कल से मौसम बदलने की संभावना, तेज हवा चलेगी, हल्की बारिश होगी

कल से मौसम बदलने की संभावना, तेज हवा चलेगी, हल्की बारिश होगी

पटना|राज्य में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। अभी सामान्य से पांच-छह डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। अब पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक से अगले 48 घंटों के भीतर बड़ा बदलाव आने वाला है। ​मौसम विभाग के पटना केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 और 10 मार्च को बिहार के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। ओडिशा और उसके आसपास के निचले क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती हवा का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिमी उत्तरप्रदेश तक फैली है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवा पूर्वी भारत की ओर आ रही है, जो बिहार और झारखंड में बारिश की स्थिति पैदा कर रही है। फसलों पर प्रभाव : गेहूं की फसल अभी दाना भरने की अवस्था में है। हल्की बारिश दानों के लिए फायदेमंद है, लेकिन तेज हवाओं से खड़ी फसल गिरने का खतरा है। ​आम और लीची के मंजर के लिए हल्की नमी वरदान है, जिससे मधुआ कीट कम होगा। लेकिन तेज हवा और ओलावृष्टि मंजरों को झाड़ सकती है, जिससे पैदावार घट जाएगी। ​मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव रोक दें। बिजली कड़कने के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न रहें। पटना|राज्य में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। अभी सामान्य से पांच-छह डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। अब पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक से अगले 48 घंटों के भीतर बड़ा बदलाव आने वाला है। ​मौसम विभाग के पटना केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 और 10 मार्च को बिहार के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। ओडिशा और उसके आसपास के निचले क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती हवा का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिमी उत्तरप्रदेश तक फैली है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवा पूर्वी भारत की ओर आ रही है, जो बिहार और झारखंड में बारिश की स्थिति पैदा कर रही है। फसलों पर प्रभाव : गेहूं की फसल अभी दाना भरने की अवस्था में है। हल्की बारिश दानों के लिए फायदेमंद है, लेकिन तेज हवाओं से खड़ी फसल गिरने का खतरा है। ​आम और लीची के मंजर के लिए हल्की नमी वरदान है, जिससे मधुआ कीट कम होगा। लेकिन तेज हवा और ओलावृष्टि मंजरों को झाड़ सकती है, जिससे पैदावार घट जाएगी। ​मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव रोक दें। बिजली कड़कने के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न रहें।  

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