मधेपुरा में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित:जिला जज ने किया उद्घाटन, 11 बेंचों में हुई मामलों की सुनवाई

मधेपुरा में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित:जिला जज ने किया उद्घाटन, 11 बेंचों में हुई मामलों की सुनवाई

मधेपुरा व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम दुबे, एसपी संदीप सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस अधिकारी तथा आम लोग उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मधेपुरा के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज बलराम दुबे ने कहा कि लोक अदालत न्याय पाने का एक सरल, सस्ता और त्वरित माध्यम है। इसमें आपसी समझौते के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाता है, जिससे दोनों पक्षों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में निपटाए गए मामलों में किसी प्रकार की अपील का प्रावधान नहीं होता है, इसलिए दोनों पक्षों की सहमति से ही मामलों का समाधान किया जाता है। लोक अदालत के लिए 11 बेंच का गठन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव पूजा कुमारी साह ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 11 बेंच का गठन किया गया है। इन बेंचों में विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई कर उनका निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मुख्य रूप से बैंक ऋण, बिजली बिल, बीमा दावा, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, आपसी सुलह योग्य आपराधिक मामले तथा अन्य दीवानी मामलों का निपटारा किया जाता है। समझौते के आधार पर मामला करना है खत्म उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों को आपसी समझौते के आधार पर शीघ्रता से समाप्त करना है, ताकि न्यायालयों पर मामलों का बोझ कम हो सके और लोगों को त्वरित न्याय मिल सके। लोक अदालत में मामलों के निष्पादन से समय और धन दोनों की बचत होती है। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान समाज में सौहार्द और शांति बनाए रखने में भी सहायक होता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों के निष्पादन के लिए बड़ी संख्या में वादकारी शामिल हुए। मधेपुरा व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम दुबे, एसपी संदीप सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस अधिकारी तथा आम लोग उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मधेपुरा के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज बलराम दुबे ने कहा कि लोक अदालत न्याय पाने का एक सरल, सस्ता और त्वरित माध्यम है। इसमें आपसी समझौते के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाता है, जिससे दोनों पक्षों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में निपटाए गए मामलों में किसी प्रकार की अपील का प्रावधान नहीं होता है, इसलिए दोनों पक्षों की सहमति से ही मामलों का समाधान किया जाता है। लोक अदालत के लिए 11 बेंच का गठन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव पूजा कुमारी साह ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 11 बेंच का गठन किया गया है। इन बेंचों में विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई कर उनका निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मुख्य रूप से बैंक ऋण, बिजली बिल, बीमा दावा, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, आपसी सुलह योग्य आपराधिक मामले तथा अन्य दीवानी मामलों का निपटारा किया जाता है। समझौते के आधार पर मामला करना है खत्म उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों को आपसी समझौते के आधार पर शीघ्रता से समाप्त करना है, ताकि न्यायालयों पर मामलों का बोझ कम हो सके और लोगों को त्वरित न्याय मिल सके। लोक अदालत में मामलों के निष्पादन से समय और धन दोनों की बचत होती है। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान समाज में सौहार्द और शांति बनाए रखने में भी सहायक होता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों के निष्पादन के लिए बड़ी संख्या में वादकारी शामिल हुए।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *