बाल श्रम मुक्ति में तेजी लाने का निर्देश:मधुबनी DM का टास्क फोर्स की मीटिंग में दोषी प्लैनेर्स पर कार्रवाई के आदेश

बाल श्रम मुक्ति में तेजी लाने का निर्देश:मधुबनी DM का टास्क फोर्स की मीटिंग में दोषी प्लैनेर्स पर कार्रवाई के आदेश

मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार शाम को बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने बाल श्रमिकों को मुक्त कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष लोक अभियोजक (बाल श्रम एवं किशोर) से जिले के दोषी नियोजकों के विरुद्ध दायर प्राथमिकियों की अद्यतन स्थिति के संबंध में जानकारी मांगी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्टीकरण की मांग की। विमुक्त बाल श्रमिकों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराएं जिलाधिकारी ने श्रम अधीक्षक, मधुबनी को निर्देश दिया कि अगली बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शहर में बाल एवं किशोरों द्वारा ई-रिक्शा आदि का परिचालन किया जाता है, तो उनके नियोजक या माता-पिता पर भी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, सभी ईंट भट्टों, लाइन होटलों और अन्य स्थानों पर संयुक्त अभियान चलाकर बाल श्रमिकों को मुक्त कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में डीडीसी सुमन प्रसाद साह, श्रम अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक रश्मि, नगर आयुक्त उमेश भारती, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि, जिला समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति के सदस्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार शाम को बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने बाल श्रमिकों को मुक्त कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष लोक अभियोजक (बाल श्रम एवं किशोर) से जिले के दोषी नियोजकों के विरुद्ध दायर प्राथमिकियों की अद्यतन स्थिति के संबंध में जानकारी मांगी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्टीकरण की मांग की। विमुक्त बाल श्रमिकों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराएं जिलाधिकारी ने श्रम अधीक्षक, मधुबनी को निर्देश दिया कि अगली बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शहर में बाल एवं किशोरों द्वारा ई-रिक्शा आदि का परिचालन किया जाता है, तो उनके नियोजक या माता-पिता पर भी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, सभी ईंट भट्टों, लाइन होटलों और अन्य स्थानों पर संयुक्त अभियान चलाकर बाल श्रमिकों को मुक्त कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में डीडीसी सुमन प्रसाद साह, श्रम अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक रश्मि, नगर आयुक्त उमेश भारती, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि, जिला समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति के सदस्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

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