इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इटावा में 2011 में राजेश की हत्या के एक मामले में आरोपी जितेंद्र, देवेंद्र सिंह, सुरजीत उर्फ गोसे और नीरज की जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्र प्रथम की खंडपीठ ने इटावा सत्र न्यायालय के फैसले के खिलाफ इन आरोपियों की अपील में दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
सत्र न्यायालय ने अपीलार्थियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। झूठा फंसाने का तर्क रखा अपीलार्थियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अपीलार्थियों को रंजिश के कारण झूठा फंसाया गया है। वे निर्दोष हैं और दोषपूर्ण एवं पक्षपातपूर्ण जांच के शिकार हुए हैं। उनके खिलाफ केवल सामान्य आरोप लगाए गए हैं।
अधिवक्ता द्वय ने बताया कि अपीलार्थी 28 मार्च 2024 से जेल में हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। ट्रायल के दौरान भी वे जमानत पर थे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि तथ्यों व परिस्थितियों और अपील पर निकट भविष्य में सुनवाई और निर्णय होने की संभावना नहीं होने, अपीलार्थियों का कोई आपराधिक इतिहास न होने और ट्रायल के दौरान उनके जमानत पर रहने को देखते हुए ट्रायल कोर्ट की सजा को स्थगित रखते हुए उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली।


