बेगूसराय में नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का अंतिम दिन:28 स्टॉल का आज निरीक्षण करेंगे सीएम; 405 लाभार्थियों को 2 करोड़ रुपए का चेक मिलेगा

बेगूसराय में नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का अंतिम दिन:28 स्टॉल का आज निरीक्षण करेंगे सीएम; 405 लाभार्थियों को 2 करोड़ रुपए का चेक मिलेगा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के अंतिम दिन आज बेगूसराय आ रहे हैं। बरौनी प्रखंड स्थित बियाडा कैंपस में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के करीब 28 स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इनमें से 8 स्टॉल विशेष रूप से जीविका दीदियों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जहां उनके स्वरोजगार, आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। 405 लाभार्थियों को 2 करोड़ रुपये का चेक भी दिया जाएगा। पहले दो स्टॉल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर आधारित होंगे। इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खाते में पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की राशि दी जाती है, जिससे वे छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। यहां दिखाया जाएगा कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बैंक सखी मॉडल जिले में काफी सफल रहा है। जिले में कुल 151 बैंक सखी कार्यरत हैं, जिनकी मासिक आमदनी 10 से 15 हजार रुपये तक होती है। चालू वित्तीय वर्ष में इन बैंक सखी दीदियों की ओर से 1 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने समृद्धि यात्रा के तहत जीविका की गतिविधि देखने के साथ इस स्टॉल के माध्यम से 9715 जीविका स्वयं सहायता समूहों (SHG) के बीच 578.09 करोड़ रुपये का बैंक ऋण चेक वितरित करेंगे। इसके साथ ही 2.68 करोड़ रुपये की सामुदायिक निवेश निधि वितरित की जाएगी। गैर कृषि गतिविधियां भी होगी प्रदर्शित जीविका दीदियां कृषि के अलावा अन्य व्यवसायों में भी अपनी धाक जमा रही हैं। जिले में गैर-कृषि गतिविधियों से 89288 परिवारों को रोजगार और अतिरिक्त आय संवर्धन से जोड़ा गया है। 1795 दीदियां वस्त्र निर्माण (साड़ी, लहंगा आदि) से जुड़ी हैं और महीने का 15 से 20 हजार कमा रही हैं। इसके अलावा अगरबत्ती निर्माण में 215 दीदियां, खाद्य सामग्री (सत्तू, अचार, पापड़) में 609 दीदियां और लहठी-श्रृंगार प्रसाधन में 454 दीदियां काम कर रही हैं। दिखेगा कृषि गतिविधि और ड्रोन दीदी का कमाल स्टॉल कृषि क्षेत्र में महिलाओं के नवाचार को भी समर्पित है। जिले के 183335 परिवार कृषि संबंधी गतिविधियों से जुड़े हैं। सबसे खास आकर्षण ड्रोन गतिविधियां होगी। जिसके लिए यूको आरसेटी की मदद से जिले की 97 दीदियों को कृषि में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है। हरित खाद (ग्रीन फर्टिलाइजर) के उत्पादन में 2755 परिवार लगे हैं, जिन्होंने अब तक 5253 मीट्रिक टन खाद का उत्पादन किया है। महिलाओं द्वारा संचालित धान्यक जीविका एग्री प्रोड्यूसर कंपनी का भी प्रदर्शन होगा, जिससे 1182 अंशधारक दीदियां जुड़ी हैं। पशुधन और पशु सखी का कमाल पशुधन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मुर्गीपालन, गाय और बकरी पालन से जिले के 122972 परिवार जुड़े हैं। जिले के 10 प्रखंडों में 114 पशु सखी कार्यरत हैं, जो 19 हजार से अधिक बकरी पालक दीदियों को टीकाकरण और इलाज जैसी सेवाएं दे रही है। दीदियों द्वारा अजोला दाना (पौष्टिक पशु आहार) का उत्पादन भी किया जा रहा है। सामाजिक विकास और सतत जीविकोपार्जन अंतिम स्टॉल समाज सुधार और अत्यंत निर्धन परिवारों के उत्थान पर केंद्रित हैं। बाल विवाह, दहेज प्रथा और शराबबंदी के खिलाफ अभियानों की जानकारी दी जाएगी। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत पूर्व में देशी शराब एवं ताड़ी व्यवसाय से जुड़े और अत्यंत निर्धन 5352 परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ा गया है। इस योजना के तहत प्रति परिवार 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। अब तक 25 करोड़ 55 लाख रुपये बांटे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री 405 लाभार्थियों को 2 करोड़ रुपये के चेक और दो लाभार्थियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपेंगे। दिखेगा कि किस तरह जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी बदल रही है और वे आत्मनिर्भर बन रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सामने जीविका दीदियों के काम और उनकी उपलब्धियों को भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के अंतिम दिन आज बेगूसराय आ रहे हैं। बरौनी प्रखंड स्थित बियाडा कैंपस में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के करीब 28 स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इनमें से 8 स्टॉल विशेष रूप से जीविका दीदियों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जहां उनके स्वरोजगार, आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। 405 लाभार्थियों को 2 करोड़ रुपये का चेक भी दिया जाएगा। पहले दो स्टॉल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर आधारित होंगे। इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खाते में पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की राशि दी जाती है, जिससे वे छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। यहां दिखाया जाएगा कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बैंक सखी मॉडल जिले में काफी सफल रहा है। जिले में कुल 151 बैंक सखी कार्यरत हैं, जिनकी मासिक आमदनी 10 से 15 हजार रुपये तक होती है। चालू वित्तीय वर्ष में इन बैंक सखी दीदियों की ओर से 1 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने समृद्धि यात्रा के तहत जीविका की गतिविधि देखने के साथ इस स्टॉल के माध्यम से 9715 जीविका स्वयं सहायता समूहों (SHG) के बीच 578.09 करोड़ रुपये का बैंक ऋण चेक वितरित करेंगे। इसके साथ ही 2.68 करोड़ रुपये की सामुदायिक निवेश निधि वितरित की जाएगी। गैर कृषि गतिविधियां भी होगी प्रदर्शित जीविका दीदियां कृषि के अलावा अन्य व्यवसायों में भी अपनी धाक जमा रही हैं। जिले में गैर-कृषि गतिविधियों से 89288 परिवारों को रोजगार और अतिरिक्त आय संवर्धन से जोड़ा गया है। 1795 दीदियां वस्त्र निर्माण (साड़ी, लहंगा आदि) से जुड़ी हैं और महीने का 15 से 20 हजार कमा रही हैं। इसके अलावा अगरबत्ती निर्माण में 215 दीदियां, खाद्य सामग्री (सत्तू, अचार, पापड़) में 609 दीदियां और लहठी-श्रृंगार प्रसाधन में 454 दीदियां काम कर रही हैं। दिखेगा कृषि गतिविधि और ड्रोन दीदी का कमाल स्टॉल कृषि क्षेत्र में महिलाओं के नवाचार को भी समर्पित है। जिले के 183335 परिवार कृषि संबंधी गतिविधियों से जुड़े हैं। सबसे खास आकर्षण ड्रोन गतिविधियां होगी। जिसके लिए यूको आरसेटी की मदद से जिले की 97 दीदियों को कृषि में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है। हरित खाद (ग्रीन फर्टिलाइजर) के उत्पादन में 2755 परिवार लगे हैं, जिन्होंने अब तक 5253 मीट्रिक टन खाद का उत्पादन किया है। महिलाओं द्वारा संचालित धान्यक जीविका एग्री प्रोड्यूसर कंपनी का भी प्रदर्शन होगा, जिससे 1182 अंशधारक दीदियां जुड़ी हैं। पशुधन और पशु सखी का कमाल पशुधन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मुर्गीपालन, गाय और बकरी पालन से जिले के 122972 परिवार जुड़े हैं। जिले के 10 प्रखंडों में 114 पशु सखी कार्यरत हैं, जो 19 हजार से अधिक बकरी पालक दीदियों को टीकाकरण और इलाज जैसी सेवाएं दे रही है। दीदियों द्वारा अजोला दाना (पौष्टिक पशु आहार) का उत्पादन भी किया जा रहा है। सामाजिक विकास और सतत जीविकोपार्जन अंतिम स्टॉल समाज सुधार और अत्यंत निर्धन परिवारों के उत्थान पर केंद्रित हैं। बाल विवाह, दहेज प्रथा और शराबबंदी के खिलाफ अभियानों की जानकारी दी जाएगी। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत पूर्व में देशी शराब एवं ताड़ी व्यवसाय से जुड़े और अत्यंत निर्धन 5352 परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ा गया है। इस योजना के तहत प्रति परिवार 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। अब तक 25 करोड़ 55 लाख रुपये बांटे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री 405 लाभार्थियों को 2 करोड़ रुपये के चेक और दो लाभार्थियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपेंगे। दिखेगा कि किस तरह जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी बदल रही है और वे आत्मनिर्भर बन रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सामने जीविका दीदियों के काम और उनकी उपलब्धियों को भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक देखने को मिलेगी।  

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