सीतामढ़ी जिले में गुरुवार को हुई बारिश के बाद परसौनी मैलवार पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित सोनार टोला से धनकौल को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क पर भारी जलजमाव हो गया। नाली के अभाव में सड़क का बड़ा हिस्सा पानी और कीचड़ से भर गया, जिससे यह मार्ग तालाब जैसा दिखने लगा और लोगों की आवाजाही बाधित हुई। यह सड़क प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार, कई वर्षों से इसकी स्थिति जर्जर है और हल्की बारिश में भी यहां पानी भर जाता है। इससे स्कूली छात्रों, बुजुर्गों और बाइक सवारों सहित राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है। सड़क के दोनों किनारों पर नाले का अभाव ग्रामीण जुम्मन मियां और मोहम्मद गुलफान ने बताया कि सड़क के दोनों किनारों पर नाले का अभाव है, जिसके कारण बरसात का सारा पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने से सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे बाइक और साइकिल सवारों के फिसलने का खतरा बना रहता है। स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद शौकत, हरदेव ठाकुर और चंदेशर साह ने भी सड़क की बदहाली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से यह मार्ग खराब है और हल्की बारिश में भी जलजमाव हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के बारे में कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को सूचित किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नाला निर्माण न होने के कारण होती परेशानियां ग्रामीण मनीष कुमार और श्यामबाबू साह ने आरोप लगाया कि पंचायत और प्रशासन द्वारा विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। उनके अनुसार, सड़क की मरम्मत और नाला निर्माण न होने के कारण हर बारिश में लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण मो. इसराफिल और मोहम्मद सुलेमान ने प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत और जलनिकासी के लिए नाला निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। सीतामढ़ी जिले में गुरुवार को हुई बारिश के बाद परसौनी मैलवार पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित सोनार टोला से धनकौल को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क पर भारी जलजमाव हो गया। नाली के अभाव में सड़क का बड़ा हिस्सा पानी और कीचड़ से भर गया, जिससे यह मार्ग तालाब जैसा दिखने लगा और लोगों की आवाजाही बाधित हुई। यह सड़क प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार, कई वर्षों से इसकी स्थिति जर्जर है और हल्की बारिश में भी यहां पानी भर जाता है। इससे स्कूली छात्रों, बुजुर्गों और बाइक सवारों सहित राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है। सड़क के दोनों किनारों पर नाले का अभाव ग्रामीण जुम्मन मियां और मोहम्मद गुलफान ने बताया कि सड़क के दोनों किनारों पर नाले का अभाव है, जिसके कारण बरसात का सारा पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने से सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे बाइक और साइकिल सवारों के फिसलने का खतरा बना रहता है। स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद शौकत, हरदेव ठाकुर और चंदेशर साह ने भी सड़क की बदहाली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से यह मार्ग खराब है और हल्की बारिश में भी जलजमाव हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के बारे में कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को सूचित किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नाला निर्माण न होने के कारण होती परेशानियां ग्रामीण मनीष कुमार और श्यामबाबू साह ने आरोप लगाया कि पंचायत और प्रशासन द्वारा विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। उनके अनुसार, सड़क की मरम्मत और नाला निर्माण न होने के कारण हर बारिश में लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण मो. इसराफिल और मोहम्मद सुलेमान ने प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत और जलनिकासी के लिए नाला निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।


