एक साथ बुझ गए दो घरों के चिराग! नाना के अंतिम संस्कार में दो मौसेरे भाइयों की मौत, नहाने के दौरान हुआ हादसा

एक साथ बुझ गए दो घरों के चिराग! नाना के अंतिम संस्कार में दो मौसेरे भाइयों की मौत, नहाने के दौरान हुआ हादसा

Bihar News: किस्मत का क्रूर खेल किसे कहते हैं, इसका एक जीता-जागता और दिल दहला देने वाला उदाहरण बिहार के भागलपुर जिले के बटेश्वर स्थान गंगा घाट पर देखने को मिला। जहां एक परिवार अपने बुजुर्ग के अंतिम संस्कार की रस्मों में जुटा था, वहीं दो मासूम जिंदगियां काल के गाल में समा गईं। नाना को अंतिम विदाई देने आए दो मौसेरे भाइयों की गंगा स्नान के दौरान डूबने से मौत हो गई। ये दोनों किशोर अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। इस दुर्घटना ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। पहले से ही शोक में डूबे एक परिवार पर, इस घटना ने दुखों का एक विशाल पहाड़ तोड़ दिया है।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कहलगांव के पूरब टोला निवासी बैंक मैनेजर राम शंकर मंडल के 15 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार और उनके मौसेरे भाई 16 वर्षीय कृष्ण कुमार अपने नाना के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने बटेश्वर स्थान गंगा घाट आए थे। अंतिम संस्कार की मुख्य रस्में पूरी होने के बाद, परंपरा के अनुसार दोनों भाई गंगा नदी में स्नान करने के लिए उतरे। इसी दौरान गहरे पानी का अंदाजा न होने के कारण एक भाई डूबने लगा, जिसे बचाने के चक्कर में दूसरा भाई भी गहरे पानी में समा गया। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और आनन-फानन में गोताखोरों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

हादसे के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने दोनों किशोरों को कहलगांव अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अशोक कुमार ने गहन जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के अनुसार, फेफड़ों में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। जैसे ही डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की, अस्पताल परिसर परिजनों की चीख-पुकार से दहल उठा।

इकलौते वारिसों के जाने से उजड़ गई दो मांओं की गोद

इस घटना ने पूरे कहलगांव इलाके को सुन्न कर दिया है। मृतक आशीष के पिता बैंक मैनेजर हैं और कृष्ण भी एक संभ्रांत परिवार से था। सबसे दुखद पहलू यह है कि दोनों ही किशोर अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। दो घरों के इकलौते चिरागों के एक साथ बुझ जाने से परिवारों पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि सांत्वना देने पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

छानबीन में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर छानबीन में जुट गई है। प्रारंभिक जांच में यह हादसा स्नान के दौरान गहरे पानी में चले जाने की वजह से हुआ बताया जा रहा है। पुलिस का कहना कि गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और घाटों पर मिट्टी के कटाव के कारण गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जो अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घाटों पर स्नान के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतें और गहरे पानी में न जाएं।

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