Bengal elections 2026: साल 2021 में प्रदेश में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव हुए थे। पिछले चुनाव में टीएमसी ने शानदार जीत दर्ज की थी और ममता बनर्जी एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनीं।
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण के लिए 23 और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। चुनावों की तारीख का ऐलान होने के बाद प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। वहीं राजनीतिक दलों ने भी तैयारी तेज कर दी है।
साल 2021 में प्रदेश में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव हुए थे। पिछले चुनाव में टीएमसी ने शानदार जीत दर्ज की थी और ममता बनर्जी एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनीं।
आइए इस खबर में जानते हैं कि कोलकाता दक्षिण के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों पर किस पार्टी का पलड़ा भारी है। इन सीटों पर चुनावी समीकरण क्या कहते हैं?
TMC का रहा गढ़
कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र को ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है। यहां पर कसबा, बेहाला पूर्व, बेहाला पश्चिम, कोलकाता पोर्ट, भबानीपुर, रासबिहारी और बालिगंज विधानसभा सीटें हैं। इन सभी सीटों पर टीएमसी की पकड़ मजबूत मानी जाती है।
1- कसबा: यह विधानसभा सीट हमेशा टीएमसी के लिए फायदे का सौदा रही है। इस सीट से पिछले तीन बार से टीएमसी के जावेद अहमद लगातार चुनाव जीत रहे हैं। हालांकि इस सीट पर कांग्रेस और लेफ्ट का वर्चस्व नहीं माना जाता है। कसबा में मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी को ही माना जाता है।
2- बेहाला पश्चिम: यह सीट भी टीएमसी का गढ़ रही है। पार्टी शुरुआत से ही यहां अजेय रही है। इतना ही नहीं, लोकसभा चुनावों में भी बेहाला पश्चिम पर तृणमूल कांग्रेस की पकड़ बनी हुई है। 2019 में सीपीआई(एम) को हटाकर भाजपा मुख्य चैलेंजर के रूप में उभरी, फिर भी तृणमूल को हटा नहीं पाई।
3- बेहाला पूर्व विधानसभा सीट: यह जनरल कैटेगरी की सीट है। इस सीट को भी टीएमसी का गढ़ कहा जाता है। पार्टी ने यहां पर 2001 में अपनी पहली पहचान बनाई थी। 2021 में टीएमसी की रत्ना चटर्जी ने भाजपा की पायल सरकार को 37,428 वोटों से हराकर पार्टी का दबदबा बरकरार रखा है। संसदीय चुनाव का समीकरण विधानसभा चुनाव नतीजों जैसा ही है। हालांकि, भाजपा का वोट शेयर लगातार बढ़ना रूलिंग पार्टी के लिए चिंता की बात है।
4- कोलकाता पोर्ट: इस सीट पर 2011 से ममता बनर्जी की पार्टी का दबदबा रहा है। यहां से फिरहाद हकीम विधायक हैं। हकीम ने पहली बार 2011 में यह सीट जीती थी, उसके बाद 2016 और 2021 में भाजपा के अवध किशोर गुप्ता को हराकर दबदबा बरकरार रखा हुआ है। 2026 में एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस कोलकाता पोर्ट सीट पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए लगी हुई है।
5- भवानीपुर: इस सीट को ममता बनर्जी का घर माना जाता है। 2011 के बाद से टीएमसी यहां से एक भी चुनाव नहीं हारी है। बीजेपी ने यहां से सुवेंदु अधिकारी को टिकट दिया है। वहीं अटकलें लगाई जा रही हैं कि ममता बनर्जी भी स्वयं इस सीट से चुनाव लड़ सकती हैं।
6- रासबिहारी: 1998 के उपचुनाव में पहली बार टीएमसी ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद से लगातार यहां से ममता बनर्जी की पार्टी चुनाव जीत रही है। भले ही 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने जीत दर्ज की हो, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी और TMC के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
7- बालीगंज: इस सीट पर 2006 के बाद टीएमसी का दबदबा रहा है। 2011, 2016 और 2021 में सुब्रत मुखर्जी ने जीत दर्ज की है। हालांकि 2022 में उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में बाबुल सुप्रियो को TMC ने अपना प्रत्याशी बनाया। उपचुनाव में भी टीएमसी को जीत मिली। विधानसभा चुनाव 2026 में भी यहां से टीएमसी मजबूत मानी जा रही है।


