फाल्गुन पूर्णिमा, चंद्रग्रहण पर सनातन महासभा का आयोजन:झूलेलाल वाटिका में सनातन समागम और 149वीं गोमती महाआरती

फाल्गुन पूर्णिमा, चंद्रग्रहण पर सनातन महासभा का आयोजन:झूलेलाल वाटिका में सनातन समागम और 149वीं गोमती महाआरती

फाल्गुन पूर्णिमा और चंद्रग्रहण के विशेष संयोग पर सनातन महासभा ने झूलेलाल वाटिका, गोमती तट पर सनातन समागम और 149वीं आदि गंगा माँ गोमती महाआरती का आयोजन किया। इस अवसर पर मंत्र जाप, शंखनाद और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने नशा मुक्त होली मनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, स्वस्तिवाचन और पुष्पांजलि के साथ हुआ। पूज्य स्वामी आनंद नारायण जी के सानिध्य में सात भव्य मंचों से महाआरती संपन्न की गई। मृदंग, मंजीरा, ढोल, ताशे और शंख की गूंज से पूरा गोमती तट भक्तिमय हो गया। नशा मुक्त होली मनाने के लिए प्रेरित किया महासभा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण ने बताया कि पूर्णिमा के अवसर पर युवाओं को नशा मुक्त होली मनाने के लिए प्रेरित किया गया। महाआरती से पहले श्रीगणेश वंदना के साथ नशा मुक्त समाज के निर्माण पर चर्चा हुई। होली मिलन समारोह में फूलों की होली खेली गई, जहाँ लोगों ने गले मिलकर जातिवाद और संप्रदायवाद जैसी बुराइयों को मिटाने का संदेश दिया। भजन संध्या में शशि गुप्ता, मीरा तिवारी और गीता निगम ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए। महिलाओं और बच्चों ने रामायण, गीता और शरीर विज्ञान विषयों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। धर्म विस्तार का संकल्प दिलाया गया महाआरती के उपरांत 251 दीपों से पूरा घाट दीपावली की तरह प्रकाशित हो उठा। श्रद्धालुओं ने तुलसी दल का प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर 11 सनातन पदाधिकारियों को गंगाजल, कृपाण और तलवार भेंट कर धर्म विस्तार का संकल्प दिलाया गया। साथ ही, समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रवि कचरू सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्ति, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के इस संगम ने आयोजन को यादगार बना दिया।

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