हार्ट अटैक से बचना है, तो दिल को समझना जरूरी, जानिए क्या कहते हैं कार्डियोलॉजिस्ट…

हार्ट अटैक से बचना है, तो दिल को समझना जरूरी, जानिए क्या कहते हैं कार्डियोलॉजिस्ट…

Healthy Heart Dil ka Sach Series Part 3: अगत की कहानी को अगर आप ध्यान से समझें तो यह सिर्फ आपके शरीर के एक अंग की कहानी भर नहीं है, बल्कि इंसान के विकास, उसकी आदतों और उसकी जीवनशैली का पूरा लेखा-जोखा है। पिछले पार्ट 2 में हमने जाना कि दिल कैसे एक साधारण पंप से विकसित होकर आज शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक बन गया है। यह खून के जरिए पूरे शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाता है और जीवन को चलायमान बनाए रखता है।

तेजी से क्यों बढ़ रही हैं दिल की बीमारियां

लेकिन आधुनिक दुनिया में एक बड़ा सवाल है कि आखिर दिल की बीमारियां (Heart Attack) इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही हैं, क्यों कभी बुजुर्गों में होने वाली बीमारी समझे जाने वाले ये रोग आज बच्चों, बड़ों और युवाओं की हंसती-खेलती जिंदगियां खत्म कर रही है। मामले में दिल के विशेषज्ञों का कहना है इसका राज इंसान की जीवनशैली में छिपा है। इसका राज (Dil ka Sach Series Part 3) आपके दिल और उसकी धड़कनों में छिपा है। बस देर है तो इसके करीब जाकर इसे समझने की। हां… दिल की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए आपको अपने दिल को समझना होगा…सोचना होगा कि आखिर आज की आधुनिक लाइफस्टाइल में आपका दिल क्या चाहता है? पढ़ें संजना कुमार की खास रिपोर्ट…

दरअसल दिल चाहता है एक स्थायी समाधान (Permanent Solution), जो बाजार में मेडिकल शॉप्स और अस्पतालों में मिलने वाली दिल (Heart Attack) की कई दवाओं से अलग है… ये चीजें कोई जादुई चीजें नहीं हैं और न ही स्थायी समाधान कोई नई खोज है किसी वैज्ञानिक या डॉक्टर की। बल्कि यह तो एक तरह से अपने विकास की जड़ों की ओर लौटने की कहानी है। जैसा कि हमने पार्ट 2 में पढ़ा कि मानव शरीर लाखों वर्षों के विकास के बाद ऐसे जीवन के लिए बना था जहां भोजन सीमित था और मेहनत ज्यादा करनी पड़ती थी। लेकिन आधुनिक जीवनशैली के संदर्भ में इस संतुलन को डिस्टर्ब कर दिया है। इस डिस्टर्बेंस को कम करते हुए फिर से संतुलित करना है। इसलिए कहना होगा कि दिल को दुरुस्त रखने के लिए आपको किसी नई दवा की नहीं बल्कि उसी लाइफस्टाइल की जरूरत है, जिसके लिए आपका शरीर बना था। (Dil ka Sach Series Part 3)

एमपी के एमबीबीएस, एमडी और हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. विनोद कोठारी ने बताया दिल को समझे कैसे?

1- पहले दिल की बीमारियां दुर्लभ थीं, इसका राज आपकी थाली में

डॉ. विनोद कोठारी (भोपाल) बताते हैं कि शरीर को ऊर्जा देने के लिए कई तरह के पोषक तत्व जरूरी होते हैं। इनमें ग्लूकोज, ट्राइग्लिसराइड और कॉलेस्ट्रॉल जैसे तत्व शामिल हैं। ये सभी शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं। लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब इनकी मात्रा जरूरत से ज्यादा होती है।

वर्तमान की आधुनिक डाइट में बड़ी मात्रा में प्रोसेस्ड फूड, अधिक चीनी, रिफाइंड आटा और अत्यधिक तेल शामिल हो गया है। ये ऐसे फूड हैं, जो हजारों साल के विकास के दौरान हमारे शरीर ने कभी पहचाने ही नहीं। जब हम लगातार ऐसे फूड खाते हैं, जो शरीर को ज्यादा और इंस्टेंट एनर्जी देते हैं, तो यह ऊर्जा धीरे-धीरे शरीर में जमा होना शुरू हो जाती है। यही जमा ऊर्जा जब धीरे-धीरे खून में पहुंचने लगती है, तो कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड दोनों का स्तर बढ़ा देती है। जब यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो नसों की दीवारों में प्लाक जमा होने लगता है और यही प्लाक दिल की गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। इसलिए दिल के लिए सबसे अच्छा फूड वही माना जाता है, जो प्रकृति से सीधे मिलता है।

Healthy Heart dil ka sach series part 3 heart attack prevention tips
Healthy Heart dil ka sach series part 3 heart attack prevention tips(photo:patrika creative)

इनमें क्या---
ताजे फल, हरी सब्जियां. साबुत अनाज, नट्स और बीज, लीन प्रोटीन, ये सभी ऐसे फूड हैं, जिसने इंसानों को हजारों सालों तक एनर्जी दी है। वो भी बिना नसों में प्लाक जमा किए बिना। डॉ. कोठारी का कहना है कि फूड जितना अधिक नेचुरल होगा और कम प्रोसेस्ड भी, तो आपका दिल उतना ही बेहतर और स्वस्थ होगा।

2- तनाव का असर दिमाग पर ही नहीं दिल पर भी भारी

दिल की सेहत पर अगर सबसे ज्यादा कोई चीज भारी पड़ती है तो वह है स्ट्रेस/तनाव। इंसान का शरीर आज भी उसी तरह काम करता है, जैसे हजारों साल पहले किया करता था। जब हमारे पूर्वजों को किसी खतरनाक जानवर का सामना करना पड़ता था तो शरीर तुरंत ही फाइट या फ्लाइट मोड में चला जाता था। इस स्थिति में दिल की धड़कने तेज हो जाती थीं। ब्लड प्रेशर बढ़ जाता था, शरूर में ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता था। यही वो प्रतिक्रिया थी जो जीवन बचान के लिए जरूरी थी। लेकिन वर्तमान दुनिया में खतरे और उनकी परिभाषा ही बदल गई है।

Healthy Heart dil ka sach series part 3
Healthy Heart dil ka sach series part 3

3- एक्सरसाइज सुधारेगी दिल की सेहत

अगर भोजन दिल के लिए ईंधन का काम करता है, तो शारीरिक गतिविधि उस ईंधन को जलाने की प्रक्रिया है। हमारे पूर्वज ऐसे थे, जिनका जीवन पूरी तरह से एक्टिव था। आज की आधुनिक लाइफस्टाइल से बिल्कुल विपरीत। वे लोग हर दिन शिकार पर जाते थे, घंटों तक पैदल चलकर मीलों की दूरियां पैरों से नाप लेते थे, भारी सामान उठाना आदि काम ऐसे थे जिनसे पता चलता है कि उनका शरीर कितना मेहनती था। और इसी मेहनत का परिणाम था कि उनका दिल लगातार काम करता रहता था बिना किसी कमजोरी या रुकावट के।

Heart Attack Dil ka sach series part 3 dil kya chahta hai
Heart Attack Dil ka sach series part 3 dil kya chahta hai(photo:patrika)

आज स्थिति कैसी है, घंटों ऑफिस का काम और इस दौरान लंबे समय तक लगातार कुर्सी पर चिपक कर बैठना। मोबाइल के कारण भी एक जगह बैठे लंबा समय आसानी से गुजार लेते हैं आज के लोग। इस पर कम चलना, गाड़ियों का इस्तेमाल करना, शारीरिक गतिविधियां कम होना ये ऐसी आदतें हैं, जो दिल के लिए घातक साबित हो रही हैं। चूंकि आपका दिल एक मांसपेशीय अंग है, तो ध्यान देना होगा कि मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए नियमित व्यायाम और गतिविधियों की जरूरत पड़ती है, वैसे ही दिल को मजबूत बनाए रखने के लिए शारीरिक गतिविधियां पहली जरूरत है। यही दिल के लिए प्राकृतिक ईंधन का काम करती है। चलना, दौड़ना, योग तैराकी या कोई भी नियमित एक्सरसाइज से दिल को दुरुस्त यानी सेहतमंद बनाए रखने में मदद मिलती है।

healthy heart dil ka sach part 3 heart attack prevention tips dil kya chahta hai
healthy heart dil ka sach part 3 heart attack prevention tips dil kya chahta hai (photo:patrika creation)

अब जब भी आपके मन में सवाल आए कि आपका दिल आखिर चाहता क्या है… तो patrika.com की Dil ka sach series को पार्ट-3 पढ़ लें आपको अपने इस सवाल का जवाब आसानी से मिल जाएगा। दिल का हाल सुनाने वाली सीरीज का पार्ट 3 पढ़कर आपको कैसा लगा? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अगले पार्ट 4 में हम आपको देने वाले हैं ऐसी ही रोचक जानकारी जो बताएगी आपके दिल का सच… जानने के लिए जुड़े रहिए patrika.com के साथ।

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