद्यार्थी राज्य के टॉप टेन में शामिल नहीं हो सका, हालांकि जिले के टॉपर्स को राज्य के टॉप टेन से मात्र तीन से पांच अंक ही कम मिले हैं। संग्रामपुर प्रखंड के हाई स्कूल मंझगांय की छात्रा राखी कुमारी ने 478 अंकों के साथ जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर हाई स्कूल लोहची के छात्र रितिक कुमार रहे, जिन्हें 477 अंक प्राप्त हुए। वहीं, गांधी उच्च विद्यालय कुतलुपुर के छात्र लोकेश भारद्वाज ने 476 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। जिला टॉपर राखी कुमारी प्लस टू उच्च विद्यालय मंझगांय की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षक विद्याधर मिश्रा, चंदन कुमार, विभाष कुमार और अपने माता-पिता को दिया। राखी ने बताया कि उन्हें यह सफलता सभी के सहयोग और स्वाध्याय के बल पर मिली है। कठिन सवालों को हल करने के लिए उन्होंने मोबाइल का भी सहारा लिया। राखी आगे चलकर डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं। उनके पिता पप्पू कुमार मैकेनिक का काम करते हैं और रामपुर में ‘पप्पू इलेक्ट्रॉनिक’ नाम से दुकान चलाते हैं। पप्पू कुमार ने बताया कि उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। उनकी बड़ी बेटी ने इस बार इंटर में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया था, लेकिन मंझली बेटी राखी के जिला टॉपर बनने से उन्हें बहुत खुशी है और उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। मिठाई की दुकानदार का बेटा बना जिला टॉपर
वहीं हवेली खड़गपुर प्रखंड के हाई स्कूल लोहची के छात्र रितिक कुमार रोल नंबर 2600129 ने 477 अंक यानी 95.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। रितिक कुमार नाकी पंचायत के लोहची निवासी डिस्को साह का पुत्र है। पिता डिस्को साह की लोहची में मिठाई की दुकान है। रितिक पांच बहन और एक भाई है। परिवार के सदस्य बताते है कि रितिक बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहा है। उसका पूरा फोकस पढ़ाई पर ही रहता है जबकि पिता मिठाई दुकान चलाकर अपनी पांच बेटियों की अच्छी परवरिश और उनकी तालीम में कोई कमी नहीं करते। पिता की गैरमौजूदगी में वह भी दुकान चलाता है और पढ़ाई में कोई कोर कसर नहीं करता। रितिक के दादा देवी प्रसाद साह के साथ पिता डिस्को साह और मां लीलावती देवी और बहन अपने भाई के जिला में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर काफी खुश है। रितिक ने बताया कि माता पिता के साथ अपने ऑफ लाइन टीचर और विद्यालय के गुरुजनों को इस परिणाम का श्रेय देना चाहूंगा। मैट्रिक परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया
उन्होंने कहा कि 6 से 7 घंटा तक पढ़ाई करता हूं। वहीं रितिक ने बताया कि आगे वह नेशनल डिफेंस एकेडमी में जाना चाहता है। पिता डिस्को साह और मां लीलावती देवी बताती है कि बेटे रितिक ने मैट्रिक परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है यह हमारे परिवार के लिए काफी खुशी और उपलब्धि की बात है। इधर रितिक की सफलता पर परिजनों के साथ आसपास के लोग भी उन्हें बधाई देने पहुंचे और मिठाई खिलाकर उसे बधाई दी। इसी कड़ी में नगर क्षेत्र के झील पथ स्थित राजकीय प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र गोलू कुमार रोल नम्बर 2600167 ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 470 अंक यानी 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। गोलू कुमार ने जिले में 8वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि अनुमंडल स्तर पर उन्हें द्वितीय स्थान मिला है। दोनों छात्रों की इस उपलब्धि से उनके विद्यालय, अभिभावकों एवं पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। किसान के बेटे ने प्राप्त किया तीसरा स्थान
जिले का तृतीय टापर लोकेश भारद्वाज सदर प्रखंड के कुतलुपुर दियारा स्थित बहादुरनगर गांव के कचहरी टोला वार्ड संख्या-17 का रहने वाला है। लोकेश के पिता पंकज कुमार सिंह किसान हैं तथा मां बुलबुल देवी गृहणी हैं। पंकज कुमार सिंह वार्ड संख्या-17 के वार्ड सदस्य हैं तथा आरटीआई कार्यकर्ता भी हैं। पंकज कुमार सिंह ने बताया कि लोकेश कुमार बचपन से ही मेधावी छात्र रहा है। परीक्षाफल प्रकाशन से पहले 26 मार्च को बीएसईबी के माध्यम से उसे पटना बुलाया गया था तथा वहां लिखित जांच भी की गई। लोकेश कुमार संसाधन की काफी कमी के बावजूद गांव में ही रहकर पढ़ाई किया तथा अपनी मेहनत के बदौलत इस स्थान को प्राप्त किया है। लोकेश भारद्वाज ने बताया कि उसके माता-पिता, चाचा सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे पढ़ने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। वह आगे पढ़ाई कर सिविल सर्विसेज की तैयारी करना चाहता है। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com बिहार में फिर बनाया रिकॉर्ड
बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहराया है। SMS से भी देख सकते हैं रिजल्ट
जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा। बिहार के टॉपर को मिलेंगे 2 लाख
बिहार बोर्ड के 10वीं में टॉप करने वाली छात्रों को सरकार की तरफ से कैश इनाम मिलते है। बिहार बोर्ड 10वीं के टॉपर को 2 लाख, दूसरे टॉपर को डेढ़ लाख और तीसरे टॉपर को 1 लाख रुपए से प्राइज मनी मिलेगी। चौथे स्थान पर आने वाले छात्रों को 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा टॉप-10 में आने वाले सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप और मेडल दिया जाएगा। बार कोडिंग और OMR सिस्टम
बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कॉपियों की बारकोडिंग की व्यवस्था लागू की थी। इसके साथ ही 50% ऑब्जेक्टिव सवालों के लिए ओएमआर (OMR) शीट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका मूल्यांकन मशीनों से होता है। यही वजह है कि रिजल्ट अब त्रुटिहीन और जल्दी आते हैं।


