स्वच्छ इंदौर अब क्लीन, ग्रीन, डिजिटल इंदौर जैसी पहचान के लिए विजन-2030 के रास्ते पर चल रहा है। वर्तमान में इंदौर की जीडीपी 1.25 लाख करोड़ है। यह प्रदेश की 15.12 लाख करोड़ की जीडीपी का 8 से 9 फीसदी है। कर्नाटक में बेंगलुरु की 32 से 38% व तेलंगाना में हैदराबाद की हिस्सेदारी 40 से 44% है। इंदौर भी समृद्ध संसाधन, टैलेंट, नवाचार की ताकत से 5 साल में जीडीपी 2.70 लाख करोड़ करने की तैयारी में है। इससे प्रदेश में हमारी हिस्सेदारी 20% तक पहुंच सकती है। प्रदेश सरकार इंदौर को देश का दूसरा बड़ा मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की तैयारी में है। अगले पांच साल में विजन-2030, दोगुना जीडीपी, नई टेक्नोलॉजी ग्रोथ सेंटर, लोकल नवाचार व कौशल हब के लक्ष्य शहर को नई ऊंचाइयां देंगे। न्यू एज इकॉनोमी की दस्तक से शहर में पांच साल में 2 लाख से ज्यादा रोजगार आने की उम्मीद है। सरकारी मिशन 2047 व इंदौर की रीति-नीति के आधार पर सांसद शंकर लालवानी ने विजन 2030 का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। इसमें शहर को स्किल कैपिटल के विकसित करने की योजना है। ग्रीन फ्यूल लोक परिवहन
विजन के मुताबिक नई टेक्नोलॉजी आधारित ईवी व सीएनजी वाहनों की अधिकता होगी। लोक परिवहन भी इलेक्ट्रिक व सीएनजी आधारित रहेगा। 400 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। ग्रीन फ्यूल सीएनजी, सोलर एनर्जी का उपयोग इंडस्ट्री में भी किया जाएगा।
कनेक्टिविटी बनेगी वरदान
चारों दिशाओं में अच्छी कनेक्टिविटी है। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर सभी मॉडर्न एक्सप्रेस-वे से जुड़ गए हैं। मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक सेंटर बनने की पूरी संभावना है। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के बाद अमेरिका के शिकागो की तरह दुनिया की लॉजिस्टिक्स को आसान करेगा। 10 बड़ी अर्थव्यवस्था वाले शहरों में शामिल होगा इंदौर
2.70 लाख करोड़ रुपए तक जीडीपी पहुंचाने का लक्ष्य 21 हजार करोड़ है एक्सपोर्ट इसे 42 हजार करोड़ करेंगे। 40 फीसदी हिस्सेदारी है प्रदेश के एफडीआई में इसे 5 गुना करेंगे। 35 शहरों से एयर कनेक्टिवटी है, यात्री क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
सेट मॉडल बनेगा आधार
नीति, कौशल, लोकल इनोवेशन को बढ़ावा देंगे। प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान, मौजूदा स्थिति का आकलन, विकास को शामिल करते हुए सेट (एसईटी) मॉडल तैयार किया है। आईआईटी-आईआईएम सहित शहर की लगभग सभी प्रमुख संस्थाओं से विचार-विमर्श और छह महीने की रिसर्च के बाद तैयार पांच वर्ष में जीडीपी दोगुना करने का यह प्लान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित देश के सभी प्रमुख केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग सहित प्रमुख एजेंसियों को सौंपा जा चुका है। अब इसे लागू करने की तैयारी है। आईटी, डेटा सेंटर व स्टार्टअप ईको सिस्टम सोशल ईको सिस्टम भी बनेगा बेहतर
शिक्षा
साक्षरता दर 91 फीसदी, सरकारी-निजी साझेदारी पर स्कूलों में नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देंगे।
स्वास्थ्य सेवाएं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार, सरकारी अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी, लाइफस्टाइल डिजीज पर जागरूकता लाएंगे।
सार्वजनिक सुविधाएं
800 एमएलडी से अधिक पानी की आपूर्ति, 2.3 केवी बिजली उपलब्धता, शहरी जंगल और 20 फीसदी हरियाली पर जोर। लोकल इनोवेशन बनेंगे शहर की पहचान इंदौर में आईआईटी, आईआईएम, अच्छे इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट संस्थान हैं। ग्लोबल आईटी इंडस्ट्री है। 10 से ज्यादा इनक्यूबेशन सेंटर हैं। कॉलेज-इंडस्ट्री साझेदारी पर काम शुरू कर दिया है। इंदौर को स्किल कैपिटल बनाने पर जोर है।


