कांग्रेस विधायकों से क्या हुई BJP प्रदेश अध्यक्ष की बात? इस राज्य में CM पद को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

कांग्रेस विधायकों से क्या हुई BJP प्रदेश अध्यक्ष की बात? इस राज्य में CM पद को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

कर्नाटक में जहां एक तरफ कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर दो नेताओं के बीच खींचतान जारी है। वहीं, दूसरी ओर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी वाई विजयेंद्र ने बवाल मचाने वाला बयान दिया है।

राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में ‘डिनर पॉलिटिक्स’ से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों ने उन्हें बताया है कि सीएम सिद्धारमैया निश्चित रूप से इस्तीफा देंगे। हालांकि, अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह अभी भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

कांग्रेस विधायकों से क्या हुई थी बात?

विजयेंद्र ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा- जब हमने हाल ही में विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों से बात की, तो उन्होंने विश्वास जताया कि कोई न कोई नतीजा जरूर निकलेगा और मुख्यमंत्री निश्चित रूप से इस्तीफा देंगे। अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका जवाब उन्हीं की तरफ से आना चाहिए।

विजयेंद्र ने विश्वास जताया कि भाजपा राज्य में होने वाले उपचुनावों में दोनों विधानसभा सीटों पर भारी अंतर से जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि BJP आलाकमान ने पहले ही बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है।

किन नेताओं को मिला टिकट?

भाजपा नेता ने बताया कि बागलकोट से पूर्व विधायक वीरन्ना चारंतिमठ को मैदान में उतारा गया है, जबकि दावणगेरे दक्षिण के लिए श्रीनिवास दास करियप्पा को उम्मीदवार बनाया गया है।

उन्होंने कहा- हमारे पार्टी कार्यकर्ता बहुत उत्साहित हैं। हम यह भी देख रहे हैं कि मतदाता इस गरीब-विरोधी और जन-विरोधी कांग्रेस सरकार को सबक सिखाने के लिए उत्सुक हैं और BJP की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

खरगे को भाजपा नेता ने घेरा

विजयेंद्र ने आगे कहा कि BJP ने हाल ही में विधानसभा में जिला पंचायत और तालुक पंचायत चुनाव कराने का मुद्दा भी उठाया था। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे प्रियांक खरगे पर भी विजयेंद्र ने निशाना साधा।

उन्होंने कहा- आप जानते हैं कि कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में पंचायत स्तर से लेकर संसद तक किसका दबदबा है। इसके बावजूद, विकास के कोई काम नहीं हुए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने पंचायती राज व्यवस्था को ही गहरा नुकसान पहुंचाया है।

विजयेंद्र ने कहा कि स्थानीय निकायों के चुनाव न करा पाने के कारण, राज्य को केंद्र सरकार से मिलने वाले कम से कम 14,000-15,000 करोड़ रुपये का फंड नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा- इससे साफ पता चलता है कि राज्य सरकार के रवैये की वजह से राज्य को नुकसान उठाना पड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *