पिछले कुछ दिनों से यह दावा किया जा रहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से ईरान 2 मिलियन डॉलर वसूल रहा है। इस दावे पर भारत स्थित ईरानी दूतावास ने स्पष्ट जवाब दिया है।
दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में साफ है कि कहा कि इस तरह के सभी दावे पूरी तरह से झूठे, भ्रामक और निराधार हैं। इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
कुछ व्यक्तियों के निजी विचार हो सकते हैं
दूतावास ने खुलकर यह भी कहा कि इस तरह की बातें कुछ व्यक्तियों के निजी विचार हो सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी भी स्थिति में ईरान सरकार की आधिकारिक नीति या रुख के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
दूतावास ने जोर देकर यह भी कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को लेकर कोई ऐसी नीति घोषित नहीं की है, जिसमें जहाजों से इस प्रकार की भारी रकम वसूली जा रही हो।
बड़े लेवल शेयर की जा रहीं फर्जी खबरें
बता दें कि ईरान में जारी युद्ध और चिंताओं के माहौल को लेकर कई तरह की फर्जी खबरें सामने आ रही हैं। उन खबरों में विभिन्न तरह के दावे किए जा रहे हैं। जिनमें से कुछ को बिना आधिकारिक पुष्टि के ही व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है।
ईरान के दूतावास ने ऐसे ही दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि देश की आधिकारिक स्थिति को केवल आधिकारिक स्रोतों के आधार पर ही समझा जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत बयानों या अफवाहों के आधार पर।
एक्स पोस्ट में दूतावास ने क्या लिखा?
दूतावास ने एक्स पोस्ट पर लिखा- इस तरह की खबरें पूरी तरह निराधार हैं और इनका ईरान की आधिकारिक नीति से कोई संबंध नहीं है। इस तरह के दावे कुछ व्यक्तियों की निजी राय हैं, जो ईरान सरकार के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते।
वहीं, युद्ध के बीच ईरान की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय आवाजाही के लिए खुला है। साथ ही यह खुलकर कहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण कुछ देशों के लिए अलग रुख अपनाया जा सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए देखा गया दो बड़े गैस टैंकर
बता दें कि भारतीय झंडे वाले दो बड़े गैस टैंकरों को सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए देखा गया है। शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, जग वसंत और पाइन गैस नाम के ये टैंकर दोपहर बाद यूएई से निकलकर ईरान के तट के पास से गुजरते हुए आगे बढ़ते दिखे।


