गयाजी दौरे पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश:विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे; कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे, संगठन की मजबूती पर फोकस

गयाजी दौरे पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश:विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे; कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे, संगठन की मजबूती पर फोकस

बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश गयाजी दौरे पर हैं। विभागीय अधिकारियों को साथ समीक्षा बैठक करेंगे। जिले में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी लेंगे। इसके बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। मंत्री दीपक प्रकाश शुक्रवार देर शाम गयाजी पहुंचे। सर्किट हाउस में कुछ देर रूकने के बाद अपनी पार्टी(रालोम) के पूर्व जिलाध्यक्ष बंटी कुशवाहा के घर गए। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर खाना खाया। बिना चुनाव लड़े बने मंत्री दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा। राजनीति में सक्रिय भूमिका भी पहले नहीं रही। इसके बावजूद सीधे मंत्री पद मिल गया। यह फैसला सियासी गलियारों में चर्चा का अब तक विषय बना हुआ है। विभागीय कामकाज की समीक्षा अब गयाजी दौरा उनके लिए अहम माना जा रहा है। एक तरफ विभागीय कामकाज की समीक्षा है, दूसरी तरफ संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी। सदस्यता अभियान के जरिए जमीन पकड़ने की कोशिश होगी। कुल मिलाकर, यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं है। संगठन और सरकार, दोनों पर पकड़ मजबूत करनी है। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश गयाजी दौरे पर हैं। विभागीय अधिकारियों को साथ समीक्षा बैठक करेंगे। जिले में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी लेंगे। इसके बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। मंत्री दीपक प्रकाश शुक्रवार देर शाम गयाजी पहुंचे। सर्किट हाउस में कुछ देर रूकने के बाद अपनी पार्टी(रालोम) के पूर्व जिलाध्यक्ष बंटी कुशवाहा के घर गए। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर खाना खाया। बिना चुनाव लड़े बने मंत्री दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा। राजनीति में सक्रिय भूमिका भी पहले नहीं रही। इसके बावजूद सीधे मंत्री पद मिल गया। यह फैसला सियासी गलियारों में चर्चा का अब तक विषय बना हुआ है। विभागीय कामकाज की समीक्षा अब गयाजी दौरा उनके लिए अहम माना जा रहा है। एक तरफ विभागीय कामकाज की समीक्षा है, दूसरी तरफ संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी। सदस्यता अभियान के जरिए जमीन पकड़ने की कोशिश होगी। कुल मिलाकर, यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं है। संगठन और सरकार, दोनों पर पकड़ मजबूत करनी है।  

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