भारतीय क्रिकेट टीम के आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) का चैंपियन बनने पर जहां देशभर में जश्न का माहौल है, वहीं महाराष्ट्र की राजनीति में पुरस्कार राशि को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक अमोल मिटकरी ने क्रिकेटरों को दी जाने वाली भारी-भरकम राशि पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार को विश्व विजेता खिलाड़ियों पर पैसा बर्बाद करने के बजाय कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आर्थिक मदद करनी चाहिए।
भव्य स्वागत समारोह पर उठाए सवाल
एनसीपी अजित पवार गुट के विधान परिषद के सदस्य (MLC) अमोल मिटकरी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस (IANS) से बातचीत के दौरान विश्व कप फाइनल और उसके बाद हुए आयोजनों के खर्च पर सवाल उठाया। मिटकरी ने कहा कि विश्व कप जीत के बाद टीम के खिलाड़ियों का बड़े पैमाने पर स्वागत किया गया, जबकि इसकी जरुरत नहीं है।
उन्होंने कहा, “बीसीसीआई ने जीत के बाद टीम को 133 करोड़ रुपये का इनाम दिया है। गुजरात में फाइनल के दौरान होटलों का किराया एक-एक लाख रुपये तक पहुंच गया था। इतनी बड़ी जीत पर बधाई तो बनती है, लेकिन इस तरह के अत्यधिक और भव्य जश्न की कोई आवश्यकता नहीं है।”
मिटकरी ने महाराष्ट्र विधान भवन में खिलाड़ियों के स्वागत और उन्हें नकद पुरस्कार देने की योजना का भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को क्रिकेटरों का विधान भवन में विशेष स्वागत नहीं करना चाहिए और न ही उन्हें अतिरिक्त आर्थिक पुरस्कार देना चाहिए।
किसानों की बदहाली पर जोर
विधायक ने कहा कि महाराष्ट्र का किसान आज कर्ज के कारण संकट में है। उन्होंने मांग की कि जो पैसा क्रिकेटरों के स्वागत और पुरस्कारों पर खर्च किया जा रहा है, उसे तुरंत किसानों की आर्थिक सहायता के लिए दिया जाना चाहिए।
अन्य खेलों को भी मिले प्रोत्साहन- मिटकरी
अमोल मिटकरी ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में क्रिकेट के अलावा कई अन्य खेल भी हैं, जिनके खिलाड़ियों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिलता। उन्होंने कहा, सरकार को केवल क्रिकेटरों को खैरात नहीं देनी चाहिए। इससे महाराष्ट्र के अन्य खेलों के प्रतिभावान खिलाड़ियों का मनोबल गिरेगा। सभी खेलों को समान रूप से प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
एनसीपी नेता के इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई करोड़ों की कमाई करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी खजाने से और पैसा दिया जाना उचित है?


