दुबग्गा इलाके में हैप्पी होली कहने के विवाद में युवक की हत्या के आरोपी जीएसटी क्लर्क को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोप है कि उसने पिता की नौकरी हासिल करने के लिए करीब 12 साल पहले उनकी हत्या कर दी थी। उनके शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया था। सांत्वना देने पहुंचे लोगों को भगा दिया था। बता दें कि 4 मार्च को होली के दिन दुबग्गा के बेगरिया गांव में सूरज गौतम (22) की जीएसटी क्लर्क मोहित तिवारी, उसकी मां रंजना और बहन शिवानी ने चाकू से ताबड़तोड़ वार करके हत्या कर दी थी। पुलिस ने 5 मार्च को तीनों आरोपी को जेल भेज दिया। भास्कर रिपोर्टर ने मामले में मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और पुलिस से बातचीत की तो ये बातें सामने आईं। पता चला कि आरोपी गांव में किसी से संबंध नहीं रखत था। यदि बच्चे भी उसके घर के सामने खेलते-खेलते पहुंच जाते थे, तो उन्हें भी पत्थर मारकर भगा देता था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पिता की मौत पर किसी को आने नहीं दिया गांव निवासी पवन ने बताया- मोहित तिवारी के पिता सेल्स टैक्स विभाग में तैनात थे। उनकी मौत के बाद मोहित को अनुकंपा पर उनकी जगह नौकरी मिली है। वह इस समय वाराणसी में जीएसटी विभाग में क्लर्क है। जब उसके पिता की मौत हुई थी तो बहुत अजीबो-गरीब स्थिति देखने को मिली थी। गांव के लोग जब उसके घर संवदेना व्यक्त करने पहुंचे थे तो उन्हें भगा दिया था। अकेले ही जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया था। मोहल्ले में सभी लोग कहते हैं कि उसने नौकरी पाने के लिए पिता की हत्या की थी। बच्चों को भी मारता था
पवन ने बताया कि मोहित की गांव में किसी से नहीं बनती थी। वह किसी से बातचीत नहीं करता था। अपने-आप में खोया रहता था। वह मोहल्ले में छोटे-छोटे बच्चों को पत्थर मारने के लिए दौड़ाता था। अगर कोई बच्चों को मारने की वजह पूछे तो पुलिस बुला लेता था। फिर उल्टा बच्चों को गलत ठहराता था। इंस्पेक्टर दुबग्गा श्रीकांत राय ने बताया कि मोहित, उसकी मां और बहन को जेल भेजा जा चुका है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला बेगरिया निवासी राजेंद्र गौतम होली की शाम करीब 5 बजे मोहल्ले के निशु के साथ घर के सामने खड़े थे। इस दौरान निशु ने वहां से गुजर रहे गांव के मोहित तिवारी को हैप्पी होली बोल दिया। बाइक सवार मोहित तिवारी ने इसका विरोध किया। इस पर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। राजेंद्र के बेटे सूरज और शिवा बीच-बचाव करने आए। शोर-शराबा सुनकर मोहित की मां रंजना और बहन शिवानी भी आ गई। राजेंद्र का आरोप है कि शिवानी अपने कुर्ते में चाकू छिपाकर लाई। उसने सूरज के पेट में चाकू से 3 वार किए। उसके बाद मोहित और उसकी मां रंजना ने भी कई वार किए। सूरज को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुस्साए लोगों ने आरोपियों को मारने की कोशिश की घटना के बाद मोहित, उसकी मां और बहन भागने की कोशिश में थे। गांव के लोगों ने उनका घर घेर लिया। इस बीच पहुंची पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें लेकर थाने जाने लगी तो ग्रामीणों ने उन्हें पीटने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बचा लिया। मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने करीब 3 घंटे दुबग्गा थाने का घेराव किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया तो लोग शांत हुए। —————— संबंधित खबर भी पढ़िए… हैप्पी होली कहने के विवाद में युवक की हत्या:लखनऊ में भाई-बहन ने चाकू से पेट में ताबड़तोड़ वार किए, पिता को बचाने आया था लखनऊ में हैप्पी होली कहने के विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पड़ोसी भाई-बहन ने उसके पेट में चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर हालत में उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें


