Donald Trump statement on Iran attack: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बहुत खराब हो गए हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है। उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि इजराइल ने अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए मजबूर किया था।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान से अलग है। इससे पहले विदेश मंत्री रुबियो ने कहा था कि अमेरिका ने तब कार्रवाई की जब उसे पता चला कि इजरायल हमला करने वाला है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पहले हमला कर सकता था, इसलिए यह कदम उठाया गया।
बता दें कि अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई।
ट्रंप ने क्या कहा?
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ ओवल ऑफिस में बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगा था कि ईरान पहले हमला करेगा और वह ऐसा नहीं होने देना चाहते थे।
ट्रंप ने आगे कहा कि अगर कुछ हुआ है तो शायद उन्होंने ही इजरायल को हमला करने के लिए कहा होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और रडार सिस्टम लगभग खत्म हो चुके हैं।
लोगों को वापस लाने के लिए किया इंतजाम
एतिहाद रेल ने सऊदी अरब में सीमेंट जुटाने के लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए खास इंतज़ाम किया। कंपनी ने बताया कि देश की इमरजेंसी तैयारियों के तहत उसने अबू धाबी इमरजेंसी, क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया। इस अभियान के तहत तीन विशेष यात्री ट्रेनें चलाई गईं, जो अल धाफरा क्षेत्र के घुवेइफत स्टेशन से अबू धाबी शहर के अल फाया स्टेशन तक गईं। इन इलाकों के रास्ते सऊदी अरब से लोगों को जुटा वापस लाया गया।


