बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। चार सीटों की तस्वीर लगभग साफ मानी जा रही है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। राज्यसभा चुनाव की रणनीति को लेकर आज उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर एनडीए विधायक दल की बड़ी बैठक बुलाई गई है। गठबंधन के सभी विधायकों को 16 मार्च तक पटना में ही रहने का निर्देश दिया गया है। एनडीए की ओर से यह चुनाव उपेंद्र कुशवाहा के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने लगभग 243 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले उद्योगपति नेता अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। सम्राट चौधरी और संजय झा की मुलाकात इसी बीच आज उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात राज्यसभा चुनाव को लेकर अहम मानी जा रही है, जिसमें मौजूदा राजनीतिक हालात और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद संजय झा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला समय आने पर बैठक में लिया जाएगा।’ संजय झा ने विश्वास जताया कि, राज्यसभा चुनाव में एनडीए की जीत तय है और एनडीए सभी पांचों सीटों पर बड़े मार्जिन से जीत हासिल करेगा। संजय झा ने आगे कहा कि, इस चुनाव में विपक्ष के कुछ लोग भी उन्हें सहयोग करेंगे। संजय झा ने तंज कसते हुए कहा कि, जो लोग पहले मुख्यमंत्री बनने का दावा कर रहे थे, अब उनका क्या हुआ। एआईएमआईएम भी उनके साथ नहीं थी।’ उन्हें भरोसा है कि विपक्ष के कुछ विधायक एनडीए के पक्ष में वोट करेंगे। सीटों का गणित: कागज़ पर महागठबंधन आगे, लेकिन ‘खेला’ संभव राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 41 वोट की आवश्यकता होती है। बिहार विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों ने दोनों खेमों की धड़कनें तेज कर दी हैं। महागठबंधन: आरजेडी, कांग्रेस और वामदलों को मिलाकर आंकड़ा 41 के पार पहुंचता दिख रहा है। ऐसे में अमरेंद्र धारी सिंह की राह कागज़ी गणित में आसान मानी जा रही है। NDA: उपेंद्र कुशवाहा के पक्ष में फिलहाल लगभग 38 विधायकों का समर्थन माना जा रहा है। जीत के लिए उन्हें कम से कम 3 अतिरिक्त वोट की जरूरत होगी। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि महागठबंधन के कुछ विधायक नाराज हैं। यदि क्रॉस वोटिंग हुई, तो एनडीए के रणनीतिकार बाज़ी पलट सकते हैं। 243 करोड़ की संपत्ति वाले उम्मीदवार आरजेडी के प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह संपत्ति के मामले में इस चुनाव के सबसे समृद्ध उम्मीदवार बताए जा रहे हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार: • कुल संपत्ति: लगभग 243 करोड़ • बैंक बैलेंस: 26.68 करोड़ • शेयर और बॉन्ड: 30.11 करोड़ • कंपनियों व ट्रस्ट में निवेश: 148.73 करोड़ • नकद और अन्य संपत्ति: 4.5 लाख नकद और करीब 5 किलो चांदी क्रॉस वोटिंग का डर, विधायकों पर हो रही पहरेदारी संभावित क्रॉस वोटिंग को देखते हुए दोनों गठबंधनों ने अपने-अपने विधायकों की घेराबंदी और निगरानी तेज कर दी है। NDA की रणनीति: आज उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें उन्हें वोटिंग प्रक्रिया और STV सिस्टम की बारीकियां समझाई जाएंगी। महागठबंधन की तैयारी: आरजेडी नेता भोला यादव खुद मोर्चा संभाले हुए हैं और पोलिंग एजेंट भी तय कर दिए गए हैं। ओपन बैलेट का असर: राज्यसभा चुनाव में ओपन बैलेट व्यवस्था होती है, जिसमें विधायक को अपना वोट पार्टी के अधिकृत एजेंट को दिखाना होता है। इससे क्रॉस वोटिंग पर नियंत्रण रखने की कोशिश की जाती है। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। चार सीटों की तस्वीर लगभग साफ मानी जा रही है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। राज्यसभा चुनाव की रणनीति को लेकर आज उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर एनडीए विधायक दल की बड़ी बैठक बुलाई गई है। गठबंधन के सभी विधायकों को 16 मार्च तक पटना में ही रहने का निर्देश दिया गया है। एनडीए की ओर से यह चुनाव उपेंद्र कुशवाहा के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने लगभग 243 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले उद्योगपति नेता अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। सम्राट चौधरी और संजय झा की मुलाकात इसी बीच आज उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात राज्यसभा चुनाव को लेकर अहम मानी जा रही है, जिसमें मौजूदा राजनीतिक हालात और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद संजय झा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला समय आने पर बैठक में लिया जाएगा।’ संजय झा ने विश्वास जताया कि, राज्यसभा चुनाव में एनडीए की जीत तय है और एनडीए सभी पांचों सीटों पर बड़े मार्जिन से जीत हासिल करेगा। संजय झा ने आगे कहा कि, इस चुनाव में विपक्ष के कुछ लोग भी उन्हें सहयोग करेंगे। संजय झा ने तंज कसते हुए कहा कि, जो लोग पहले मुख्यमंत्री बनने का दावा कर रहे थे, अब उनका क्या हुआ। एआईएमआईएम भी उनके साथ नहीं थी।’ उन्हें भरोसा है कि विपक्ष के कुछ विधायक एनडीए के पक्ष में वोट करेंगे। सीटों का गणित: कागज़ पर महागठबंधन आगे, लेकिन ‘खेला’ संभव राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 41 वोट की आवश्यकता होती है। बिहार विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों ने दोनों खेमों की धड़कनें तेज कर दी हैं। महागठबंधन: आरजेडी, कांग्रेस और वामदलों को मिलाकर आंकड़ा 41 के पार पहुंचता दिख रहा है। ऐसे में अमरेंद्र धारी सिंह की राह कागज़ी गणित में आसान मानी जा रही है। NDA: उपेंद्र कुशवाहा के पक्ष में फिलहाल लगभग 38 विधायकों का समर्थन माना जा रहा है। जीत के लिए उन्हें कम से कम 3 अतिरिक्त वोट की जरूरत होगी। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि महागठबंधन के कुछ विधायक नाराज हैं। यदि क्रॉस वोटिंग हुई, तो एनडीए के रणनीतिकार बाज़ी पलट सकते हैं। 243 करोड़ की संपत्ति वाले उम्मीदवार आरजेडी के प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह संपत्ति के मामले में इस चुनाव के सबसे समृद्ध उम्मीदवार बताए जा रहे हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार: • कुल संपत्ति: लगभग 243 करोड़ • बैंक बैलेंस: 26.68 करोड़ • शेयर और बॉन्ड: 30.11 करोड़ • कंपनियों व ट्रस्ट में निवेश: 148.73 करोड़ • नकद और अन्य संपत्ति: 4.5 लाख नकद और करीब 5 किलो चांदी क्रॉस वोटिंग का डर, विधायकों पर हो रही पहरेदारी संभावित क्रॉस वोटिंग को देखते हुए दोनों गठबंधनों ने अपने-अपने विधायकों की घेराबंदी और निगरानी तेज कर दी है। NDA की रणनीति: आज उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें उन्हें वोटिंग प्रक्रिया और STV सिस्टम की बारीकियां समझाई जाएंगी। महागठबंधन की तैयारी: आरजेडी नेता भोला यादव खुद मोर्चा संभाले हुए हैं और पोलिंग एजेंट भी तय कर दिए गए हैं। ओपन बैलेट का असर: राज्यसभा चुनाव में ओपन बैलेट व्यवस्था होती है, जिसमें विधायक को अपना वोट पार्टी के अधिकृत एजेंट को दिखाना होता है। इससे क्रॉस वोटिंग पर नियंत्रण रखने की कोशिश की जाती है।


