आपकी बात: बिना सोचे-समझे खरीदारी पर अंकुश के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?

आपकी बात: बिना सोचे-समझे खरीदारी पर अंकुश के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?

सोच-समझकर खरीदारी की आदत

अनियंत्रित खरीदारी पर रोक लगाने के लिए सबसे पहले एक निश्चित मासिक बजट तय करना आवश्यक है और उसी के भीतर रहने की आदत विकसित करनी चाहिए। घर से बाजार जाने से पहले जरूरी सामान की सूची तैयार कर लें और उसी के अनुसार खरीदारी करें। घर में पहले से मौजूद वस्तुओं को व्यवस्थित करने से भी यह स्पष्ट हो जाता है कि किन चीजों की वास्तव में जरूरत है। इससे अनावश्यक वस्तुएं खरीदने की प्रवृत्ति कम होती है। साथ ही, क्रेडिट कार्ड की बजाय डेबिट कार्ड का प्रयोग करने से खर्च पर बेहतर नियंत्रण बना रहता है। – प्रवेश भूतड़ा, सूरत

भावनाओं पर नियंत्रण जरूरी

अनावश्यक खरीदारी से बचने के लिए सबसे पहले अपनी इच्छाओं और भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखना चाहिए। यदि किसी वस्तु को देखकर उसे खरीदने की इच्छा हो, तो तुरंत निर्णय लेने के बजाय उसे ऑनलाइन कार्ट में जोड़कर कुछ समय के लिए छोड़ दें। एक-दो दिन बाद सोचें कि क्या वास्तव में उसकी आवश्यकता है। यदि वस्तु सच में जरूरी लगे, तभी उसे खरीदें। इस तरह सोच-समझकर लिया गया निर्णय धीरे-धीरे अनावश्यक ऑनलाइन शॉपिंग की आदत को कम करने में मदद करता है। – निर्मला वशिष्ठ, राजगढ़ (अलवर)

जरूरत और चाहत में अंतर समझें

खरीदारी करते समय यह समझना जरूरी है कि हमारी वास्तविक जरूरत क्या है और केवल इच्छा क्या है। अक्सर सेल, भारी छूट या एक के साथ एक मुफ्त जैसे ऑफर लोगों को आकर्षित करते हैं और वे आवेग में अनावश्यक वस्तुएं खरीद लेते हैं। इसलिए सख्त बजट बनाना और उसी के अनुसार खरीदारी करना समझदारी है। केवल वही वस्तुएं खरीदनी चाहिए जो पहले से तैयार सूची में शामिल हों। थोड़ा समय लेकर सोचने की आदत अनियंत्रित खर्च पर काबू पाने में मददगार साबित होती है। – लहर सनाढ्य, उदयपुर

विज्ञापनों के आकर्षण से रहें सावधान

कई बार उत्पादों के आकर्षक विज्ञापन रंग, मात्रा या मुफ्त ऑफर लोगों को प्रभावित कर देते हैं और वे बिना जरूरत के सामान खरीद लेते हैं। यह समझना जरूरी है कि अनेक विज्ञापन केवल उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए बनाए जाते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने बजट और वास्तविक जरूरतों का ध्यान रखें। बाजार जाने से पहले आवश्यक वस्तुओं की सूची तैयार करें और उसी के अनुसार खरीदारी करें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय भी उत्पाद की गुणवत्ता और विश्वसनीयता की जांच अवश्य कर लें। – विभा गुप्ता, बेंगलुरु

विज्ञापनों की चकाचौंध से बचें

आज के दौर में चमकदार विज्ञापन लोगों को अनावश्यक खरीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि हम केवल उन वस्तुओं की ही खरीदारी करें जो वास्तव में आवश्यक हों। घर से निकलने से पहले एक स्पष्ट सूची बना लें और बजट के भीतर रहकर ही खरीदारी करें। इस अनुशासित तरीके से खर्च करने से बचत की आदत विकसित होती है। यही बचत भविष्य की जरूरतों और जीवन की महत्वपूर्ण परिस्थितियों में सहायक सिद्ध होती है। – सतीश उपाध्याय, मनेन्द्रगढ़ (छत्तीसगढ़)

आय के अनुरूप खर्च की समझ

खर्च पर नियंत्रण के लिए सबसे पहले अपनी आय और बचत का संतुलित आकलन करना चाहिए। परिवार के नियमित खर्च, कर्ज या ईएमआई, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ही खरीदारी करनी चाहिए। अनावश्यक वस्तुओं पर खर्च करने के बजाय भविष्य के लिए बचत को प्राथमिकता देना अधिक समझदारी है। त्योहारों या विशेष अवसरों के लिए अलग से बचत करना भी उपयोगी उपाय है। इससे जरूरत के समय आर्थिक संतुलन बनाए रखना आसान हो जाता है। – मुकेश सोनी, जयपुर

नकद भुगतान से खर्च पर नियंत्रण

अनावश्यक खर्च से बचने के लिए खरीदारी करते समय नकद भुगतान का तरीका अपनाना प्रभावी साबित हो सकता है। डिजिटल या ऑनलाइन भुगतान की सुविधा कई बार लोगों को आवश्यकता से अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित कर देती है। इसके विपरीत, नकद राशि साथ रखने से व्यक्ति पहले ही तय कर लेता है कि उसे कितनी सीमा तक खरीदारी करनी है। इसलिए बाजार जाने से पहले एक निश्चित राशि तय कर लेना और उसी के भीतर खरीदारी करना आर्थिक अनुशासन बनाए रखने में मदद करता है। – प्रियव्रत चारण, जोधपुर

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