वाराणसी के बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां दो भाइयों ने अपने ही विरोधियों को फंसाने के लिए खतरनाक साजिश रची। उन्होंने खुद को गोली मारकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में पूरा सच सामने आ गया।
फसल को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, भुआल छपरा-नौरंगा गांव में जमीन और फसल को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में रविंद्र ठाकुर और उसके भाई अशोक ठाकुर ने विरोधी पक्ष को फंसाने की योजना बनाई। इस योजना के तहत अशोक ने खुद को तमंचे से गोली मार ली और चार लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाकर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। क्षेत्राधिकारी मोहम्मद फहीम कुरैशी के नेतृत्व में टीम ने घायल के बयान, घटनास्थल के सबूत और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच की। जांच के दौरान कई बातें मेल नहीं खाईं, जिससे पुलिस को शक हुआ।
पुलिस ने सख्ती से की पूछताछ
जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो पूरी साजिश सामने आ गई। रविंद्र ठाकुर ने कबूल किया कि उसने ही अपने भाई अशोक के हाथ में गोली मारी थी, ताकि विरोधियों को झूठे केस में फंसाया जा सके। आरोपियों ने यह भी बताया कि घटना के बाद तमंचा गंगा नदी में फेंक दिया गया। पुलिस अब उस हथियार की तलाश कर रही है।
पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे समय रहते उजागर कर लिया गया।


