TMC का यू-टर्न: पहले किया इनकार, अब ओम बिरला के खिलाफ वोट करेगी ममता की पार्टी

TMC का यू-टर्न: पहले किया इनकार, अब ओम बिरला के खिलाफ वोट करेगी ममता की पार्टी

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा। बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने से पहले पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने अपने फैसले से यू-टर्न लिया है। अब TMC ओम बिरला को पद से हटाने के लिए खिलाफ कांग्रेस का समर्थन करेगी। 

TMC Supports No-Confidence Motion Against Om Birla: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा। इसी सत्र में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव चर्चा हो सकती है। सत्र शुरू होने से पहले पश्चिम बंगाल की CM एवं TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी ने अपने पुराने फैसले से यू-टर्न लिया है। अब ममता बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए TMC सांसदों को वोट करने के लिए कहा है। इसके पहले बजट सत्र के पहले चरण में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। उस समय अविश्वास प्रस्ताव पर TMC सांसदों ने साइन नहीं किए थे।

TMC सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर क्यों नहीं किए थे साइन?

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर TMC सांसदों ने साइन नहीं करने का कारण बताया था। TMC का कहना था कि सीधे अविश्वास प्रस्ताव लाने की बजाए, पहले स्पीकर को पत्र लिखकर 3 दिन का समय दिया जाना चाहिए। अब विपक्षी एकता को ध्यान में रखते हुए TMC ने ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने का निर्णय लिया है। 9 मार्च से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।

ओम बिरला को हटाने के लिए कितने सांसदों ने किए साइन?

कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया था। इस प्रस्ताव के नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और DMK सहित I.N.D.I.A. गठबंधन के करीब 118 सांसदों ने साइन किया था। उस समय TMC के सांसदों ने इस प्रस्ताव पर साइन नहीं किए थे। हालांकि, अब ममता बनर्जी ने TMC सांसदों को अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने के लिए कहा है। इस संबंध में ममता बनर्जी ने व्हिप जारी किया और पार्टी के सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में मौजूद रहने के लिए कहा है। यह प्रस्ताव पेश होने पर ओम बिरला खुद सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं करेंगे, बल्कि सदन में एक सदस्य के रूप में बैठेंगे।

दोनों सदनों में TMC कितनी मजबूत?

TMC ने ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्षी द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्णय लिया है। TMC से समर्थन के विपक्षी दलों को काफी मजबूती मिलेगी। TMC के राज्यसभा में 12 सदस्य हैं। इसके अलावा लोकसभा में TMC के 28 सदस्य हैं। बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। हालांकि, सदन में सत्ता पक्ष की स्थिति मजबूत होने की वजह से इस अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। लोकसभा में 541 सदस्यों की मौजूदा ताकत में सत्तारूढ़ NDA के पास 293 सांसद हैं। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव का गिरना लगभग तय माना जा रहा है।

विपक्षी दल क्यों ला रहे अविश्वास प्रस्ताव?

विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बात रखने का मौका नहीं दिया गया। बता दें कि ओम बिरला ने लोकसभा में राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कुछ अंश पर बोलने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों के साथ ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नरवड़े की किताब के इस प्रसंग में 31 अगस्त 2020 की रात लद्दाख में चीन के साथ हुई झड़प के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का जिक्र किया गया है। किताब के अंश का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने सदन ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने तनाव के दौरान अपना रुख स्पष्ट नहीं किया।

  

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