PMCH के 30 जूनियर डॉक्टर्स पर केस दर्ज:नशे में मरीज और उनके परिजन से मारपीट, मोबाइल और ट्रॉली बैग छीना; 3 भाई हुए थे घायल

PMCH के 30 जूनियर डॉक्टर्स पर केस दर्ज:नशे में मरीज और उनके परिजन से मारपीट, मोबाइल और ट्रॉली बैग छीना; 3 भाई हुए थे घायल

पीएमसीएच में कार्यरत और पढ़ रहे 25-30 जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ पटना के पीरबहोर थाने में केस रजिस्टर्ड हुआ है। इन सभी पर नशे में मारपीट करने और मोबाइल, ट्रॉली बैग छीनने का आरोप पेशेंट ने लगाए हैं। दरअसल मधुबनी के रहने वाले राहुल कुमार मिश्राक(31) ट्रेन से सफर कर रहे थे। इसी दौरान अथमलगोला के पास बीते 2 मार्च को उनके साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना में राहुल और उनके भाई सोनू घायल हो गए। उनका प्रारंभिक इलाज बाढ़ अनुमंडल के अस्पताल में कराया गया। सीटी स्कैन बाहर से कराने को लेकर बहस इसके बाद डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया। राहुल ने बताया कि 3 मार्च को 11:15 बजे सुबह में PMCH आए। सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर के द्वारा सीटी स्कैन बाहर से करने के लिए कहा गया। मैं इस पर कहा कि पुर्जा पर लिखकर दे दीजिए, यहां नहीं होगा। तो फिर मैं बाहर से करा लूंगा। इसी को लेकर बहस होने लगी। इस बात से डॉक्टर्स और गार्ड इतने गुस्से में आ गए कि मुझे, मेरी मां, मेरे भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी। गालियां देने लगें। जैसे तैसे हम लोग वहां से निकलकर बाहर जान बचाकर भाग रहे थे। इसी बीच मरीन ड्राइव की ओर बाहर निकलने वाले रास्ते के पास PMCH कैंपस में तीनों भाइयों को गार्ड और 25 से 30 जूनियर डॉक्टर्स ने घेर लिया और बुरी तरह से मारने पीटने लगे। नशे में थे सभी राहुल मिश्रा ने पुलिस को बताया है कि सभी डॉक्टर्स नशे में थे। मारपीट करने के साथ ट्रॉली बैग मोबाइल फोन छीन लिए। ट्रॉली बैग में कपड़े के अलावा बेशकीमती कीमती सामान भी थे। इंजरी के लिए काटनी पड़ी चक्कर इस मारपीट की घटना के बाद इंजरी के लिए पीड़ितों को अस्पताल की चक्कर लगानी पड़ी। सबसे पहले पीड़ित इलाज करने के लिए गार्डनर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने इंजरी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद तीनों भाई पर्ची लेकर सदर अस्पताल गर्दनीबाग गए। तकरीबन 2 घंटे तक भटकते रहे। मजबूरन पटना के एक निजी अस्पताल में ट्रीटमेंट करना पड़ा। पीरबहोर के थानेदार सज्जाद गद्दी ने बताया कि 25 से 30 अज्ञात डॉक्टर्स के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज हुई है। इसमें हॉस्टल में रह रहे जूनियर डॉक्टर्स और इलाज कर रहे डॉक्टर्स हैं। छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज निकालने गई थी पुलिस पुलिस इस घटना का सीसीटीवी फुटेज निकालना गई थी। लेकिन होली के चलते दफ्तर बंद थे। जिसके चलते सीसीटीवी फुटेज नहीं निकल पाया। पुलिस का कहना है कि दफ्तर खुलने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज निकाल कर सुरक्षित कर लिया जायेगा। पीएमसीएच में कार्यरत और पढ़ रहे 25-30 जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ पटना के पीरबहोर थाने में केस रजिस्टर्ड हुआ है। इन सभी पर नशे में मारपीट करने और मोबाइल, ट्रॉली बैग छीनने का आरोप पेशेंट ने लगाए हैं। दरअसल मधुबनी के रहने वाले राहुल कुमार मिश्राक(31) ट्रेन से सफर कर रहे थे। इसी दौरान अथमलगोला के पास बीते 2 मार्च को उनके साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना में राहुल और उनके भाई सोनू घायल हो गए। उनका प्रारंभिक इलाज बाढ़ अनुमंडल के अस्पताल में कराया गया। सीटी स्कैन बाहर से कराने को लेकर बहस इसके बाद डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया। राहुल ने बताया कि 3 मार्च को 11:15 बजे सुबह में PMCH आए। सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर के द्वारा सीटी स्कैन बाहर से करने के लिए कहा गया। मैं इस पर कहा कि पुर्जा पर लिखकर दे दीजिए, यहां नहीं होगा। तो फिर मैं बाहर से करा लूंगा। इसी को लेकर बहस होने लगी। इस बात से डॉक्टर्स और गार्ड इतने गुस्से में आ गए कि मुझे, मेरी मां, मेरे भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी। गालियां देने लगें। जैसे तैसे हम लोग वहां से निकलकर बाहर जान बचाकर भाग रहे थे। इसी बीच मरीन ड्राइव की ओर बाहर निकलने वाले रास्ते के पास PMCH कैंपस में तीनों भाइयों को गार्ड और 25 से 30 जूनियर डॉक्टर्स ने घेर लिया और बुरी तरह से मारने पीटने लगे। नशे में थे सभी राहुल मिश्रा ने पुलिस को बताया है कि सभी डॉक्टर्स नशे में थे। मारपीट करने के साथ ट्रॉली बैग मोबाइल फोन छीन लिए। ट्रॉली बैग में कपड़े के अलावा बेशकीमती कीमती सामान भी थे। इंजरी के लिए काटनी पड़ी चक्कर इस मारपीट की घटना के बाद इंजरी के लिए पीड़ितों को अस्पताल की चक्कर लगानी पड़ी। सबसे पहले पीड़ित इलाज करने के लिए गार्डनर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने इंजरी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद तीनों भाई पर्ची लेकर सदर अस्पताल गर्दनीबाग गए। तकरीबन 2 घंटे तक भटकते रहे। मजबूरन पटना के एक निजी अस्पताल में ट्रीटमेंट करना पड़ा। पीरबहोर के थानेदार सज्जाद गद्दी ने बताया कि 25 से 30 अज्ञात डॉक्टर्स के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज हुई है। इसमें हॉस्टल में रह रहे जूनियर डॉक्टर्स और इलाज कर रहे डॉक्टर्स हैं। छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज निकालने गई थी पुलिस पुलिस इस घटना का सीसीटीवी फुटेज निकालना गई थी। लेकिन होली के चलते दफ्तर बंद थे। जिसके चलते सीसीटीवी फुटेज नहीं निकल पाया। पुलिस का कहना है कि दफ्तर खुलने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज निकाल कर सुरक्षित कर लिया जायेगा।  

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