2013 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मिश्रा ने बुधवार को सीधी जिले के कलेक्टर का पदभार ग्रहण कर लिया। प्रशासनिक सख्ती और जन-हितैषी कार्यशैली के लिए प्रसिद्ध मिश्रा की यह नियुक्ति जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक सुधार के उद्देश्य से की गई है। मंगलवार को पदभार संभालते ही उन्होंने कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर कामकाज का जायजा लिया। आम जनता के कार्यों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई कलेक्टर विकास मिश्रा ने पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभी विभागों का दौरा किया और कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों के कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बोले- अपराध मुक्त जिला और त्वरित न्याय प्राथमिकता अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि जिले को अपराध मुक्त बनाना और आमजन को समय पर न्याय दिलाना उनका मुख्य लक्ष्य होगा। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि वे बिना किसी संकोच के अपनी समस्याओं को लेकर सीधे उनसे मिल सकते हैं। उनका उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। डिंडौरी कलेक्टर और अपर सचिव रहे 19 अप्रैल 1974 को जन्मे विकास मिश्रा राज्य प्रशासनिक सेवा से पदोन्नत होकर 2013 बैच के आईएएस अधिकारी बने हैं। वे इससे पहले डिंडौरी के कलेक्टर, भोपाल जिला पंचायत के सीईओ और मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। डिंडौरी में कार्यकाल के दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद करने की उनकी “मालिक आप हो, नौकर हम हैं” कार्यशैली काफी चर्चा में रही थी। विभागों के बीच समन्वय और समय-सीमा में कार्य के निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें ताकि विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके। प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने के लिए उन्होंने आगामी दिनों में मैदानी स्तर पर दौरों के संकेत भी दिए हैं।


