MDA इंजीनियरों के भ्रष्टाचार-मजदूरों के हाथ-पैर तोड़ने पर कमिश्नर बोले:यकीन रखें दोषियों पर तगड़ी कार्रवाई होगी;मानचित्र के लिए 15 दिन में देनी होगी NOC

MDA इंजीनियरों के भ्रष्टाचार-मजदूरों के हाथ-पैर तोड़ने पर कमिश्नर बोले:यकीन रखें दोषियों पर तगड़ी कार्रवाई होगी;मानचित्र के लिए 15 दिन में देनी होगी NOC

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों पर लग रहे भ्रष्टाचार के संगीन आरोप और एक जेई द्वारा मजदूरों के हाथ-पैर तोड़े जाने की घटना पर कमिश्नर आन्जनेय सिंह ने कड़ी कार्रवाई की बात कही है। कमिश्नर ने कहा कि जेई की पिटाई में मजदूरों के हाथ-पैर टूटने की घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि, लोग निलंबन को ही कार्रवाई समझते हैं, जबकि एमडीए में मेन पावर कम होने की वजह से कर्मियों को निलंबित करने के स्थान पर दूसरी सजाएं देना मजबूरी है। लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है कि जो गलत लोग हैं उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बता दें कि होली से कुछ दिन पहले 27 फरवरी को देर शाम एमडीए के जेई देवेंद्र यादव ने दिल्ली रोड पर एक दुकान का निर्माण कर रहे मजदूरों पर लाठियां बरसा दी थीं। एमडीए के कुछ गार्ड्स और मातहतों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे अवर अभियंता ने छत पर काम कर रहे मजदूरों को सीधा डंडे से पीटना शुरू कर दिया था। जेई की पिटाई में एक मजदूर के हाथ की हड्‌डी टूट गई थी। जबकि दूसरा मजदूर जेई के डंडे से बचने की कोशिश में छत से गिर गया था। उसके टांगों में 5 जगहों पर फ्रैक्चर हुआ है। मजदूर को शहर के सिद्ध अस्पताल में दोनों पैरों में रॉड डालनी पड़ी है। मामले में एमडीए के वीसी अनुभव यादव का रुख अभी तक लीपापोती वाला रहा है। प्राधिकरण जेई की गुंडई का मामला सरेआम सामने आने के बाद भी एमडीए उपाध्यक्ष ने मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। प्राधिकरण अफसरों के दबाव में पुलिस ने भी मामला दर्ज नहीं किया है। इस बीच कमिश्नर आन्जनेय सिंह ने कहा है कि, मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शहर के नामी आर्किटेक्ट के करीबी की दुकानें बना रहे थे मजदूर
मामला दिल्ली रोड पर पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हो रहे आनंद शर्मा और जसवीर सिंह के निर्माणों से जुड़ा है। दोनों यहां 70-70 मीटर में अपनी दुकानें बना रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आनंद शर्मा और जसवीर सिंह शहर के एक नामी आर्किटेक्ट के करीबी हैं। इनमें से एक आनंद शर्मा पेंट का काम करता है। आर्किटेक्ट के पेंट के सभी काम आनंद शर्मा ही करता है। सूत्र बताते हैं कि इसी आर्किटेक्ट की शह पर यह निर्माण कार्य हो रहे थे। यह आर्किटेक्ट शहर में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कराने के लिए बदनाम है। प्राधिकरण में अच्छी सेटिंग होने की वजह से आर्किटेक्ट बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों और बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए मशहूर है। आर्किटेक्ट का पिता सत्ताधारी दल के अनुसांगिक संगठन का अहम पदाधिकारी है।
27 फरवरी को देर शाम दिल्ली रोड पर सीएनजी पंप के सामने बिल्डिंग निर्माण कर रहे ठेकेदार सुनील सागर और उसके मजदूरों पर एमडीए जेई देवेंद्र यादव ने डंडे बरासाए थे। सुनील सागर का आरोप है कि जेई डंडा लेकर छत पर चढ़े और उन्होंने सीधे मजदूरों को डंडों से पीटना शुरू कर दिया। जेई की मारपीट से एक मजदूर लेखराज निवासी इटायाला माफी के हाथ की हड्‌डी टूट गई। जबकि दूसरा मजदूर सोनू निवासी बागड़पुर को जेई ने डंडों से पीटते-पीटते छत से नीचे गिरा दिया। हादसे में जेई की दोनों टांगों में फ्रैक्चर हुआ है। सुनील सागर का आरोप है कि जेई ने उसे भी बेरहमी से पीटा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए भद्दी गालियां दी। कमिश्नर बोले- जांच करा रहा हूं, कड़ी कार्रवाई करेंगे
मजूदरों के हाथ-पैर तोड़ने जाने की घटना पर प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष और कमिश्नर आन्जनेय सिंह ने कहा कि, मामला उनकी जानकरी में है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण पर जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। कमिश्नर ने कहा कि इस तरह की शिकायतें चिंता की बात है और इसे लेकर हम संजीदा हैं। अवैध निर्माण रोकने के लिए तकनीकि का सहारा लेंगे कमिश्नर ने कहा, अवैध निर्माणों और अभियंताओं की भ्रष्टाचार की शिकायतों को हम गंभीरता से लेते हैं। समस्या ये है कि हमारे पास इंजीनियरों की संख्या बहुत कम है। अवैध निर्माण रोकने की प्रक्रिया जो अभी तक रही है उसमें जो एरिया का इंजीनियर है वही इसे कर सकता है। हम बहुत बड़े एरिया में एक जेई को तैनात करते हैं। हम इसे बदलने के लिए दो काम कर रहे हैं। एक तो तकनीकि लेकर आ रहे हैं, जिससे हमें अवैध निर्माणों का पता चलेगा। दूसरा ये कि पब्लिक के साथ विश्वास बहाली का प्रयास चल रहा है ताकि लोग हमसे शिकायत करने में हिचकें नहीं। तकनीकि तौर पर दक्ष लोगों को एमडीए में कांट्रेक्ट पर रख रहे हैं। ये तकनीकि के माध्यम से अवैध निर्माणों को लेकर बेहतर रिपोर्ट दे सकेंगे।
15 दिन में NOC नहीं जारी की तो मान लेंगे एनओसी जारी हो गई
मानचित्र पास कराने में आ रही अड़चनों पर कमिश्नर ने कहा कि, नक्शा पास कराने के लिए हमने 6 एनओसी कम कर दी हैं। मसलन जो एरिया नगर निगम में पड़ता ही नहीं है उसके लिए कोई नगर निगम की एनओसी क्यों ले।? इसी तरह कुल 6 एनओसी की बाध्यता को हटाया गया है। इस समय कुछ लोग तहसील की शिकायतें लेकर आ रहे हैं। SIR के काम की वजह से हो सकता है तहसील से एनओसी जारी होने में कुछ विलंब हो रहा हो। हम इसे भी दूर कर रहे हैं। हमने कहा है कि 15 दिन में एनओसी देनी होगी। यदि तय अवधि में एनओसी नहीं आती है तो हम इसे डीम्ड मान लेंगे। यानी कि मान लिया जाएगा कि विभाग को संबंधित मानचित्र पर कोई आपत्ति नहीं है।
जिला पंचायत से नक्शा पास, वसूली के लिए दबाव बना रहा था जेई
दुकानें बना रहे आनंद शर्मा और जसवीर सिंह का कहना है कि उनका मानचित्र जिला पंचायत से पास है। मानचित्र तब का पास है जब एमडीए का सीमा विस्तार भी नहीं हुआ था। जेई को पहली बार में ही ये बात बता दी गई थी कि उनका मानचित्र स्वीकृत है। स्वीकृत मानचित्र की कॉपी भी जेई को दे दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद कुछ दलालों के जरिए प्रेशर बनाकर जेई देवेंद्र यादव लगातार रुपयों की डिमांड कर रहा था। रकम नहीं देने पर बिल्डिंग को सील करने और गिरा देने की धमकी देता था। आनंद शर्मा का कहना है कि उनकी दुकान पर लिंटर पड़ रहा था तभी जेई डंडा लेकर आया और बगैर कुछ कहे सुने सीधा मजूदरों पर डंडे बरसाना शुरू कर दिया।

SC आयोग में शिकायत दर्ज, पुलिस घटनास्थल पर जांच को पहुंची
पीड़ित निर्माण ठेकेदार सुनील सागर ने जेई पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और लात घूसों पर डंडे से पीटने के आरोप लगाते हुए अनुसूचति जाति-जनजाति आयोग में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। इस बीच पाकबड़ा पुलिस शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंची और लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस को दिए बयान में प्रत्यक्षदर्शियों ने इस बात की पुष्टि की है कि जेई ने डंडे से मजदूरों की पिटाई की थी।

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