आईजीएनपी में होगी 45 दिन की बंदी, राजस्थान के 12 जिलों में प्रभावित होगी जलापूर्ति

आईजीएनपी में होगी 45 दिन की बंदी, राजस्थान के 12 जिलों में प्रभावित होगी जलापूर्ति

हनुमानगढ़. पंजाब जल संसाधन विभाग ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के राजस्थान फीडर (आईजीएफ) को 20 मार्च से 3 मई 2026 तक रीलाइनिंग कार्य के चलते बंद करने की अधिसूचना जारी की है। इस डेढ़ माह की बंदी का उद्देश्य पंजाब में शेष नहर खंडों का निर्माण कार्य पूरा करना बताया गया है। जल संसाधन विभाग के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार नहरबंदी के दौरान पेयजल को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि इतनी लंबी बंदी से राजस्थान के 12 जिलों में पीने के पानी की आपूर्ति गड़बड़ा सकती है। क्योंकि आईजीएनपी श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के 49 कस्बों और करीब 7,500 गांवों में लगभग 1.7 करोड़ लोगों को जलापूर्ति करता है।

सिंचाई संकट

किसान आगामी बंदी को लेकर चिंतित हैं और सिंचाई संकट की आशंका जता रहे हैं। वहीं राज्य सरकार पहले से तैयारी कर रही है कि बंदी के पहले चरण (15 दिन) तक नहर में सीमित पानी छोड़ा जाए और बाद में पूर्ण बंदी लागू हो, ताकि शुरुआती दौर में पीने के पानी की आपूर्ति बनी रहे।

पेयजल का भंडारण

सरकार ने पिछली बार इसी मौसम में आईजीएनपी बंदी के दौरान अनुभवों को ध्यान में रखा है। गत वर्ष आईजीएनपी बंदी आधिकारिक रूप से 20 मई तक घोषित थी, लेकिन बढ़ते जल संकट के कारण बंदी को लगभग दस दिन पहले ही समाप्त कर 11 मई 2025 को नहर में पानी छोड़ा गया था। इस पृष्ठभूमि में जल संसाधन विभाग ने बंदी से पहले आपातकालीन जल भंडारण बढ़ाने और नहर पाइपलाइनों के ट्यूबवेलों की मरम्मत जैसे कदम उठाए हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि बंदी के दौरान पेयजल के लिए आपात स्थिति में प्रति सेकंड लगभग 2,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जिससे सीमांत इलाकों में पीने के पानी की आपूर्ति चालू रहेगी।

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