मुजफ्फरपुर की एक अदालत ने साल 2024 के एक नाबालिग अपहरण और बाल विवाह मामले में आरोपी मुकेश सहनी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। कटरा थाना क्षेत्र में हुए इस मामले में सुनवाई की गई। मुजफ्फरपुर पुलिस की ओर से पेश पुख्ता सबूत और गहनता से तैयार की गई चार्जशीट के आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कारावास और आर्थिक दंड दोनों से दंडित किया है। 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया न्यायालय ने मुकेश सहनी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपहरण के मामले में तीन साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए का जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा, बाल विवाह निषेध अधिनियम के उल्लंघन के लिए आरोपी को दो साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे तीन माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे आम जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और समाज में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, जिसके लिए कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। मुजफ्फरपुर की एक अदालत ने साल 2024 के एक नाबालिग अपहरण और बाल विवाह मामले में आरोपी मुकेश सहनी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। कटरा थाना क्षेत्र में हुए इस मामले में सुनवाई की गई। मुजफ्फरपुर पुलिस की ओर से पेश पुख्ता सबूत और गहनता से तैयार की गई चार्जशीट के आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कारावास और आर्थिक दंड दोनों से दंडित किया है। 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया न्यायालय ने मुकेश सहनी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपहरण के मामले में तीन साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए का जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा, बाल विवाह निषेध अधिनियम के उल्लंघन के लिए आरोपी को दो साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे तीन माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे आम जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और समाज में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, जिसके लिए कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।


