LPG Crisis Impact : अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब राजस्थान में भी नजर आने लगा है। कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई रुकने से जयपुर जिले के चौमूं के बलेखण स्थित बोरोसील प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट पूरी तरह बंद हो गया है। प्लांट में करीब 3 हजार मजदूर और 450 कर्मचारी कार्यरत हैं।
कंपनी अधिकारियों के अनुसार पिछले दो दिनों से एलपीजी की आपूर्ति नहीं होने से निर्माण कार्य रोकना पड़ा। इसके बाद प्रबंधन ने मजदूरों को फिलहाल काम पर नहीं आने के लिए कह दिया है।
प्लांट बंद होने से करीब 3 हजार परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों को प्रतिमाह लगभग 15 से 17 हजार रुपए तक वेतन मिलता है, लेकिन काम बंद रहने पर उन्हें मजदूरी नहीं मिल पाएगी।
रोजाना 13 से 20 टन एलपीजी की जरूरत…
कंपनी में घरेलू उपयोग और होटलों में काम आने वाली ब्रांडेड क्रॉकरी का निर्माण होता है। प्लांट को चलाने के लिए रोजाना करीब 13 से 20 टन एलपीजी की आवश्यकता पड़ती है और निर्माण से लेकर कन्वर्जन तक अधिकांश प्रक्रियाओं में एलपीजी का उपयोग किया जाता है।
सप्लाई शुरू तो प्लांट दोबारा चालू
एलपीजी की सप्लाई बंद होने से बुधवार से प्लांट बंद करना पड़ा है। ऐसी स्थिति में मजदूरों को बुलाने का औचित्य नहीं है। यदि जल्द ही आपूर्ति सुचारू नहीं हुई तो स्टाफ की भी छुट्टी करनी पड़ सकती है। सप्लाई शुरू होने के बाद ही प्लांट दोबारा चालू हो सकेगा।
महेन्द्र सिंह, जनरल मैनेजर, बोरोसिल प्राइवेट लिमिटेड, बलेखण, चौमूं


