Ram Navami 2026: प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव का पर्व चैत्र रामनवर्मी 27 मार्च को चित्रकूट में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। चित्रकूट गौरव दिवस के रूप में अधिसूचित हो चुके इस पर्व के दिन चित्रकूट में 21 लाख दीपक जलाए जाएंगे। इसे लेकर सीएमओ और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में स्थानीयजनों और साधु संतों की बैठक हुई। आयोजन को लेकर 19 मार्च को एमपी और यूपी के अधिकारियों की संयुक्त बैठक होगी।
चित्रकूट में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई कि प्राथमिक तौर पर – यह तय किया गया है कि मध्यप्रदेश के हिस्से वाले चित्रकूट में 11 लाख दीपक जलाए जाएंगे, वहीं उत्तर प्रदेश वाले चित्रकूट में 10 लाख दीपक से नगर और मंदाकिनी घाट में रोशनी की जाएगी। इस दौरान जनसहभागिता से भव्य तरीके से रामनवमी महोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। (MP News)
घर-घर फहराएंगे ध्वज
तय किया गया है कि इस बार प्रत्येक नागरिको से अपील की जाएगी कि वे अपने घरो में कम से कम 11 दीपक अवश्य जलाएं। इसके साथ ही प्रत्येक घर में ध्वज भी लगाया जाएगा। पूरे चित्रकूट में एक साथ तय समय पर सभी दीपक जलाए जाएंगे। इसके बाद नगर परिषद की ओर से आतिशबाजी भी की जाएगी। नगर परिषद में महोत्सव को व लेकर विभिन्न स्थानों पर आकर्षक ले साज सज्जा करेगी। घाटों को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा।
विशेष गंगा आरती
बैठक में तय किया गया कि रामनवमी के दिन विशेष गंगा आरती भी की जाएगी। भरत घाट में इसका विहंगम होगा। साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उज्जैन से गायक कलाकार गजेन्द्र सिंह को बुलाया गया है। विभिन्न झांकियां और रैली निकालने को लेकर भी चर्चा की गई है। इसे अंतिम रूप एमपी-यूपी की संयुक्त बैठक में दिया जाएगा। जिसमें दोनों जिलों के कलेक्टर और अन्य अधिकारी शामिल रहेंगे।
दोनों राज्यों के प्रशासन ने संभाली थी व्यवस्थाएं
चित्रकूट में इससे पहले भी दीपोत्सव और रामनवमी के अवसर पर बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन के आयोजन किए जाते रहे हैं। वर्ष 2023 और 2024 में भी मंदाकिनी नदी के रामघाट और भरत घाट पर हजारों से लेकर लाखों दीप जलाकर विशेष आयोजन किए गए थे, जिनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के प्रशासन ने संयुक्त रूप से व्यवस्थाएं संभाली थीं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे और घाटों पर आकर्षक साज-सज्जा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा भव्य आरती का आयोजन किया गया था। खासतौर पर रामघाट पर दीपों की श्रृंखला और मंदाकिनी नदी में उनकी परछाई श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी थी। (MP News)


