‘मैंने अपने भाई को लड़की के साथ रंगेहाथों पकड़ा था। लड़की को पकड़ा और उसके भाइयों को आवाज देकर बुलाया। मेरे चचेरे भाइयों ने अपनी बहन को समझाने के बजाए हम दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। फिर घर में घुसकर मेरी मां और बहन को भी पीटा। मारपीट के बाद आरोपी मेरे भाई को उठाकर ले गए। अगले दिन जब पुलिस से इसकी शिकायत की तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि तुम्हारा भाई लड़की के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया था, इसलिए शर्म की वजह से भाग गया होगा।’ ये बातें नालंदा के पांकी गांव के रहने वाले सन्नी कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। दरअसल, नालंदा में चचेरी बहन से अफेयर में दो बच्चों के पिता की ईंट से कूचकर हत्या कर दी गई। उसकी लाश को गांव में ही तालाब में फेंक दिया गया। चचेरी बहन से अफेयर का क्या मामला है? अफेयर कब से था? आरोपियों ने हत्या की वारदात को कैसे अंजाम दिया? मृतक के परिजन और पुलिस का क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले चचेरे भाई-बहन की अफेयर की कहानी जानिए मृतक की पहचान 25 साल के मणि कुमार और उसकी प्रेमिका की पहचान 20 साल की शालिनी (काल्पनिक नाम) के रूप में की गई है। मृतक सिलाव थाना क्षेत्र के पांकी गांव की रहने वाला था। मृतक के भाई सन्नी कुमार ने बताया कि मेरे घर के पास ही मेरे चाचा का घर है। चाचा की बेटी से मेरे भाई का पिछले एक साल से अफेयर चल रहा था। घर के लोगों को अफेयर की जानकारी मिली तो हम लोगों ने मणि और चाचा के घर वालों ने शालिनी को समझाया। लेकिन दोनों ने किसी की नहीं सुनी। 4 मार्च की रात 10 बजे मैं घर के ऊपर वाले कमरे में गया। वहां अपने भाई मणि को शालिनी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। मैंने लड़की को पकड़ लिया और उसके भाई को कॉल करके बुलाया। लड़की के परिजन ने शालिनी को छोड़कर हम दोनों को पकड़ लिया और जमकर पिटाई की। आरोपी धर्मेंद्र राम, राजेश राम, राकेश राम, छोटू और विकास मेरे घर पहुंचे और मेरी मां और बहन की भी पिटाई की। लड़की के भाइयों ने मेरे भाई की हत्या करने की धमकी दी सन्नी ने आगे बताया कि मैंने पुलिस को कॉल किया। पुलिस के सामने लड़की के छोटे भाई ने धमकी दी और कहा- तुम्हारे भाई की हत्या कर देंगे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वो फरार हो गया। 4 मार्च को पुलिस के जाने के बाद शालिनी के भाई मेरे बड़े भाई मणि कुमार को घर से उठाकर ले गए। हम लोगों ने सोचा कि मारपीट कर छोड़ देंगे। लेकिन मेरा भाई रातभर घर नहीं लौटा। हम लोगों ने अगली सुबह 5 मार्च की सुबह पुलिस को शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शनिवार सुबह हम लोग पुलिस के पास जा रहे थे। इसी दौरान मेरे भाई की लाश तालाब में मिली। लड़की को कई बार समझाया, लेकिन रात के अंधेरे में घर आ जाती थी सन्नी ने बताया कि हम लोगों ने लड़की को कई बार समझाया, अपने भाई को समझाया। चूंकि मेरा भाई शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था। उसने हम लोगों की बात मान ली थी, लेकिन लड़की किसी की नहीं सुन रही थी। वो अक्सर अपने घर के छत से मेरे घर रात के अंधेरे में आ जाती थी। होली की छुट्टी लेकर 10 दिन पहले घर लौटा था मणि कुमार मणि कुमार तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। पत्नी और बच्चों के लिए वो छपरा में रहकर कार्ड बोर्ड फैक्ट्री में काम करता था। पिछले महीने ही उसके पिता उपेंद्र राम की ब्रेन हैमरेज से मौत हुई थी। पिता की मौत के बाद मणि घर आया था। दशकर्म निपटाकर छपरा चला गया था। 10 दिन पहले होली की छुट्टी लेकर घर आया था। घटना के वक्त मन्नू की पत्नी अपने दो छोटे बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) के साथ दिल्ली में अपनी मां के पास गई हुई थी। शालिनी की इसी महीने शादी थी, अफेयर की चर्चा न हो, इसलिए मार डाला सन्नी के मुताबिक, शालिनी की इसी महीने शादी होनी है। अफेयर की चर्चा गांव में न फैले और लड़की की शादी न टूटे, इसलिए लड़की के भाई वालों ने मिलकर मेरे भाई की हत्या कर दी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी पुलिस वारदात को लेकर पूछे जाने पर राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला अवैध संबंध का लग रहा है। 4 मार्च को पुलिस घरेलू विवाद की सूचना पर गांव गई थी, लेकिन तब मामला इतना गंभीर नहीं बताया गया था। डीएसपी ने कहा कि शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। ‘मैंने अपने भाई को लड़की के साथ रंगेहाथों पकड़ा था। लड़की को पकड़ा और उसके भाइयों को आवाज देकर बुलाया। मेरे चचेरे भाइयों ने अपनी बहन को समझाने के बजाए हम दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। फिर घर में घुसकर मेरी मां और बहन को भी पीटा। मारपीट के बाद आरोपी मेरे भाई को उठाकर ले गए। अगले दिन जब पुलिस से इसकी शिकायत की तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि तुम्हारा भाई लड़की के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया था, इसलिए शर्म की वजह से भाग गया होगा।’ ये बातें नालंदा के पांकी गांव के रहने वाले सन्नी कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। दरअसल, नालंदा में चचेरी बहन से अफेयर में दो बच्चों के पिता की ईंट से कूचकर हत्या कर दी गई। उसकी लाश को गांव में ही तालाब में फेंक दिया गया। चचेरी बहन से अफेयर का क्या मामला है? अफेयर कब से था? आरोपियों ने हत्या की वारदात को कैसे अंजाम दिया? मृतक के परिजन और पुलिस का क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले चचेरे भाई-बहन की अफेयर की कहानी जानिए मृतक की पहचान 25 साल के मणि कुमार और उसकी प्रेमिका की पहचान 20 साल की शालिनी (काल्पनिक नाम) के रूप में की गई है। मृतक सिलाव थाना क्षेत्र के पांकी गांव की रहने वाला था। मृतक के भाई सन्नी कुमार ने बताया कि मेरे घर के पास ही मेरे चाचा का घर है। चाचा की बेटी से मेरे भाई का पिछले एक साल से अफेयर चल रहा था। घर के लोगों को अफेयर की जानकारी मिली तो हम लोगों ने मणि और चाचा के घर वालों ने शालिनी को समझाया। लेकिन दोनों ने किसी की नहीं सुनी। 4 मार्च की रात 10 बजे मैं घर के ऊपर वाले कमरे में गया। वहां अपने भाई मणि को शालिनी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। मैंने लड़की को पकड़ लिया और उसके भाई को कॉल करके बुलाया। लड़की के परिजन ने शालिनी को छोड़कर हम दोनों को पकड़ लिया और जमकर पिटाई की। आरोपी धर्मेंद्र राम, राजेश राम, राकेश राम, छोटू और विकास मेरे घर पहुंचे और मेरी मां और बहन की भी पिटाई की। लड़की के भाइयों ने मेरे भाई की हत्या करने की धमकी दी सन्नी ने आगे बताया कि मैंने पुलिस को कॉल किया। पुलिस के सामने लड़की के छोटे भाई ने धमकी दी और कहा- तुम्हारे भाई की हत्या कर देंगे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वो फरार हो गया। 4 मार्च को पुलिस के जाने के बाद शालिनी के भाई मेरे बड़े भाई मणि कुमार को घर से उठाकर ले गए। हम लोगों ने सोचा कि मारपीट कर छोड़ देंगे। लेकिन मेरा भाई रातभर घर नहीं लौटा। हम लोगों ने अगली सुबह 5 मार्च की सुबह पुलिस को शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शनिवार सुबह हम लोग पुलिस के पास जा रहे थे। इसी दौरान मेरे भाई की लाश तालाब में मिली। लड़की को कई बार समझाया, लेकिन रात के अंधेरे में घर आ जाती थी सन्नी ने बताया कि हम लोगों ने लड़की को कई बार समझाया, अपने भाई को समझाया। चूंकि मेरा भाई शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था। उसने हम लोगों की बात मान ली थी, लेकिन लड़की किसी की नहीं सुन रही थी। वो अक्सर अपने घर के छत से मेरे घर रात के अंधेरे में आ जाती थी। होली की छुट्टी लेकर 10 दिन पहले घर लौटा था मणि कुमार मणि कुमार तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। पत्नी और बच्चों के लिए वो छपरा में रहकर कार्ड बोर्ड फैक्ट्री में काम करता था। पिछले महीने ही उसके पिता उपेंद्र राम की ब्रेन हैमरेज से मौत हुई थी। पिता की मौत के बाद मणि घर आया था। दशकर्म निपटाकर छपरा चला गया था। 10 दिन पहले होली की छुट्टी लेकर घर आया था। घटना के वक्त मन्नू की पत्नी अपने दो छोटे बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) के साथ दिल्ली में अपनी मां के पास गई हुई थी। शालिनी की इसी महीने शादी थी, अफेयर की चर्चा न हो, इसलिए मार डाला सन्नी के मुताबिक, शालिनी की इसी महीने शादी होनी है। अफेयर की चर्चा गांव में न फैले और लड़की की शादी न टूटे, इसलिए लड़की के भाई वालों ने मिलकर मेरे भाई की हत्या कर दी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी पुलिस वारदात को लेकर पूछे जाने पर राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला अवैध संबंध का लग रहा है। 4 मार्च को पुलिस घरेलू विवाद की सूचना पर गांव गई थी, लेकिन तब मामला इतना गंभीर नहीं बताया गया था। डीएसपी ने कहा कि शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है।


