जालंधर में गांधी कैंप इलाके के पास एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान गढ़ा निवासी शिबू के रूप में हुई है, जिसका शव एफसीआई (FCI) गोदाम के पीछे झाड़ियों में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। परिजनों के अनुसार, मृतक का कुछ समय पहले परिवार के साथ विवाद हुआ था, जिसके बाद वह अपनी बुआ के पास रह रहा था। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। जालंधर के व्यस्त इलाके गांधी कैंप के समीप स्थित एफसीआई गोदाम के पिछले हिस्से में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्थानीय लोगों ने झाड़ियों के बीच एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा। शव मिलने की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और शव को अपने कब्जे में ले लिया। शव की शिनाख्त शिबू पुत्र अशोक, निवासी गढ़ा के रूप में की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जैसे ही इस दुखद घटना की खबर शिबू के परिवार तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया और वे तुरंत मौके पर पहुंचे। शिबू का कुछ दिन पहले घर में अनबन हुआ था मृतक की बुआ दीपा ने बताया कि शिबू शहर के संविधान चौक के पास स्थित एक दुकान में सीट कवर बनाने का काम करता था। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले शिबू का अपने परिवार के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इस अनबन के चलते वह पिछले 7 से 8 महीनों से अपनी बुआ के पास ही रह रहा था। हालांकि, कुछ समय बाद सुलह होने पर वह दोबारा अपने घर गढ़ा में रहने चला गया था। बुआ दीपा ने बताया कि आज अचानक शिबू की मौत की खबर मिली, जिससे पूरा परिवार स्तब्ध है। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि जो बच्चा उनके साथ रह रहा था, उसकी मौत इस तरह संदिग्ध हालातों में होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को सिविल अस्पताल की मोर्चुरी (शवगृह) में रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। शरीर पर चोट के निशान हैं या नहीं और मौत प्राकृतिक है या संदिग्ध, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरों और शिबू के मोबाइल कॉल डिटेल्स की भी जांच कर सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह गोदाम के पीछे झाड़ियों तक कैसे पहुंचा और आखिरी समय में वह किसके संपर्क में था।


