सिविल सर्जन के सामने स्टाफ ने खाई सल्फास:जमुई में एक सप्ताह से लगातार टॉर्चर का लगाया आरोप

सिविल सर्जन के सामने स्टाफ ने खाई सल्फास:जमुई में एक सप्ताह से लगातार टॉर्चर का लगाया आरोप

जमुई के सदर अस्पताल में मंगलवार देर शाम हड़कंप मच गया, जब चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संतोष कुमार चौरसिया ने सिविल सर्जन के सामने सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, यह घटना सिविल सर्जन के कार्यालय में हुई। संतोष कुमार चौरसिया ने आरोप लगाया है कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। पिछले 9 सालों से सदर अस्पताल में कार्यरत घायल कर्मचारी संतोष कुमार चौरसिया ने बताया कि वह पिछले नौ वर्षों से सदर अस्पताल में कार्यरत है। पहले वह नेत्र रोग विशेषज्ञ के साथ सर्जरी कार्यों में सहयोग करता था। लेकिन, नए सिविल सर्जन अशोक कुमार के आने के बाद उसे पार्किंग में पेड़-पौधों की देखभाल और पानी देने का काम सौंप दिया गया। संतोष का आरोप है कि बीते एक सप्ताह से उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। पीड़ित की पत्नी ने भी सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सिविल सर्जन उनके पति से अस्पताल के अलावा निजी और घरेलू काम भी करवाते थे। इस मानसिक दबाव के कारण ही उनके पति ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने का प्रयास किया। पूरे मामले की जांच की जा रही घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय मौके पर पहुंचे और घायल कर्मचारी का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सिविल सर्जन अशोक कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कर्मचारियों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है और वे इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जमुई के सदर अस्पताल में मंगलवार देर शाम हड़कंप मच गया, जब चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संतोष कुमार चौरसिया ने सिविल सर्जन के सामने सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, यह घटना सिविल सर्जन के कार्यालय में हुई। संतोष कुमार चौरसिया ने आरोप लगाया है कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। पिछले 9 सालों से सदर अस्पताल में कार्यरत घायल कर्मचारी संतोष कुमार चौरसिया ने बताया कि वह पिछले नौ वर्षों से सदर अस्पताल में कार्यरत है। पहले वह नेत्र रोग विशेषज्ञ के साथ सर्जरी कार्यों में सहयोग करता था। लेकिन, नए सिविल सर्जन अशोक कुमार के आने के बाद उसे पार्किंग में पेड़-पौधों की देखभाल और पानी देने का काम सौंप दिया गया। संतोष का आरोप है कि बीते एक सप्ताह से उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। पीड़ित की पत्नी ने भी सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सिविल सर्जन उनके पति से अस्पताल के अलावा निजी और घरेलू काम भी करवाते थे। इस मानसिक दबाव के कारण ही उनके पति ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने का प्रयास किया। पूरे मामले की जांच की जा रही घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय मौके पर पहुंचे और घायल कर्मचारी का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सिविल सर्जन अशोक कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कर्मचारियों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है और वे इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।  

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