Palam Fire: बुधवार तड़के दिल्ली का पालम इलाका एक भयानक त्रासदी का गवाह बना। यहां एक पांच मंजिला मकान में लगी आग ने 9 लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और वे जिंदा जल गए। मृतकों में तीन मासूम बच्चियां भी हैं। हालांकि, दो लोग मौत के मुंह से निकलने में कामयाब रहे, लेकिन ऊंचाई से कूदने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। दमकल विभाग की 30 गाड़ियों को आग बुझाने में लगाया गया था।
साध नगर के लिए काल बनकर आई। धुएं के गुबार और आग की लपटों ने एक पांच मंजिला इमारत को मौत का जाल बना दिया। दिल्ली फायर सर्विस की 30 गाड़ियों के अथक प्रयास के बावजूद, अंदर फंसे 9 लोगों को नहीं बचाया जा सका। रास्ता न मिलने के कारण कुछ लोगों ने ऊंचाई से छलांग लगा दी, जबकि कई मासूम अंदर ही दम तोड़ गए।
30 गाड़ियां और दिल्ली पुलिस की टीमें
दिल्ली के पालम स्थित साध नगर के एक घनी आबादी वाले इलाके में बुधवार सुबह करीब 7 बजे एक पांच मंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) की 30 गाड़ियां और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचे, लेकिन तंग गलियों और भारी धुएं के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें 12 साल से कम उम्र की तीन मासूम बच्चियां भी शामिल थीं।
दो लोग इमारत से नीचे कूद गए
आग की लपटों और दम घोंटने वाले धुएं ने निकास का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया था, जिसके चलते अंदर फंसे लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला। जान बचाने की हताशा में दो लोग इमारत से नीचे कूद गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि दमकल विभाग ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और प्रशासन मामले की बारीकी से जांच कर रहा है।
9 शव बरामद किए गए
दिल्ली के पालम स्थित इस पांच मंजिला इमारत की बनावट और वहां मौजूद व्यावसायिक गतिविधियों ने इस हादसे को और भी भयावह बना दिया। इस इमारत में एक बेसमेंट के साथ भूतल और उसके ऊपर चार मंजिलें बनी हुई थीं, जबकि छत को टीन शेड से ढका गया था। इमारत के निचले हिस्सों यानी बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर कपड़े और कॉस्मेटिक की दुकानें संचालित थीं, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर परिवार निवास करता था। बुधवार सुबह जब यह भीषण आग लगी, तब दुकानें बंद थीं, जिसके कारण लपटों और धुएं ने ऊपर रह रहे परिवार को संभलने का मौका तक नहीं दिया। आग बुझने के बाद जब रेस्क्यू टीम अंदर पहुंची, तो वहां से 9 शव बरामद किए गए, जिनमें 12 साल से कम उम्र की तीन मासूम बच्चियां भी शामिल थीं। घनी आबादी और व्यावसायिक सामान की मौजूदगी ने इस त्रासदी को और गहरा कर दिया।


