IPL 2026 से पहले मुंबई इंडियंस के खेमे से आई बड़ी खबर, बेंगलुरु के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस पहुंचे जसप्रीत बुमराह

IPL 2026 से पहले मुंबई इंडियंस के खेमे से आई बड़ी खबर, बेंगलुरु के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस पहुंचे जसप्रीत बुमराह

आईपीएल 2026 का आगाज होने में अब सिर्फ दो दिन शेष हैं। इससे पहले मुंबई इंडियंस के खेमे से बड़ी खबर आ रही है। भारत के स्‍टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह कथित तौर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि बुमराह बुमराह जांच के लिए सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस जाते रहते हैं। वहां उनकी पूरी तरह से जांच की जाती है और अगर कोई समस्या, चोट या बायोमैकेनिक्स से जुड़ी कोई दिक्कत होती है, तो उन समस्याओं को ठीक करने के लिए उनके लिए एक प्लान बनाया जाता है।

दरअसल, सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस की वजह से ही जसप्रीत बुमराह इतने सालों तक अपने बेहतरीन फॉर्म में बने रह पाए हैं। तमाम तरह की चोटों के बावजूद वह आज भी उतनी ही तेज गति से गेंदबाजी कर रहे हैं, जितनी वह तब करते थे, जब वह काफी कम उम्र के थे।

आईपीएल से ठीक पहले सीईओ जाने से हैरानी

इंडियन प्रीमियर लीग का 19वां ​​सीजन दो दिन बाद शुरू होने वाला है, ऐसे में यह थोड़ा हैरानी की बात है कि 32 साल के बुमराह इस समय सीईओ में हैं। बुमराह ने पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए पूरे सीजन के लिए अपनी उपलब्धता जाहिर की है और उनका सीजन 29 मार्च को शुरू होगा, जब वे वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेलने उतरेंगे।

भारत को लगातार दूसरा टी20 वर्ल्‍ड कप जिताने में अहम भूमिका

उम्मीद है कि बुमराह का सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस का यह दौरा सिर्फ एक रूटीन दौरा है। वह अब तक के भारत के सबसे महान तेज गेंदबाज हैं और हाल ही में समाप्त हुए T20 विश्व कप में, उन्होंने अपने 500 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे किए। इस टूर्नामेंट के आखिरी तीन मैचों में भारत के लिए उनकी गेंदबाजी भारत को लगातार दो खिताब जिताने में अहम साबित हुई। दो साल पहले यूएसए और वेस्टइंडीज में हुए T20 वर्ल्ड कप 2024 में बुमराह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। जब भारत ने 2007 के बाद T20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थी। यह 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भारत की पहली आईसीसी ट्रॉफी भी थी।

सिर्फ अहम मैचों या सीरीज में ही खेलते हैं बुमराह

हाल के सालों में, उन्हें काफ़ी सोच-समझकर इस्तेमाल किया गया है। वह भारतीय टीम के उन बहुत कम खिलाड़ियों में से एक हैं जो तीनों फॉर्मेट खेलते हैं। इसलिए वह सिर्फ अहम मैचों या सीरीज में ही खेलते हैं। यहां तक कि पिछले साल इंग्लैंड के ख़िलाफ खेली गई अहम टेस्ट सीरीज जैसे मौकों पर भी उन्हें आराम दिया गया, ताकि उन्हें कोई चोट न लग जाए।

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