भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर के ऑब्जरवेशन होम में रह रहे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत बच्चों को व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल सिखाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में वे अपने पैरों पर खड़े होकर बेहतर जीवन जी सकें। कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को सर्टिफाइड कंप्यूटर कोर्स (लेवल-1 और लेवल-2) की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके साथ ही कुकिंग क्लासेस भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें बच्चे कॉफी, टोस्टीज, कॉर्न से बनने वाली विभिन्न डिशेज और सैंडविच तैयार करना सीख रहे हैं। इसके अलावा बच्चों को गार्डनिंग की ट्रेनिंग भी दी जा रही है, जिसमें उन्हें सर्दियों और गर्मियों दोनों मौसम की सब्जियां उगाने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें खेती और पौधों की देखभाल की बुनियादी जानकारी देना भी है। बच्चों के कौशल को और मजबूत बनाने के लिए जल्द ही इलेक्ट्रिकल और प्लंबरिंग से संबंधित ट्रेनिंग क्लासेस भी शुरू की जाएंगी। इन कोर्सों के जरिए बच्चों को तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे, जिससे भविष्य में उनके लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकें। इसी कड़ी में जल्द ही कैफे राइज नामक एक नई पहल शुरू की जाएगी। राइज का अर्थ है रीहैबिलिटेशन, इंक्लूजन, स्किल और एम्पावरमेंट। इस कैफे के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को अपनी सीखी हुई स्किल्स को व्यवहार में लाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम फिलैंथ्रॉपी क्लब की ओर से चलाया जा रहा है, जिसकी अगुवाई लखमिंदर कौर और विम्मी बजाज कर रही हैं। यह पूरी पहल डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन, गवर्नेंस सेल के प्रमुख अंबर बंदोपाध्याय के मार्गदर्शन और डीसीपी रश्मि के सहयोग से संचालित की जा रही है।


