कानपुर मंडल समेत मध्य उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सुबह से ही तेज धूप के साथ आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को गर्मी और राहत दोनों का मिला-जुला अहसास हो रहा है। मौसम के इस बदलते मिजाज को लेकर विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों के लिए अहम संकेत दिए हैं, जो आमजन के साथ किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
धूप के बीच बादलों की आवाजाही, मौसम में दिखा बदलाव
सुबह से ही आसमान साफ रहने के बावजूद बीच-बीच में बादलों की हल्की मौजूदगी देखी जा रही है। इससे धूप की तीव्रता में कभी कमी तो कभी तेजी महसूस हो रही है। लोगों को सुबह के समय हल्की ठंडक तो दोपहर में गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है।मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी हवाओं की सक्रियता फिर से बढ़ने लगी है।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने बढ़ाई रफ्तार, दोपहर में बढ़ेगा असर
सुबह के समय हल्की गति से चलने वाली हवाएं दोपहर तक 1 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। हवाओं की इस बढ़ती रफ्तार का असर तापमान और वातावरण दोनों पर साफ तौर पर देखा जाएगा। दिन के समय गर्मी का प्रभाव बढ़ सकता है, हालांकि हवाएं बीच-बीच में राहत भी देंगी।दिन के तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। बीते कुछ दिनों से चल रही हल्की ठंडक अब कम होती दिख रही है और दोपहर के समय गर्मी का एहसास बढ़ेगा।
5 अप्रैल तक तापमान में उतार-चढ़ाव, हवाओं से राहत जारी
विशेषज्ञों का कहना है कि 5 अप्रैल तक तापमान में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। यानी कभी तेज धूप तो कभी हल्की ठंडी हवा, मौसम का यह मिश्रित रूप लोगों को कुछ दिन और झेलना पड़ेगा। खासकर गंगा के मैदानी इलाकों, जिनमें कानपुर मंडल भी शामिल है, वहां कूल हवाओं का असर बना रहेगा।
मौसम के इस बदलाव का असर दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा है। सुबह घर से निकलते समय जहां हल्की ठंडक महसूस होती है, वहीं दोपहर में तेज धूप परेशान कर सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे दिनभर के मौसम के हिसाब से अपनी दिनचर्या तय करें।
किसानों के लिए भी यह समय सतर्क रहने का है। तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव का असर फसलों पर पड़ सकता है, इसलिए सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों को मौसम के अनुसार ही करने की सलाह दी गई है।


