नाबालिग प्रेमिका को अगवा कर सर्जरी से कराई डिलिवरी

नाबालिग प्रेमिका को अगवा कर सर्जरी से कराई डिलिवरी

प्रेमी, उसकी मां, अस्पताल संचालक गिरफ्तार
गर्भवती नाबालिग प्रेमिका को प्रेमी ने अपनी मां के साथ मिलकर अगवा कर लिया। उसे संजीवनी क्लिनिक में ले जाकर सर्जरी से डिलिवरी कराई। नवजात बच्ची को उससे छिपा लिया और उसे बेचने का प्रयास किया। इधर, प्रेमिका के परिजनों की शिकायत पर गर्दनीबाग पुलिस ने गर्दनीबाग के ही प्रेमी राहुल कुमार, उसकी मां लक्ष्मी देवी और संजीवनी क्लिनिक के संचालक राकेश सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह बात आई कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की जगह सर्जन से सर्जरी करा कर डिलिवरी करवाई थी। पुलिस उस सर्जन को भी तलाश रही है। सभी आरोपियों पर पॉक्सो की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में पता चला कि संजीवनी क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं है। मामले की जांच सिविल सर्जन और जिला प्रशासन की टीम कर रही है। अस्पताल को सील किया जा सकता है। साथ ही सर्जरी में शामिल अस्पताल कर्मियों पर भी कार्रवाई होगी। साजिश : नवजात को बेचने वाले थे केस दो मार्च को किया अपहरण और उसी दिन कराया डिलीवरी प्रेमिका के गर्भवती होने की बात राहुल ने अपनी मां को बताई। मां के साथ मिलकर उसने साजिश रची कि उसकी डिलिवरी कराकर बच्चे को बेच दिया जाए। राहुल ने झांसा देकर प्रेमिका को मां से मिलने बुलाया। 2 मार्च को लड़की राहुल और उसकी मां से मिली। दोनों उसे अनीसाबाद मोड़ स्थित संजीवनी क्लिनिक ले गए। मां-बेटे ने संचालक से पहले ही बात कर रखी थी। 2 मार्च को ही सर्जरी से लड़की की डिलिवरी कराई गई। 3 मार्च को लड़की की मां ने गर्दनीबाग थाने को जानकारी दी। लड़की के मोबाइल की सीडीआर और संदिग्ध मोबाइल नंबरों के लोकेशन के आधार पर पुलिस संजीवनी क्लिनिक पहुंची। पुलिस ने तीन मोबाइल, संजीवनी क्लिनिक की पांच पर्चियां, एक डायरी और पीड़िता की ब्लड जांच रिपोर्ट जब्त की है। 7 माह की गर्भवती थी, डीएनए टेस्ट होगा पुलिस की जांच में यह बात आई कि लड़की सात माह की गर्भवती थी। पुलिस ने उसकी नवजात बच्ची को बरामद कर लिया है। उसे सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया गया है। डॉक्टरों की टीम नवजात की देखरेख कर रही है। इधर पीड़िता को इलाज के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। कोर्ट से इजाजत के बाद पुलिस नवजात बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाएगी। प्रेमी, उसकी मां, अस्पताल संचालक गिरफ्तार
गर्भवती नाबालिग प्रेमिका को प्रेमी ने अपनी मां के साथ मिलकर अगवा कर लिया। उसे संजीवनी क्लिनिक में ले जाकर सर्जरी से डिलिवरी कराई। नवजात बच्ची को उससे छिपा लिया और उसे बेचने का प्रयास किया। इधर, प्रेमिका के परिजनों की शिकायत पर गर्दनीबाग पुलिस ने गर्दनीबाग के ही प्रेमी राहुल कुमार, उसकी मां लक्ष्मी देवी और संजीवनी क्लिनिक के संचालक राकेश सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह बात आई कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की जगह सर्जन से सर्जरी करा कर डिलिवरी करवाई थी। पुलिस उस सर्जन को भी तलाश रही है। सभी आरोपियों पर पॉक्सो की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में पता चला कि संजीवनी क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं है। मामले की जांच सिविल सर्जन और जिला प्रशासन की टीम कर रही है। अस्पताल को सील किया जा सकता है। साथ ही सर्जरी में शामिल अस्पताल कर्मियों पर भी कार्रवाई होगी। साजिश : नवजात को बेचने वाले थे केस दो मार्च को किया अपहरण और उसी दिन कराया डिलीवरी प्रेमिका के गर्भवती होने की बात राहुल ने अपनी मां को बताई। मां के साथ मिलकर उसने साजिश रची कि उसकी डिलिवरी कराकर बच्चे को बेच दिया जाए। राहुल ने झांसा देकर प्रेमिका को मां से मिलने बुलाया। 2 मार्च को लड़की राहुल और उसकी मां से मिली। दोनों उसे अनीसाबाद मोड़ स्थित संजीवनी क्लिनिक ले गए। मां-बेटे ने संचालक से पहले ही बात कर रखी थी। 2 मार्च को ही सर्जरी से लड़की की डिलिवरी कराई गई। 3 मार्च को लड़की की मां ने गर्दनीबाग थाने को जानकारी दी। लड़की के मोबाइल की सीडीआर और संदिग्ध मोबाइल नंबरों के लोकेशन के आधार पर पुलिस संजीवनी क्लिनिक पहुंची। पुलिस ने तीन मोबाइल, संजीवनी क्लिनिक की पांच पर्चियां, एक डायरी और पीड़िता की ब्लड जांच रिपोर्ट जब्त की है। 7 माह की गर्भवती थी, डीएनए टेस्ट होगा पुलिस की जांच में यह बात आई कि लड़की सात माह की गर्भवती थी। पुलिस ने उसकी नवजात बच्ची को बरामद कर लिया है। उसे सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया गया है। डॉक्टरों की टीम नवजात की देखरेख कर रही है। इधर पीड़िता को इलाज के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। कोर्ट से इजाजत के बाद पुलिस नवजात बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाएगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *