बेगूसराय में लोगों को LPG रसोई गैस सिलेंडर की सहज उपलब्धता के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रही है। आज भी डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिससे जिले में एलपीजी सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति और उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा को दूर किया जा सके। बैठक में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) महेश्वर प्रसाद सिंह तथा IOCL, BPCL और HPCL के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में डीएम ने एलपीजी वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और जन-उपयोगी बनाने के लिए निर्देश दिए। कहा गया है कि सभी गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं के घर तक अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी सुनिश्चित करें। किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को गोदाम से सीधे गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाए। डीएम यह भी निर्देश दिया कि वितरण काम में लगे ठेला वेंडरों पर सतत निगरानी रखी जाए। यदि कोई वेंडर निर्धारित उपभोक्ता के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराते हुए पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी की ओर से उसे तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया जाए। वेंडर को तत्काल सेवामुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से निर्धारित दर से अधिक राशि की वसूली के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित वेंडर को तत्काल सेवामुक्त किया जाएगा। अपर समाहर्ता ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कंट्रोल रूम में 90 कॉल आए है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। बेगूसराय में लोगों को LPG रसोई गैस सिलेंडर की सहज उपलब्धता के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रही है। आज भी डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिससे जिले में एलपीजी सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति और उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा को दूर किया जा सके। बैठक में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) महेश्वर प्रसाद सिंह तथा IOCL, BPCL और HPCL के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में डीएम ने एलपीजी वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और जन-उपयोगी बनाने के लिए निर्देश दिए। कहा गया है कि सभी गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं के घर तक अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी सुनिश्चित करें। किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को गोदाम से सीधे गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाए। डीएम यह भी निर्देश दिया कि वितरण काम में लगे ठेला वेंडरों पर सतत निगरानी रखी जाए। यदि कोई वेंडर निर्धारित उपभोक्ता के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराते हुए पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी की ओर से उसे तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया जाए। वेंडर को तत्काल सेवामुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से निर्धारित दर से अधिक राशि की वसूली के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित वेंडर को तत्काल सेवामुक्त किया जाएगा। अपर समाहर्ता ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कंट्रोल रूम में 90 कॉल आए है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।


