गोरखपुर में पेट्रोल और डीजल को लेकर जो घबराहट पिछले कुछ दिनों में देखने को मिली थी, अब वह पूरी तरह खत्म हो चुकी है। शहर का माहौल बिल्कुल शांत और सामान्य नजर आ रहा है। पेट्रोल पंपों पर न तो भीड़ है और न ही किसी तरह की अफरा-तफरी। यहां तक तेल भरने वाले कर्मचारी कस्टमर का वेट करते भी दिखाई दिए। सुबह से ही दिखी सामान्य स्थिति रविवार सुबह से ही शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित पेट्रोल पंपों पर बहुत कम लोग पहुंचे। ज्यादातर जगहों पर एक समय में सिर्फ 2–4 ग्राहक ही नजर आए। लोग आराम से अपने वाहन में पेट्रोल या डीजल भरवा रहे थे और कुछ ही मिनटों में वहां से निकल जा रहे थे। पहले की तरह लंबी लाइनें या घंटों इंतजार करने जैसी कोई स्थिति नहीं रही। पंप कर्मचारियों को करना पड़ा इंतजार कई पेट्रोल पंपों पर तो हालात ऐसे रहे कि कर्मचारियों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ा। जहां पहले भीड़ को संभालना मुश्किल हो रहा था, वहीं अब पंप लगभग खाली दिखे। इससे साफ है कि लोगों में अब डर खत्म हो गया है। पहले मची थी अफरा-तफरी बुधवार और गुरुवार को अचानक यह खबर फैल गई थी कि पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है। इसी डर के कारण लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। कई जगहों पर लंबी-लंबी लाइनें लग गईं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ स्थानों पर तो धक्का-मुक्की और झगड़े की स्थिति भी बन गई थी। असल में यह पूरी स्थिति अफवाहों के कारण बनी थी। लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाना शुरू कर दिया, जिससे अचानक भीड़ बढ़ गई। प्रशासन ने संभाली स्थिति जैसे ही हालात बिगड़ने लगे, प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सप्लाई लगातार जारी है और सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पेट्रोल पंप मालिकों और मैनेजरों का भी कहना है कि पहले भी ईंधन की कमी नहीं थी और अब भी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल भरवाएं।


