समस्तीपुर के कबीर मठ में सरकारी पानी टंकी के कथित जबरन निर्माण के खिलाफ भाकपा माले के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल ने मठ की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह मामला ताजपुर नगर परिषद क्षेत्र के योगियामठ स्थित कबीर मठ से जुड़ा है। आरोप है कि मठ की 1 कट्ठा 12 धूर जमीन (खाता पुराना 417, खेसरा 405) पर सरकारी योजना के तहत जबरन पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को शिकायत आवेदन, भूमि के दस्तावेज और अनुदानित दस्तावेज सौंपे। प्रतिनिधिमंडल में मठ के महंथ भाग्य नारायण दास, भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार, खेग्रामस जिला अध्यक्ष उपेंद्र राय, सकल साह और ललन कुमार शामिल थे। दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संस्था की जमीन पर संस्था की आम बैठक के लिखित निर्णय और अंचलाधिकारी (सीओ) के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना कोई भी सरकारी या निजी योजना नहीं चलाई जा सकती। सिंह ने आगे कहा कि जानकारी के अनुसार, न तो मठ के महंथ और न ही सीओ की ओर से कोई एनओसी लिया गया है। ऐसे में पानी टंकी का निर्माण अवैध है। भाकपा माले ने जांच के बाद निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है। मठ को खुद जमीन की कमी है मठ के महंथ भाग्यनारायण दास ने बताया कि यह मठ सक्रिय है और इसका रोजाना संचालन होता है। यहां पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से सत्संग और भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि चर्चित साहेब और बुउआ साहेब के पिता नारायण दास और उनकी पत्नी माता साहेब (जमुना माई) की समाधि भी मठ के अंदर स्थित है। महंथ ने यह भी कहा कि मठ को खुद जमीन की कमी है और वह अपने विस्तार की योजना बना रहा है। ऐसी स्थिति में सरकारी योजना के तहत पानी टंकी लगाकर मठ की जमीन और उस पर कब्जा जमाने की साजिश की जा रही है। साधु-संतों को डराया-धमकाया जा रहा है। मजबूरी में जिलाधिकारी के पास जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा उम्मीद है और अगर फिर भी न्याय नहीं मिलता है तो ताजपुर अंचल कार्यालय पर आमरण अनशन कर साधु-संत जान दे देंगे लेकिन मठ को खत्म होने नहीं देंगे। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कबीर मठ के बगल में पानी टंकी बना जाने को लेकर एक ज्ञापन दिया गया है, जिसकी जांच कराई जा रही है। समस्तीपुर के कबीर मठ में सरकारी पानी टंकी के कथित जबरन निर्माण के खिलाफ भाकपा माले के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल ने मठ की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह मामला ताजपुर नगर परिषद क्षेत्र के योगियामठ स्थित कबीर मठ से जुड़ा है। आरोप है कि मठ की 1 कट्ठा 12 धूर जमीन (खाता पुराना 417, खेसरा 405) पर सरकारी योजना के तहत जबरन पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को शिकायत आवेदन, भूमि के दस्तावेज और अनुदानित दस्तावेज सौंपे। प्रतिनिधिमंडल में मठ के महंथ भाग्य नारायण दास, भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार, खेग्रामस जिला अध्यक्ष उपेंद्र राय, सकल साह और ललन कुमार शामिल थे। दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संस्था की जमीन पर संस्था की आम बैठक के लिखित निर्णय और अंचलाधिकारी (सीओ) के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना कोई भी सरकारी या निजी योजना नहीं चलाई जा सकती। सिंह ने आगे कहा कि जानकारी के अनुसार, न तो मठ के महंथ और न ही सीओ की ओर से कोई एनओसी लिया गया है। ऐसे में पानी टंकी का निर्माण अवैध है। भाकपा माले ने जांच के बाद निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है। मठ को खुद जमीन की कमी है मठ के महंथ भाग्यनारायण दास ने बताया कि यह मठ सक्रिय है और इसका रोजाना संचालन होता है। यहां पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से सत्संग और भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि चर्चित साहेब और बुउआ साहेब के पिता नारायण दास और उनकी पत्नी माता साहेब (जमुना माई) की समाधि भी मठ के अंदर स्थित है। महंथ ने यह भी कहा कि मठ को खुद जमीन की कमी है और वह अपने विस्तार की योजना बना रहा है। ऐसी स्थिति में सरकारी योजना के तहत पानी टंकी लगाकर मठ की जमीन और उस पर कब्जा जमाने की साजिश की जा रही है। साधु-संतों को डराया-धमकाया जा रहा है। मजबूरी में जिलाधिकारी के पास जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा उम्मीद है और अगर फिर भी न्याय नहीं मिलता है तो ताजपुर अंचल कार्यालय पर आमरण अनशन कर साधु-संत जान दे देंगे लेकिन मठ को खत्म होने नहीं देंगे। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कबीर मठ के बगल में पानी टंकी बना जाने को लेकर एक ज्ञापन दिया गया है, जिसकी जांच कराई जा रही है।


