अयोध्या जिले के कहुआ गांव में रोहित तिवारी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में दूर-दूर से श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं। कथा का वाचन अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास शिवम शुक्ला कर रहे हैं, जो अपनी वाणी के माध्यम से भक्तों को धर्म, भक्ति और मानवता का संदेश दे रहे हैं। कथा के दौरान शिवम शुक्ला ने कहा कि भगवान श्री राम को अयोध्यावासी अपने प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान राम के लिए अयोध्या नगरी बैकुंठ धाम से भी ज्यादा प्यारी है। शिवम शुक्ला ने भारत की सनातन परंपरा में भगवान की कथाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राम-कथा और भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य समाज को एक सूत्र में जोड़ना है। कथा व्यास ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि भगवान की कथा में हर जाति और वर्ग के लोग समान रूप से शामिल होते हैं। कथा स्थल पर सभी को सम्मान मिलता है और यह संदेश मिलता है कि भगवान सभी से समान प्रेम करते हैं। कथा के दौरान उन्होंने भक्त प्रह्लाद के चरित्र का वर्णन किया, जिसमें बताया गया कि प्रह्लाद का जन्म राक्षस कुल में हुआ था, फिर भी उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें अपना अपार स्नेह दिया। इससे यह शिक्षा मिलती है कि भगवान के लिए जाति या कुल नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति महत्वपूर्ण होती है। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य का जीवन धन्य हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिलता है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श चरित्र से हमें अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, माखन चोरी और गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई जाएगी।


