अगर मैं पूछूं कि “आप फिट हैं या नहीं” तो शायद आप अपने वजन को पैमाना मानकर जवाब देंगे। लेकिन जरा ठहरिए… सिर्फ वजन आपकी सेहत की पूरी कहानी नहीं कहता है। फिटनेस का सही पैमाना ये है कि आपके शरीर में मसल्स और फैट का रेशियो क्या है? एक कमाल की बात ये है कि अगर ये रेशियो बैलेंस रहे तो ब्रेन हेल्थ पर पॉजिटिव असर होता है। ‘जर्नल ऑफ अल्जाइमर्स एसोसिएशन’ में हाल ही में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, हमारे शरीर का मसल-फैट रेशियो ब्रेन हेल्थ का इंडिकेटर है। अगर शरीर में मसल का रेशियो फैट से ज्यादा है तो ब्रेन फंक्शनिंग बेहतर रहती है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में समझेंगे कि मसल-फैट रेशियो क्या है। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. जुबैर सरकार, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- मसल-फैट रेशियो क्या होता है? जवाब- शरीर मुख्य रूप से मसल्स और फैट से मिलकर बना है। किसी की सेहत कितनी अच्छी है, यह इनके बीच के रेशियो से तय होता है यानी शरीर में कितने फीसदी फैट है और कितनी मसल्स हैं। इनके बीच के रेशियो को ही ‘मसल्स-फैट रेशियो’ कहते हैं। यह शरीर की बनावट और मेटाबॉलिक हेल्थ का संकेत देता है। सवाल- मसल-फैट रेशियो का ब्रेन से क्या कनेक्शन है? जवाब- हम आमतौर पर सोचते हैं कि ब्रेन शरीर को कंट्रोल करता है। यानी ब्रेन मसल्स को सिग्नल देता है और वो उसके मुताबिक काम करती हैं। ये सही भी है, लेकिन शरीर की मसल्स और उनकी एक्टिविटी भी ब्रेन को सिग्नल वापस भेजती हैं। उदाहरण के लिए, जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो मसल्स कुछ केमिकल्स (जैसे मायोकाइन्स) रिलीज करती हैं। ये केमिकल्स ब्रेन सेल्स को मजबूत करते हैं। इससे याददाश्त सुधरती होती है औ उम्र के साथ कॉग्निटिव डिक्लाइन (ब्रेन के काम करने की क्षमता में गिरावट) का रिस्क भी कम होता है। सवाल- मसल-फैट रेशियो को लेकर हाल ही में हुई स्टडी क्या कहती है? जवाब- ‘जर्नल ऑफ अल्जाइमर्स एसोसिएशन’ में पब्लिश इस स्टडी में ये मुख्य बातें पता चली हैं- सवाल- मसल-फैट रेशियो और BMI (बॉडी मास इंडेक्स) में क्या अंतर है? जवाब- BMI (बॉडी मास इंडेक्स) एक फिटनेस इंडेक्स है, जो शरीर के वजन और लंबाई के आधार पर निकाला जाता है। इससे पता चलता है कि व्यक्ति अंडरवेट, नॉर्मल, ओवरवेट या ओबीज कैटेगरी में है या नहीं। लेकिन BMI से यह नहीं पता चलता कि शरीर के वजन की वजह मसल है या फैट। जबकि मसल-फैट रेशियो शरीर में मौजूद मांसपेशियों और फैट के एक्चुअल रेशियो को बताता है। यह बॉडी कंपोजिशन पता करने का अधिक सटीक पैमाना है। सवाल- मसल-फैट रेशियो ब्रेन हेल्थ के लिए क्यों जरूरी है? जवाब- मसल-फैट रेशियो का सीधा संबंध ब्रेन की फंक्शनिंग से जुड़ा है। नीचे ग्राफिक में हेल्दी मसल–फैट रेशियो के फायदे दो हिस्सों में समझाए गए हैं। सवाल- अगर बॉडी में फैट ज्यादा हो और मसल्स कम तो इससे ब्रेन को क्या नुकसान होता है? जवाब- इसका ब्रेन पर कई तरह से प्रभाव पड़ता है– ज्यादा बॉडी फैट खासकर विसरल फैट (पेट की चर्बी) शरीर में लो-ग्रेड इंफ्लेमेशन बढ़ाता है। यह इंफ्लेमेशन धीरे-धीरे ब्रेन तक असर डाल सकता है। मसल्स कम होने से इंसुलिन सेंसिटिविटी घटती है। इससे ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। यह लंबे समय में ब्रेन फंक्शन पर नेगेटिव असर डालता है। ऐसी स्थिति में याददाश्त कमजोर होना, फोकस में कमी और उम्र के साथ कॉग्निटिव डिक्लाइन (ब्रेन की फंक्शनिंग में कमजोरी) का जोखिम बढ़ सकता है। सवाल– किन कारणों से शरीर में मसल रेशियो कम होता है? जवाब- मसल रेशियो कम होने का मतलब है कि शरीर में मसल्स घट रही हैं और फैट का हिस्सा बढ़ रहा है। इसकी वजह सिर्फ उम्र नहीं है, बल्कि लाइफस्टाइल, हॉर्मोनल बदलाव, बीमारियां और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। नीचे ग्राफिक में मसल लॉस के संभावित कारणों को अलग-अलग कैटेगरी में समझाया गया है। सवाल- क्या मसल्स बढ़ाने से ब्रेन एजिंग की गति धीमी होती है? जवाब- यह सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता कि मसल्स बढ़ाने से ब्रेन एजिंग की स्पीड रुक जाती है, लेकिन मजबूत और एक्टिव मसल्स ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट जरूर करती हैं। मसल्स एक्टिव टिश्यू होते हैं। वे मायोकाइन्स जैसे केमिकल रिलीज करते हैं, जो इंफ्लेमेशन कम करने और ब्रेन सेल्स के बीच कनेक्शन बनाने में मदद कर सकते हैं। सवाल- क्या हाई-प्रोटीन डाइट ब्रेन हेल्थ को सीधे फायदा पहुंचाती है? जवाब- जब हम प्रोटीन खाते हैं, तो शरीर उसे छोटे हिस्सों में तोड़ देता है। इन्हें अमीनो एसिड कहते हैं। यही अमीनो एसिड ब्रेन में ऐसे केमिकल बनाने में काम आते हैं, जो ब्रेन की कोशिकाओं के बीच संदेश पहुंचाते हैं। इन केमिकल्स की वजह से- सवाल- कैसे पता चलता है कि हमारी बॉडी में फैट रेशियो ज्यादा है? जवाब- कुछ खास संकेत और टेस्ट इसमें मदद करते हैं- सवाल- मसल-फैट रेशियो संतुलित रखने के लिए हमारी डाइट कैसी होनी चाहिए? जवाब- मसल-फैट रेशियो बेहतर रखने के लिए बैलेंस डाइट जरूरी है। डाइट में हाई-क्वालिटी प्रोटीन, हेल्दी फैट, भरपूर फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होने चाहिए। ग्राफिक से समझते हैं कि डाइट कैसी होनी चाहिए- सवाल- मसल-फैट रेशियो बैलेंस्ड रखने के लिए ओवरऑल हमारी लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए? जवाब- इसकी सभी जरूरी बातों को नीचे पॉइंटर्स से समझते हैं- …………………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट:जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे? इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
जरूरत की खबर- मसल-फैट रेशियो सही तो ब्रेन रहता एक्टिव:घटता बीमारियों का रिस्क, पतला होना काफी नहीं, मसल-फैट का सही बैलेंस जरूरी


