वर्ल्ड ओरल हेल्थ-डे: पटना में 80% युवाओं को डेंटल समस्या:मसूड़ों से खून, बदबू और दर्द को नजरअंदाज करना खतरनाक; बढ़ सकता है कैंसर का खतरा

वर्ल्ड ओरल हेल्थ-डे: पटना में 80% युवाओं को डेंटल समस्या:मसूड़ों से खून, बदबू और दर्द को नजरअंदाज करना खतरनाक; बढ़ सकता है कैंसर का खतरा

विश्व ओरल हेल्थ डे के मौके पर विशेषज्ञों ने मुंह और दांतों की साफ-सफाई को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि छोटी दिखने वाली समस्याएं आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती हैं। जैसे मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू या दांतों में लगातार दर्द, आगे चलकर गंभीर बीमारियों और यहां तक कि ओरल कैंसर का रूप ले सकती हैं। पटना के प्रमुख सरकारी अस्पतालों- IGIMS, पटना डेंटल कॉलेज, NMCH, PMCH और एम्स की OPD के आंकड़े बताते हैं कि शहर के करीब 80% युवा किसी न किसी दंत समस्या से परेशान हैं। विशेषज्ञों ने ओरल कैंसर की दी चेतावनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मुंह और दांतों की साफ-सफाई में लापरवाही गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू या दांतों में लगातार दर्द जैसी समस्याओं को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है, जो आगे चलकर ओरल कैंसर का रूप ले सकती हैं। राजधानी पटना के प्रमुख सरकारी अस्पतालों जैसे आईजीआईएमएस, पटना डेंटल कॉलेज, एनएमसीएच, पीएमसीएच और एम्स की ओपीडी के आंकड़े इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। पटना के लगभग 80% युवा दंत समस्या से जूझ रहे डॉक्टरों के अनुसार, शहर के लगभग 80% युवा किसी न किसी दंत समस्या से जूझ रहे हैं। बच्चों में कैविटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। रोजाना 25 से अधिक बच्चे दांतों में सड़न की शिकायत लेकर इन अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ पान-गुटखा या तंबाकू का सेवन ही नहीं, बल्कि मुंह की नियमित सफाई न करना भी गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। पटना में लगभग 40% लोग मसूड़ों की समस्या से परेशान हैं। वहीं, 20% मरीजों में सब-म्यूकस फाइब्रोसिस के लक्षण मिल रहे हैं, जिसे कैंसर पूर्व स्थिति माना जाता है। बार-बार खाने, चाय-कॉफी पीने की आदत नुकसानदायक बुद्धा डेंटल कॉलेज के डॉ. अमल किशोर के अनुसार, पान-गुटखा, जर्दा, असंतुलित खानपान और खराब ओरल हाइजीन इन समस्याओं को तेजी से बढ़ा रहे हैं। पहले लोग दिन में तीन बार खाना खाते थे और हर बार दांत साफ करते थे, लेकिन अब बार-बार खाने और चाय-कॉफी पीने की आदत दांतों को नुकसान पहुंचा रही है।
छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बीमारियों से बचें- डॉ. ज्योतिर्मय सिंह पटना डेंटल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. ज्योतिर्मय सिंह बताते हैं कि मुंह में 300 से अधिक प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं। यदि मसूड़ों से खून, बदबू या संवेदनशीलता जैसी समस्याएं दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। विश्व ओरल हेल्थ डे के मौके पर विशेषज्ञों ने मुंह और दांतों की साफ-सफाई को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि छोटी दिखने वाली समस्याएं आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती हैं। जैसे मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू या दांतों में लगातार दर्द, आगे चलकर गंभीर बीमारियों और यहां तक कि ओरल कैंसर का रूप ले सकती हैं। पटना के प्रमुख सरकारी अस्पतालों- IGIMS, पटना डेंटल कॉलेज, NMCH, PMCH और एम्स की OPD के आंकड़े बताते हैं कि शहर के करीब 80% युवा किसी न किसी दंत समस्या से परेशान हैं। विशेषज्ञों ने ओरल कैंसर की दी चेतावनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मुंह और दांतों की साफ-सफाई में लापरवाही गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू या दांतों में लगातार दर्द जैसी समस्याओं को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है, जो आगे चलकर ओरल कैंसर का रूप ले सकती हैं। राजधानी पटना के प्रमुख सरकारी अस्पतालों जैसे आईजीआईएमएस, पटना डेंटल कॉलेज, एनएमसीएच, पीएमसीएच और एम्स की ओपीडी के आंकड़े इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। पटना के लगभग 80% युवा दंत समस्या से जूझ रहे डॉक्टरों के अनुसार, शहर के लगभग 80% युवा किसी न किसी दंत समस्या से जूझ रहे हैं। बच्चों में कैविटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। रोजाना 25 से अधिक बच्चे दांतों में सड़न की शिकायत लेकर इन अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ पान-गुटखा या तंबाकू का सेवन ही नहीं, बल्कि मुंह की नियमित सफाई न करना भी गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। पटना में लगभग 40% लोग मसूड़ों की समस्या से परेशान हैं। वहीं, 20% मरीजों में सब-म्यूकस फाइब्रोसिस के लक्षण मिल रहे हैं, जिसे कैंसर पूर्व स्थिति माना जाता है। बार-बार खाने, चाय-कॉफी पीने की आदत नुकसानदायक बुद्धा डेंटल कॉलेज के डॉ. अमल किशोर के अनुसार, पान-गुटखा, जर्दा, असंतुलित खानपान और खराब ओरल हाइजीन इन समस्याओं को तेजी से बढ़ा रहे हैं। पहले लोग दिन में तीन बार खाना खाते थे और हर बार दांत साफ करते थे, लेकिन अब बार-बार खाने और चाय-कॉफी पीने की आदत दांतों को नुकसान पहुंचा रही है।
छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बीमारियों से बचें- डॉ. ज्योतिर्मय सिंह पटना डेंटल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. ज्योतिर्मय सिंह बताते हैं कि मुंह में 300 से अधिक प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं। यदि मसूड़ों से खून, बदबू या संवेदनशीलता जैसी समस्याएं दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।  

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