Heart Attack in Children : बच्चों में हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट के कुछ मामले मीडिया में सामने आए हैं। हालही में राजस्थान में एक 09 साल की बच्ची खेल के मैदान में खेलते-खेलते अचानक गिर गई। बच्ची की मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया था। इसी तरह के कुछ और मामले भी पिछले साल देखने को मिले थे। जॉन्स हॉपकिन्स ऑल चिल्ड्रन्स हार्ट इंस्टीट्यूट में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी (बाल हृदय रोग) डॉ. आशीष शाह ने बच्चों में हार्ट की बीमारी के लक्षण बताए हैं। साथ ही बताया है कि कोविड 19 से पीड़ित बच्चों के लिए क्यों ये अधिक खतरनाक है और माता-पिता को क्या ध्यान रखना है…।
कोरोना संक्रमण बच्चों में दिल की बीमारी का खतरा!
डॉ. शाह का कहना है, बच्चे की छाती में दर्द, बेहोश हो जाना और धड़कनों का तेज होना जैसे लक्षण को नजरअंदाज ना करें। खासकर, अगर आपके बच्चे को कोविड 19 संक्रमण हुआ था तो आपको और भी अधिक सचेत होने की आवश्यकता है। क्योंकि, ऐसे बच्चों में दिल की बीमारी के चांसेज बढ़ जाते हैं। इसलिए, ये चिंता का विषय है। अगर आपके बच्चे को कोरोना संक्रमण हुआ था तो आपको बच्चे की सेहत को लेकर जागरूक होने की जरुरत है।

इस मामले में डॉक्टर से ‘क्लीयरेंस’ लेना जरुरी
वो आगे कहते हैं, साथ ही अगर आपका बच्चा खेल-कूद अधिक करता है। साथ ही कोरोन से संक्रमित हो गया हो। आपको कुछ निर्णय डॉक्टर की सहमति के आधार पर लेने चाहिए। बच्चा खेलकूद में भाग लेता है तो आपको अपने डॉक्टर से ‘क्लीयरेंस’ लेना चाहिए। इसके अलावा शारीरिक जांच के दौरान डॉक्टर को बच्चे की पुरानी बीमारियों और पारिवारिक इतिहास के बारे में जरूर बताएं। इसे छिपाने से समस्या और गंभीर हो सकती है। परिवार में यदि किसी को निम्नलिखित समस्याएं रही हों, तो डॉक्टर को सूचित करें:
- जन्मजात दिल की बीमारी
- 50 वर्ष से कम उम्र में अचानक हृदय गति रुकने से मृत्यु
- हार्ट ट्रांसप्लांट का इतिहास
बच्चों में इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज
- बच्चा अगर बिना व्यायाम किए अचानक “दिल की धड़कन बहुत तेज भागने” की शिकायत करे
- इसके साथ सीने में दर्द, चक्कर आना और चेहरे का पीला पड़ना जैसे लक्षण
- “बच्चे की छाती में खरगोश या चूहा उछल रहा हो” ऐसे महसूस करता हो
डॉक्टर बताते हैं कि अगर बच्चे में इस तरह के लक्षण दिखते हैं या अगर आपको बच्चा ऐसी शिकायत करता है तो आप हल्के में ना लें। आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


