एक महीने के मुकद्दस रमजान और रोजे के बाद शनिवार को शहर में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरी मोहब्बत, अकीदत और रवायत के साथ मनाया जा रहा है। शुक्रवार शाम को अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए रोजेदारों ने 30वां रोजा खोला। चांद का दीदार होते ही शहर में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने सोशल मीडिया व गले मिलकर एक-दूसरे को चांद मुबारक कहना शुरू कर दिया। इससे पूर्व शुक्रवार को माह-ए-रमजान के आखिरी जुमे (अलविदा जुमा) की नमाज शहर की सभी मस्जिदों में दोपहर 12.30 से 2.30 बजे तक अदा की गई। इस मौके पर ईद जैसा माहौल नजर आया। रोजेदारों ने कुरान-ए-पाक की तिलावत की, दुरूद-ओ-सलाम का नजराना पेश किया और गुनाहों की माफी मांगते हुए देश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। घरों में महिलाओं ने भी नमाज और तस्बीह कर अल्लाह से रहमत की फरियाद की।
ईद की नमाज का समय और व्यवस्था
शहर काजी मुफ्ती अशरफ जीलानीअजहरी ने शुक्रवार को चांद दिखने की आधिकारिक घोषणा की। काजी-ए-शहर की सवारी शनिवार सुबह 7.15 बजे मस्जिद नीलगरान (मोहल्ला बाहला) से निकाली गई। मुख्य नमाज ईदगाह में ईदुल फितर की सुबह 8.30 बजे अदा की गई। चांद रात के इंतजार में बैठे दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई। चांद दिखने के साथ बाजारों में भारी भीड़उमड़ पड़ी। देर रात तक शहर की दुकानें रोशन रहीं।


