1 अप्रैल से शुरू होने जा रहे नए वित्तीय वर्ष में जमीन का नया सर्किल रेट लागू हो सकता है। इसके साथ ही शाम को यानी प्राइम टाइम में बिजली महंगी हो जाएगी। यही नहीं 20% इथेनॉल मिक्स पेट्रोल जैसे कई और फैसले लागू होंगे। इससे आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। बिहार में जमीन का सर्किल रेट 3-4 गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। इससे पटना में एक डिसिमिल जमीन की कीमत 4 करोड़ के पार चली जाएगी। वहीं, शाम की बिजली 20% तक महंगी की जाएगी। रेलवे ने टिकट कैंसिल करने पर रिफंड में मिलने वाले पैसे को लेकर नियम बदले हैं। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ जमीन से लेकर बिजली, पेट्रोल, PAN, ट्रेन टिकट और क्रेडिट कार्ड तक, क्या कुछ बदलने जा रहा है। पढ़िए रिपोर्ट..। जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी पूरी, कैबिनेट से लेनी है मंजूरी सरकार ने जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है। कैबिनेट से इसके लिए मंजूरी लेना बाकी है। सरकार इसे नए वित्तीय वर्ष से लागू करने की तैयारी कर रही है। नया सर्किल रेट लागू होने के बाद पटना में जमीन की कीमत चार गुना तक बढ़ जाएगी। भास्कर ने इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बड़े अफसरों से बात की। वे कहते हैं कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट की ओर से पूरी तैयारी है। मसौदा तैयार कर सरकार को भेजा जा चुका है। सरकार कभी भी इसे कैबिनेट से पास कर सकती है। पूरे प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में तीन-चार गुना तक जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सर्किल रेट बढ़ने से पहले ही जमीन बिक्री 200% तक बढ़ी सर्किल रेट बढ़ने की संभावना को देखते हुए जमीन की खरीद-बिक्री 200% तक बढ़ गई है। इससे सरकार की आमदनी बढ़ी है। पटना के डिस्ट्रिक्ट सब-रजिस्ट्रार रवि रंजन ने बताया, ‘इस साल अकेले पटना जिले को 1500 करोड़ रुपए का टारगेट पूरा करना है। 1300 करोड़ रुपए रेवेन्यू हासिल हो चुका है। पटना सदर का टारगेट 725 करोड़ रुपए है। 600 करोड़ रुपए से ज्यादा की रेवेन्यू आ चुकी है। यानी रजिस्ट्री की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है।’ 2013 से नहीं बढ़ा है जमीन का सर्किल रेट बिहार में 2013 से जमीन का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। पिछले छह माह से जमीन और रेवेन्यू से जुड़ी बैठकों में इस पर चर्चा हुई कि रेवेन्यू कैसे बढ़ाया जाए? जमीन की अधिक से अधिक रजिस्ट्री के लिए लोगों को कैसे जागरूक किया जाए? नए सर्किल रेट से बचने के लिए लोग जल्दी में करा रहे रजिस्ट्री रवि रंजन ने कहा, ‘सरकार इस पर निर्णय करने जा रही है कि मार्केट वैल्यू और सर्किल रेट के बड़े अंतर को कैसे खत्म करे या काफी हद तक कम करे। अंतिम फैसला सरकार को ही लेना है। लोग रजिस्ट्री के लिए अधिक आ रहे हैं ताकि नए सर्किल रेट से बच सकें।’ सर्किल रेट बढ़ने के असर को उदाहरण देकर समझाते हुए उन्होंने कहा, ‘सगुना मोड़ के कमर्शियल एरिया में 12 साल से सर्किल रेट 1 करोड़ रुपए प्रति डिसमिल है। सरकार मंथन कर रही है कि इसे बढ़ाकर 3 या 4 करोड़ रुपए किया जाए। इसी तरह ग्रामीण इलाके की जमीन के सर्किल रेट 3 से 4 गुना बढ़ाने पर चर्चा हो रही है।’ पटना में 300 से 400% तक बढ़ सकता है सर्किल रेट पटना के खाजपुरा, राजा बाजार, फ्रेजर रोड, जमाल रोड, एग्जीबिशन रोड, खेतान मार्केट, पटना मार्केट, बोरिंग रोड, गांधी मैदान और बेली रोड में जमीन की बाजार कीमत 2 करोड़ रुपए प्रति डिसमिल या इससे अधिक है। वहीं, इन इलाकों के लिए वर्तमान सर्किल रेट 40 लाख रुपए प्रति डिसमिल है। ऐसे में सर्किल रेट में 400% तक वृद्धि हो सकती है। शेखपुरा, ढकनपुरा, मीठापुर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कंकड़बाग, काजीपुर, हनुमान नगर और खगौल रोड जैसे इलाके के मेन रोड किनारे की व्यावसायिक जमीन की कीमत 1.50 करोड़ रुपए से अधिक है। वहीं, वर्तमान सर्किल रेट 34-40 लाख रुपए है। ऐसे में सर्किल रेट में 350-400% तक वृद्धि हो सकती है। मार्केट वैल्यू का आकलन अफसरों ने बाजार सर्वे के आधार पर किया है। मेन रोड की जमीन की कीमत के बारे में कहा जाता है कि जितने में पट जाए वही रेट है। सर्किल रेट बढ़ाने का आम आदमी की जेब पर क्या असर होगा? अगर आप कोई जमीन खरीदते हैं तो इसकी रजिस्ट्री करानी पड़ती है। इसके लिए स्टाम्प ड्यूटी और कोर्ट फीस देना होता है। बिहार में शहरी इलाके के लिए स्टाम्प शुल्क 8% और कोर्ट फीस 2% है। यह रेट तब है जब बेचने और खरीदने वाला पुरुष हो। यदि एक पुरुष मेन बोरिंग रोड में एक कट्ठा जमीन खरीदता है। उसे 2 करोड़ रुपए/डिसमिल की दर (सरकार द्वारा अनुमानित बाजार मूल्य) से जमीन मिली तो एक कट्ठा के लिए 6.25 करोड़ रुपए लगेंगे। उसे 50 लाख रुपए स्टाम्प ड्यूटी और 12.50 लाख रुपए कोर्ट फीस देना होगा। इस तरह सरकार को स्टाम्प ड्यूटी+कोर्ट फीस से 62.50 लाख रुपए मिलेंगे। वर्तमान में मेन बोरिंग रोड के लिए सर्किल रेट 40 लाख रुपए/डिसमिल है। इस रेट से 1 कट्ठा जमीन खरीदने में 1.25 करोड़ रुपए लगेंगे। स्टाम्प ड्यूटी 10 लाख और रजिस्ट्रेशन फीस 2.5 लाख रुपए कोर्ट फीस लगेंगे। सरकार को स्टाम्प ड्यूटी+कोर्ट फीस से 12.50 लाख रुपए मिलेंगे। अगर सरकार ने बाजार मूल्य के अनुसार बोरिंग रोड के लिए सर्किल रेट 400% बढ़ाकर 1.60 करोड़ रुपए प्रति डिसमिल कर दिया तो उसे 1 कट्ठा जमीन की बिक्री से 50 लाख रुपए ज्यादा मिलेंगे। सर्किल रेट किसे कहते हैं? सर्किल रेट सरकार द्वारा निर्धारित जमीन के सरकारी मूल्य को कहते हैं। यानी इससे कम कीमत पर जमीन की बिक्री नहीं हो सकती। उदाहरण के लिए पटना के राजा बाजार इलाके के मेन रोड किनारे की व्यवसायिक जमीन के लिए सर्किल रेट 40 लाख रुपए प्रति डिसमिल है तो इससे कम कीमत में इस इलाके की जमीन नहीं बिकेगी। सर्किल रेट का उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना है। जमीन खरीदने वाले को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस देना होता है। यह जमीन की कीमत के आधार पर तय होता है। सर्किल रेट नहीं हो तो जमीन बेचने वाले और खरीदने वाले मिलकर सरकार को जमीन की कीमत बहुत कम बता सकते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होगा। अब जानिए, 1 अप्रैल से और कौन से 5 बड़े बदलाव होने वाले हैं 1- सुबह सस्ती, शाम को महंगी होगी बिजली अगर आपके घर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है तो 1 अप्रैल से सुबह सस्ती और शाम को महंगी बिजली मिलेगी। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली दर 80% कम लगेगा। शाम 5 बजे से रात के 11 बजे तक बिजली दर 110 प्रतिशत (गैर घरेलू 120%) लगेगा। जैसे अगर आप शहरी घरेलू उपभोक्ता हैं और एक दिन में 10 यूनिट बिजली खर्च करते हैं। खर्च सुबह से शाम 5 बजे तक 2 यूनिट, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक 6 यूनिट और रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक 2 यूनिट है। इसपर अब तक 4.12 रुपए प्रति यूनिट की दर से 41.20 रुपए देते हैं। अब नए बदलाव से स्थिति थोड़ी बदल जाएगी। आपको सुबह की बिजली के लिए 6.592 रुपए, शाम की बिजली के लिए 27.18 रुपए और रात की बिजली के लिए 6.592 रुपए देना होगा। इस तरह कुल खर्च 40.36 रुपए देने होंगे। अगर आपके घर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगा है और लोड 10 किलोवाट से अधिक है तो दिन में सस्ती और शाम को महंगी बिजली मिलेगी। बदला हुआ रेट बिहार सरकार द्वारा दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली के बाद अतिरिक्त खर्च पर लागू होगा। 2- अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल की तो रिफंड नहीं 1 अप्रैल से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन को लेकर रेलवे का नया नियम लागू होगा। अब 2 नहीं, 3 दिन पहले टिकट कैंसिल करने पर पूरे पैसे मिलेंगे। ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर रिफंड नहीं मिलेगा। ट्रेन रवाना होने से 30 मिनट पहले बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। अभी, पहला चार्ट तैयार होने से पहले ही ऐसा कर सकते हैं। 3- क्रेडिट कार्ड से बड़े ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स की नजर 1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव होगा। इनकम टैक्स विभाग द्वारा क्रेडिट कार्ड से किए जाने वाले बड़े ट्रांजैक्शन पर नजर रखी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति एक साल में 10 लाख रुपए से ज्यादा का क्रेडिट कार्ड बिल डिजिटल माध्यम से भरता है तो इसकी रिपोर्ट इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को मिलेगी। इसे संबंधित व्यक्ति के PAN रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। अब आप क्रेडिट कार्ड से टैक्स भर सकते हैं। अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारी को क्रेडिट कार्ड देती है और उसका बिल भरती है तो संबंधित कर्मचारी को इसपर टैक्स देना पड़ सकता है। 4- सिर्फ आधार देने से नहीं बनेगा PAN कार्ड अभी तक PAN कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड देने से काम चल जाता था। 1 अप्रैल से ऐसा नहीं होगा। आपको अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड के साथ दूसरे दस्तावेज भी देने होंगे। अगर आप एक साल में 1 लाख रुपए से ज्यादा किराया देते हैं हैं तो HRA क्लेम करते वक्त मकान मालिक का PAN देना होगा। इसके साथ ही यह भी बताना होता कि मकान मालिक आपके परिवार के सदस्य हैं या नहीं। 5- 20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल अनिवार्य केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल कंपनियों को 20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ही सप्लाई करना होगा। देश के कई हिस्सों में E20 (20% इथेनॉल मिक्स) पेट्रोल की शुरुआत 2023 से ही हो चुकी है, लेकिन ये ऑप्शनल था। सरकार ने हाल ही में एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया था, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है। इस फ्यूल के लिए रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) कम से कम 95 तय किया गया है, ताकि इंजनों को सुरक्षित रखा जा सके। RON यानी फ्यूल की ‘नॉकिंग’ (इंजन के अंदर समय से पहले आग लगना) को रोकने की क्षमता को दिखाता है। RON यह बताता है कि पेट्रोल कितना ‘मजबूत’ या ‘सहनशील’ है। जिस पेट्रोल का RON नंबर जितना ज्यादा होगा, वह उतनी ही आसानी से इंजन के दबाव को झेलेगा और बिना किसी आवाज या झटके के सही समय पर जलेगा। इससे इंजन की लाइफ बढ़ती है और वह सुचारू रूप से चलता है। अभी तक भारत में बिकने वाला साधारण पेट्रोल का 91 RON होता है और सिर्फ ‘प्रीमियम’ पेट्रोल (जैसे XP95) ही 95 RON का मिलता है। 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहे नए वित्तीय वर्ष में जमीन का नया सर्किल रेट लागू हो सकता है। इसके साथ ही शाम को यानी प्राइम टाइम में बिजली महंगी हो जाएगी। यही नहीं 20% इथेनॉल मिक्स पेट्रोल जैसे कई और फैसले लागू होंगे। इससे आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। बिहार में जमीन का सर्किल रेट 3-4 गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। इससे पटना में एक डिसिमिल जमीन की कीमत 4 करोड़ के पार चली जाएगी। वहीं, शाम की बिजली 20% तक महंगी की जाएगी। रेलवे ने टिकट कैंसिल करने पर रिफंड में मिलने वाले पैसे को लेकर नियम बदले हैं। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ जमीन से लेकर बिजली, पेट्रोल, PAN, ट्रेन टिकट और क्रेडिट कार्ड तक, क्या कुछ बदलने जा रहा है। पढ़िए रिपोर्ट..। जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी पूरी, कैबिनेट से लेनी है मंजूरी सरकार ने जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है। कैबिनेट से इसके लिए मंजूरी लेना बाकी है। सरकार इसे नए वित्तीय वर्ष से लागू करने की तैयारी कर रही है। नया सर्किल रेट लागू होने के बाद पटना में जमीन की कीमत चार गुना तक बढ़ जाएगी। भास्कर ने इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बड़े अफसरों से बात की। वे कहते हैं कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट की ओर से पूरी तैयारी है। मसौदा तैयार कर सरकार को भेजा जा चुका है। सरकार कभी भी इसे कैबिनेट से पास कर सकती है। पूरे प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में तीन-चार गुना तक जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सर्किल रेट बढ़ने से पहले ही जमीन बिक्री 200% तक बढ़ी सर्किल रेट बढ़ने की संभावना को देखते हुए जमीन की खरीद-बिक्री 200% तक बढ़ गई है। इससे सरकार की आमदनी बढ़ी है। पटना के डिस्ट्रिक्ट सब-रजिस्ट्रार रवि रंजन ने बताया, ‘इस साल अकेले पटना जिले को 1500 करोड़ रुपए का टारगेट पूरा करना है। 1300 करोड़ रुपए रेवेन्यू हासिल हो चुका है। पटना सदर का टारगेट 725 करोड़ रुपए है। 600 करोड़ रुपए से ज्यादा की रेवेन्यू आ चुकी है। यानी रजिस्ट्री की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है।’ 2013 से नहीं बढ़ा है जमीन का सर्किल रेट बिहार में 2013 से जमीन का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। पिछले छह माह से जमीन और रेवेन्यू से जुड़ी बैठकों में इस पर चर्चा हुई कि रेवेन्यू कैसे बढ़ाया जाए? जमीन की अधिक से अधिक रजिस्ट्री के लिए लोगों को कैसे जागरूक किया जाए? नए सर्किल रेट से बचने के लिए लोग जल्दी में करा रहे रजिस्ट्री रवि रंजन ने कहा, ‘सरकार इस पर निर्णय करने जा रही है कि मार्केट वैल्यू और सर्किल रेट के बड़े अंतर को कैसे खत्म करे या काफी हद तक कम करे। अंतिम फैसला सरकार को ही लेना है। लोग रजिस्ट्री के लिए अधिक आ रहे हैं ताकि नए सर्किल रेट से बच सकें।’ सर्किल रेट बढ़ने के असर को उदाहरण देकर समझाते हुए उन्होंने कहा, ‘सगुना मोड़ के कमर्शियल एरिया में 12 साल से सर्किल रेट 1 करोड़ रुपए प्रति डिसमिल है। सरकार मंथन कर रही है कि इसे बढ़ाकर 3 या 4 करोड़ रुपए किया जाए। इसी तरह ग्रामीण इलाके की जमीन के सर्किल रेट 3 से 4 गुना बढ़ाने पर चर्चा हो रही है।’ पटना में 300 से 400% तक बढ़ सकता है सर्किल रेट पटना के खाजपुरा, राजा बाजार, फ्रेजर रोड, जमाल रोड, एग्जीबिशन रोड, खेतान मार्केट, पटना मार्केट, बोरिंग रोड, गांधी मैदान और बेली रोड में जमीन की बाजार कीमत 2 करोड़ रुपए प्रति डिसमिल या इससे अधिक है। वहीं, इन इलाकों के लिए वर्तमान सर्किल रेट 40 लाख रुपए प्रति डिसमिल है। ऐसे में सर्किल रेट में 400% तक वृद्धि हो सकती है। शेखपुरा, ढकनपुरा, मीठापुर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कंकड़बाग, काजीपुर, हनुमान नगर और खगौल रोड जैसे इलाके के मेन रोड किनारे की व्यावसायिक जमीन की कीमत 1.50 करोड़ रुपए से अधिक है। वहीं, वर्तमान सर्किल रेट 34-40 लाख रुपए है। ऐसे में सर्किल रेट में 350-400% तक वृद्धि हो सकती है। मार्केट वैल्यू का आकलन अफसरों ने बाजार सर्वे के आधार पर किया है। मेन रोड की जमीन की कीमत के बारे में कहा जाता है कि जितने में पट जाए वही रेट है। सर्किल रेट बढ़ाने का आम आदमी की जेब पर क्या असर होगा? अगर आप कोई जमीन खरीदते हैं तो इसकी रजिस्ट्री करानी पड़ती है। इसके लिए स्टाम्प ड्यूटी और कोर्ट फीस देना होता है। बिहार में शहरी इलाके के लिए स्टाम्प शुल्क 8% और कोर्ट फीस 2% है। यह रेट तब है जब बेचने और खरीदने वाला पुरुष हो। यदि एक पुरुष मेन बोरिंग रोड में एक कट्ठा जमीन खरीदता है। उसे 2 करोड़ रुपए/डिसमिल की दर (सरकार द्वारा अनुमानित बाजार मूल्य) से जमीन मिली तो एक कट्ठा के लिए 6.25 करोड़ रुपए लगेंगे। उसे 50 लाख रुपए स्टाम्प ड्यूटी और 12.50 लाख रुपए कोर्ट फीस देना होगा। इस तरह सरकार को स्टाम्प ड्यूटी+कोर्ट फीस से 62.50 लाख रुपए मिलेंगे। वर्तमान में मेन बोरिंग रोड के लिए सर्किल रेट 40 लाख रुपए/डिसमिल है। इस रेट से 1 कट्ठा जमीन खरीदने में 1.25 करोड़ रुपए लगेंगे। स्टाम्प ड्यूटी 10 लाख और रजिस्ट्रेशन फीस 2.5 लाख रुपए कोर्ट फीस लगेंगे। सरकार को स्टाम्प ड्यूटी+कोर्ट फीस से 12.50 लाख रुपए मिलेंगे। अगर सरकार ने बाजार मूल्य के अनुसार बोरिंग रोड के लिए सर्किल रेट 400% बढ़ाकर 1.60 करोड़ रुपए प्रति डिसमिल कर दिया तो उसे 1 कट्ठा जमीन की बिक्री से 50 लाख रुपए ज्यादा मिलेंगे। सर्किल रेट किसे कहते हैं? सर्किल रेट सरकार द्वारा निर्धारित जमीन के सरकारी मूल्य को कहते हैं। यानी इससे कम कीमत पर जमीन की बिक्री नहीं हो सकती। उदाहरण के लिए पटना के राजा बाजार इलाके के मेन रोड किनारे की व्यवसायिक जमीन के लिए सर्किल रेट 40 लाख रुपए प्रति डिसमिल है तो इससे कम कीमत में इस इलाके की जमीन नहीं बिकेगी। सर्किल रेट का उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना है। जमीन खरीदने वाले को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस देना होता है। यह जमीन की कीमत के आधार पर तय होता है। सर्किल रेट नहीं हो तो जमीन बेचने वाले और खरीदने वाले मिलकर सरकार को जमीन की कीमत बहुत कम बता सकते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होगा। अब जानिए, 1 अप्रैल से और कौन से 5 बड़े बदलाव होने वाले हैं 1- सुबह सस्ती, शाम को महंगी होगी बिजली अगर आपके घर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है तो 1 अप्रैल से सुबह सस्ती और शाम को महंगी बिजली मिलेगी। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली दर 80% कम लगेगा। शाम 5 बजे से रात के 11 बजे तक बिजली दर 110 प्रतिशत (गैर घरेलू 120%) लगेगा। जैसे अगर आप शहरी घरेलू उपभोक्ता हैं और एक दिन में 10 यूनिट बिजली खर्च करते हैं। खर्च सुबह से शाम 5 बजे तक 2 यूनिट, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक 6 यूनिट और रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक 2 यूनिट है। इसपर अब तक 4.12 रुपए प्रति यूनिट की दर से 41.20 रुपए देते हैं। अब नए बदलाव से स्थिति थोड़ी बदल जाएगी। आपको सुबह की बिजली के लिए 6.592 रुपए, शाम की बिजली के लिए 27.18 रुपए और रात की बिजली के लिए 6.592 रुपए देना होगा। इस तरह कुल खर्च 40.36 रुपए देने होंगे। अगर आपके घर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगा है और लोड 10 किलोवाट से अधिक है तो दिन में सस्ती और शाम को महंगी बिजली मिलेगी। बदला हुआ रेट बिहार सरकार द्वारा दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली के बाद अतिरिक्त खर्च पर लागू होगा। 2- अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल की तो रिफंड नहीं 1 अप्रैल से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन को लेकर रेलवे का नया नियम लागू होगा। अब 2 नहीं, 3 दिन पहले टिकट कैंसिल करने पर पूरे पैसे मिलेंगे। ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर रिफंड नहीं मिलेगा। ट्रेन रवाना होने से 30 मिनट पहले बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। अभी, पहला चार्ट तैयार होने से पहले ही ऐसा कर सकते हैं। 3- क्रेडिट कार्ड से बड़े ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स की नजर 1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव होगा। इनकम टैक्स विभाग द्वारा क्रेडिट कार्ड से किए जाने वाले बड़े ट्रांजैक्शन पर नजर रखी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति एक साल में 10 लाख रुपए से ज्यादा का क्रेडिट कार्ड बिल डिजिटल माध्यम से भरता है तो इसकी रिपोर्ट इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को मिलेगी। इसे संबंधित व्यक्ति के PAN रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। अब आप क्रेडिट कार्ड से टैक्स भर सकते हैं। अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारी को क्रेडिट कार्ड देती है और उसका बिल भरती है तो संबंधित कर्मचारी को इसपर टैक्स देना पड़ सकता है। 4- सिर्फ आधार देने से नहीं बनेगा PAN कार्ड अभी तक PAN कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड देने से काम चल जाता था। 1 अप्रैल से ऐसा नहीं होगा। आपको अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड के साथ दूसरे दस्तावेज भी देने होंगे। अगर आप एक साल में 1 लाख रुपए से ज्यादा किराया देते हैं हैं तो HRA क्लेम करते वक्त मकान मालिक का PAN देना होगा। इसके साथ ही यह भी बताना होता कि मकान मालिक आपके परिवार के सदस्य हैं या नहीं। 5- 20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल अनिवार्य केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल कंपनियों को 20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ही सप्लाई करना होगा। देश के कई हिस्सों में E20 (20% इथेनॉल मिक्स) पेट्रोल की शुरुआत 2023 से ही हो चुकी है, लेकिन ये ऑप्शनल था। सरकार ने हाल ही में एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया था, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है। इस फ्यूल के लिए रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) कम से कम 95 तय किया गया है, ताकि इंजनों को सुरक्षित रखा जा सके। RON यानी फ्यूल की ‘नॉकिंग’ (इंजन के अंदर समय से पहले आग लगना) को रोकने की क्षमता को दिखाता है। RON यह बताता है कि पेट्रोल कितना ‘मजबूत’ या ‘सहनशील’ है। जिस पेट्रोल का RON नंबर जितना ज्यादा होगा, वह उतनी ही आसानी से इंजन के दबाव को झेलेगा और बिना किसी आवाज या झटके के सही समय पर जलेगा। इससे इंजन की लाइफ बढ़ती है और वह सुचारू रूप से चलता है। अभी तक भारत में बिकने वाला साधारण पेट्रोल का 91 RON होता है और सिर्फ ‘प्रीमियम’ पेट्रोल (जैसे XP95) ही 95 RON का मिलता है।


