शाहजहांपुर में जल्द ही एक नया भूकंपीय स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही, जिले के निवासियों को सप्ताह में दो बार मौसम की सटीक जानकारी भी मिलेगी। यह पहल भाजपा सांसद अरुण सागर द्वारा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को लिखे गए एक पत्र के संज्ञान में आने के बाद की जा रही है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) द्वारा शाहजहांपुर में यह नया भूकंपीय स्टेशन स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में भूगर्भीय गतिविधियों की सटीक निगरानी करना है। मंत्री जितेंद्र सिंह ने पत्र के माध्यम से बताया कि देश भर में स्थापित किए जाने वाले 100 नए भूकंपीय स्टेशनों की प्रस्तावित योजना में शाहजहांपुर को भी शामिल किया गया है। जिले के किसानों को अब मौसम की सटीक जानकारी और कृषि संबंधी सलाह नियमित रूप से प्राप्त होगी। यह जानकारी मोदीपुरम इकाई के माध्यम से सप्ताह में दो बार, मंगलवार और शुक्रवार को उपलब्ध कराई जाएगी। सांसद अरुण सागर ने अपने पत्र में शाहजहांपुर वासियों के लिए मौसम चेतावनी प्रणाली और समय रहते भूकंप की चेतावनी पहुंचाने का सुझाव दिया था। उन्होंने आकाशीय बिजली गिरने और भूकंप जैसी आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान और किसानों की फसलों की बर्बादी को रोकने के लिए यह कदम उठाया था। मंत्री ने पत्र के माध्यम से बताया कि राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान सेवाओं को मजबूत करने के लिए देश में एक व्यापक और अत्याधुनिक भूकंपीय नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में, एनसीएस 169 स्थायी भूकंपीय स्टेशनों के माध्यम से देशभर में भूकंपीय गतिविधियों की निरंतर निगरानी कर रहा है। इस नेटवर्क को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 100 अतिरिक्त स्टेशनों की स्थापना की योजना पर कार्य चल रहा है। इन नए स्टेशनों का लक्ष्य भूकंप सेवाओं को त्वरित, सटीक और व्यापक बनाना है, जिससे आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली मजबूत हो और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शाहजहांपुर का इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल में शामिल होना जिले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है। सांसद अरूण सागर ने मंत्री जितेन्द्र सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का किसान सुख समृद्धि की ओर है। ऐसी दैवीय आपदाओं से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होता है। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए एक बड़ी पहल शुरू हो गई है। सांसद ने कहा कि यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि वैज्ञानिक आधार पर जिले की सुरक्षा एवं विकास को नई दिशा देने वाला कदम है। भूकंपीय स्टेशन की स्थापना से क्षेत्रीय निगरानी प्रणाली सुदृढ़ होगी, अनुसंधान क्षमता बढ़ेगी तथा आपदा प्रबंधन तंत्र अधिक प्रभावी बनेगा।


